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एलपीजी गैस किट लगवाने और रजिस्ट्रेशन पर रोक
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:38 AM IST
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कार में घरेलू गैस का इस्तेमाल। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। घरेलू रसोई गैस के एलपीजी किट में इस्तेमाल से हो रहे हादसों पर अमर उजाला की खबर का असर सामने आया है। अब आरटीओ आरआर सोनी ने एलपीजी गैस किट के रजिस्ट्रेशन पर बदायूं और शाहजहांपुर में रोक लगा दी है। एआरटीओ कार्यालय से अब ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा। वैध गैस किट भी नहीं लगाई जा सकेंगी। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग और हादसों के कारण यह निर्णय किया गया है।
हाल ही में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक कार में एक्सीडेंट के बाद एलपीजी गैस किट में आग लग गई थी। इससे कार आग का गोला बन गई और उसमें ठेकेदार साले बहनोई जिंदा जलकर मर गए थे। एक मासूम बच्चे ने कूदकर जान बचाई थी। हालांकि कार का टेक्निकल मुआयना अभी नहीं हो सका है पर मौके पर जांच के बाद माना गया था कि एक्सीडेंट के बाद सस्ती गैस किट फटने से यह हादसा हुआ था। इस बारे में अमर उजाला ने भी एक खबर प्रकाशित की थी। घरेलू सिलेंडरों से गैस किट में हो रही रीफिलिंग का भी जिक्र किया गया था। इसके अलावा शहर में कई जगह अवैध गैस किट लगाने के धंधे का भी उल्लेख था। जिक्र था कि अधिकतर लोग शहर में एलपीजी गैस डलवाने के लिए अधिकृत दास ऑटो सेंटर की बजाय सस्ते में दुकानों से गैस रीफिलिंग करा रहे हैं। इसके बाद आरटीओ का निर्देश एआरटीओ बदायूं को प्राप्त हुआ है। इसमें नए एलपीजी गैस किट रजिस्ट्रेशन न करने को कहा गया है। इसके अलावा बरेली के आरएफसी सेंटरों (रेट्रो फिलिंग स्टेशन) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह नए निर्देश तक किसी वाहन में गैस किट न लगाएं। आरटीओ का आदेश मिलने के बाद एआरटीओ प्रशासन एनसी शर्मा ने भी इन आरएफसी सेंटरों को इस बारे में पत्र लिख दिया है।
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गैस किट पर रोक संबंधी आरटीओ का निर्देश हमें मिल गया है। उनके नए निर्देश तक गैस किट पर रोक प्रभावी रहेगी। रजिस्ट्रेशन से लेकर किट लगाने तक पर रोक प्रभावी रहेगी।
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- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रवर्तन
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हाल ही में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक कार में एक्सीडेंट के बाद एलपीजी गैस किट में आग लग गई थी। इससे कार आग का गोला बन गई और उसमें ठेकेदार साले बहनोई जिंदा जलकर मर गए थे। एक मासूम बच्चे ने कूदकर जान बचाई थी। हालांकि कार का टेक्निकल मुआयना अभी नहीं हो सका है पर मौके पर जांच के बाद माना गया था कि एक्सीडेंट के बाद सस्ती गैस किट फटने से यह हादसा हुआ था। इस बारे में अमर उजाला ने भी एक खबर प्रकाशित की थी। घरेलू सिलेंडरों से गैस किट में हो रही रीफिलिंग का भी जिक्र किया गया था। इसके अलावा शहर में कई जगह अवैध गैस किट लगाने के धंधे का भी उल्लेख था। जिक्र था कि अधिकतर लोग शहर में एलपीजी गैस डलवाने के लिए अधिकृत दास ऑटो सेंटर की बजाय सस्ते में दुकानों से गैस रीफिलिंग करा रहे हैं। इसके बाद आरटीओ का निर्देश एआरटीओ बदायूं को प्राप्त हुआ है। इसमें नए एलपीजी गैस किट रजिस्ट्रेशन न करने को कहा गया है। इसके अलावा बरेली के आरएफसी सेंटरों (रेट्रो फिलिंग स्टेशन) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह नए निर्देश तक किसी वाहन में गैस किट न लगाएं। आरटीओ का आदेश मिलने के बाद एआरटीओ प्रशासन एनसी शर्मा ने भी इन आरएफसी सेंटरों को इस बारे में पत्र लिख दिया है।
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गैस किट पर रोक संबंधी आरटीओ का निर्देश हमें मिल गया है। उनके नए निर्देश तक गैस किट पर रोक प्रभावी रहेगी। रजिस्ट्रेशन से लेकर किट लगाने तक पर रोक प्रभावी रहेगी।
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- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रवर्तन