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लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी भी नहीं हो सकी गेहूं खरीद
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Sun, 11 Jun 2017 11:44 PM IST
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गेहूं की खरीद
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क्रय केंद्रों पर खरीद बंद होने में सिर्फ चार दिन शेष
गेहूं खरीद में इस बार भी जिला पिछड़ गया है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में 50 फीसदी भी खरीद नहीं हो सकी है। सबसे ज्यादा बुरा हाल यूपीएसएस का है। इस एजेंसी को 23000 मीट्रिक टन गेेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले 1354 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। 15 जून तक ही गेहूं खरीद होनी है। ऐसे में नहीं लगता कि अगले चार दिन में लक्ष्य के सापेक्ष खरीद हो सकेगी।
जिले को 201000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। अब तक मात्र 90361.60 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 44.96 फीसदी ही है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद न होने के पीछे विभागीय उदासीनता और क्रय केंद्रों पर व्याप्त असुविधाओं को बताया जा रहा है। इस साल सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी 100 रुपये का इजाफा किया था। इसके बावजूद जिले में किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों को तवज्जो नहीं दी। गेहूं खरीद के लिए जिले में 117 क्रय केंद्र बनाए गए थे। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद 15 जून तक चलनी है। अब तक क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक काफी कम रही है। गेहूं खरीद में सिर्फ चार दिन शेष हैं। अब गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नही हो पाएगा।
क्यों नही हो पाई खरीद
1. क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करने पर किसानों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। किसानों को अक्सर शिकायत रहती थी कि क्रय केंद्रों पर कई प्रकार की बहानेबाजी की जाती थी साथ ही उनके गेहूं में कई कमियां गिना दी जाती हैं। जबकि बाहर से आने वाले व्यापारी हाथों हाथ गेहूं ले लेते हैं।
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2. गेहूं केंद्रों पर किसानों को पैसे का भुगतान देर से होने की वजह से रही। केंद्रों की ओर से पैसे का भुगतान दो-तीन लग जाते थे, लेकिन व्यापारियों की तुरंत पैसे का भुगतान करते हैं।
3. भूरे, प्रकाश, और राकेश ने बताया कि किसानों ने बताया कि केंद्र दूर बनाया गया है, जबकि व्यापारियों की आढ़ते नजदीक हैं। इसलिए गेहूं ले जाने में दिक्कतें होती हैं, और व्यापारी पैैसे का भुगतान भी तुरंत करते है। इसलिए क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं बेच पाए।
गेहूं खरीद में मंडल में बदायूं सबसे आगे है। प्रदेश के कई जिलों में भी बदायूं आगे है। शत-प्रतिशत गेहूं खरीद कभी नहीं हो पाती है। इसके बाद भी खरीद कम क्यों हुई, इसके लिए डिप्टी आरएमओ से बात की जाएगी।
- अनिता श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
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किसका कितना लक्ष्य और कितनी खरीद
शाखा खरीद लक्ष्य
विपणन 10969.65 - 30000
पीसीएफ 36030 - 48000
एसएफसी 2854.25 - 12000
एग्रो 6565.10 - 15000
यूपीपीसीयू 12002.30 - 38000
यूपीएसएस 1354 - 23000
भा.खा.नि 20586.10 - 35000
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मीट्रिक टन मे
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गेहूं खरीद में इस बार भी जिला पिछड़ गया है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में 50 फीसदी भी खरीद नहीं हो सकी है। सबसे ज्यादा बुरा हाल यूपीएसएस का है। इस एजेंसी को 23000 मीट्रिक टन गेेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले 1354 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। 15 जून तक ही गेहूं खरीद होनी है। ऐसे में नहीं लगता कि अगले चार दिन में लक्ष्य के सापेक्ष खरीद हो सकेगी।
जिले को 201000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। अब तक मात्र 90361.60 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 44.96 फीसदी ही है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद न होने के पीछे विभागीय उदासीनता और क्रय केंद्रों पर व्याप्त असुविधाओं को बताया जा रहा है। इस साल सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी 100 रुपये का इजाफा किया था। इसके बावजूद जिले में किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों को तवज्जो नहीं दी। गेहूं खरीद के लिए जिले में 117 क्रय केंद्र बनाए गए थे। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद 15 जून तक चलनी है। अब तक क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक काफी कम रही है। गेहूं खरीद में सिर्फ चार दिन शेष हैं। अब गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नही हो पाएगा।
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क्यों नही हो पाई खरीद
1. क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करने पर किसानों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। किसानों को अक्सर शिकायत रहती थी कि क्रय केंद्रों पर कई प्रकार की बहानेबाजी की जाती थी साथ ही उनके गेहूं में कई कमियां गिना दी जाती हैं। जबकि बाहर से आने वाले व्यापारी हाथों हाथ गेहूं ले लेते हैं।
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2. गेहूं केंद्रों पर किसानों को पैसे का भुगतान देर से होने की वजह से रही। केंद्रों की ओर से पैसे का भुगतान दो-तीन लग जाते थे, लेकिन व्यापारियों की तुरंत पैसे का भुगतान करते हैं।
3. भूरे, प्रकाश, और राकेश ने बताया कि किसानों ने बताया कि केंद्र दूर बनाया गया है, जबकि व्यापारियों की आढ़ते नजदीक हैं। इसलिए गेहूं ले जाने में दिक्कतें होती हैं, और व्यापारी पैैसे का भुगतान भी तुरंत करते है। इसलिए क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं बेच पाए।
गेहूं खरीद में मंडल में बदायूं सबसे आगे है। प्रदेश के कई जिलों में भी बदायूं आगे है। शत-प्रतिशत गेहूं खरीद कभी नहीं हो पाती है। इसके बाद भी खरीद कम क्यों हुई, इसके लिए डिप्टी आरएमओ से बात की जाएगी।
- अनिता श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
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किसका कितना लक्ष्य और कितनी खरीद
शाखा खरीद लक्ष्य
विपणन 10969.65 - 30000
पीसीएफ 36030 - 48000
एसएफसी 2854.25 - 12000
एग्रो 6565.10 - 15000
यूपीपीसीयू 12002.30 - 38000
यूपीएसएस 1354 - 23000
भा.खा.नि 20586.10 - 35000
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मीट्रिक टन मे