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गेहूं खरीद में मनमानी: मंडी समिति पर किसानों से इंकार, दलालों से ‘करार’
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बदायूं। जिले में सरकारी क्रय केंद्रों का हाल बेहाल है। अधिकांश जगहों पर क्रय केंद्र प्रभारियों ने बिचौलियों से सांठगांठ कर ली है, जिससे किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है, बल्कि शाम होते ही दलालों से गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाती है। हालात ये हैं कि मंडी में आम किसानों के लिए पिछले दो दिन से खरीद बंद पड़ी है। किसानों का आरोप है कि वे पिछले दो-तीन दिन से गेहूं भरी ट्रॉलियां लेकर केंद्र पर खड़े हैं, लेकिन कभी मजदूरों, तो कभी अन्य बहाने दिखाकर उनके गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है, जबकि बीच-बीच में दलालों और बिचौलियों के गेहूं खरीदे जा रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से शहर की मंडी समिति में दो क्रय केंद्रों खोले गए हैं। इन केंद्रों पर गेहूं खरीद का बुरा हाल है, तो जिले में स्थापित अन्य क्रय केंद्रों की स्थिति का अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है। वहां पर मौजूद किसानों की मानें तो वह लोग पिछले दो-तीन दिन से गेहूं से भरी ट्रॉली के साथ यहां पर खड़े हुए हैं, लेकिन अभी तक गेेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। किसानों का कहना है कि सोमवार को दोपहर बाद जब वे गेहूं लेकर पहुंचे, तो उन्हें कर्मचारियों ने खुद को अन्य कामों में उलझा बताकर कुछ देर बाद खरीद करने को कहा। ऐसा करते-करते शाम हो गई। इसके बाद में उनके गेहूं को खरीदने से मना कर दिया गया। मंगलवार को जब क्रय केंद्र पर कर्मचारी आए, तो उन्होंने बताया कि यहां पर काम करने वाले मजदूर को पांच दिन से पेमेंट नहीं हुआ, इस कारण तैनात सभी 18 मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया है। इनसे वार्ता चल रही है, जल्द खरीद शुरू हो जाएगी। ऐसे में किसान इंतजार के अलावा कुछ नहीं कर सके, लेकिन इसी बीच दोपहर के समय कुछ लोग गेहूं लेकर आए, उनकी तुरंत खरीद शुरू हो गई। किसानों ने पूछा तो उन्होंने बताया कि उनका नंबर पहले से लगा था और उनका पेमेंट भी मजदूरों का पहले ही कर दिया गया। इसलिए उनकी खरीद की जा रही है।
पेमेंट को लेकर मजदूूरों ने हड़ताल कर दी थी। ठेकेदार से वार्ता हुई है, अब गेहूं की खरीद की जाएगी। यहां पर बिचौलियों से गेहूं नहीं लिया जा रहा है, बल्कि किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है।
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- आलोक भट्ट, क्रय केंद्र प्रभारी आरएफसी
खरीद नहीं होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। खरीद क्यों नहीं हो ही रही, इसकी जानकारी की जाएगी। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-प्रकाश नारायण, जिला विपणन अधिकारी
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जिला प्रशासन की ओर से शहर की मंडी समिति में दो क्रय केंद्रों खोले गए हैं। इन केंद्रों पर गेहूं खरीद का बुरा हाल है, तो जिले में स्थापित अन्य क्रय केंद्रों की स्थिति का अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है। वहां पर मौजूद किसानों की मानें तो वह लोग पिछले दो-तीन दिन से गेहूं से भरी ट्रॉली के साथ यहां पर खड़े हुए हैं, लेकिन अभी तक गेेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। किसानों का कहना है कि सोमवार को दोपहर बाद जब वे गेहूं लेकर पहुंचे, तो उन्हें कर्मचारियों ने खुद को अन्य कामों में उलझा बताकर कुछ देर बाद खरीद करने को कहा। ऐसा करते-करते शाम हो गई। इसके बाद में उनके गेहूं को खरीदने से मना कर दिया गया। मंगलवार को जब क्रय केंद्र पर कर्मचारी आए, तो उन्होंने बताया कि यहां पर काम करने वाले मजदूर को पांच दिन से पेमेंट नहीं हुआ, इस कारण तैनात सभी 18 मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया है। इनसे वार्ता चल रही है, जल्द खरीद शुरू हो जाएगी। ऐसे में किसान इंतजार के अलावा कुछ नहीं कर सके, लेकिन इसी बीच दोपहर के समय कुछ लोग गेहूं लेकर आए, उनकी तुरंत खरीद शुरू हो गई। किसानों ने पूछा तो उन्होंने बताया कि उनका नंबर पहले से लगा था और उनका पेमेंट भी मजदूरों का पहले ही कर दिया गया। इसलिए उनकी खरीद की जा रही है।
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पेमेंट को लेकर मजदूूरों ने हड़ताल कर दी थी। ठेकेदार से वार्ता हुई है, अब गेहूं की खरीद की जाएगी। यहां पर बिचौलियों से गेहूं नहीं लिया जा रहा है, बल्कि किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है।
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- आलोक भट्ट, क्रय केंद्र प्रभारी आरएफसी
खरीद नहीं होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। खरीद क्यों नहीं हो ही रही, इसकी जानकारी की जाएगी। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-प्रकाश नारायण, जिला विपणन अधिकारी