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महिला अस्पताल में खराब गुणवता पर भोजन का ठेका निरस्त
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:33 PM IST
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प्रसूताओं की थाली से अंडा, दूध गायब
भड़के डीएम, महिला अस्पताल में खराब गुणवत्ता पर भोजन का ठेका निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। महिला अस्पताल में प्रसूताओं की हालत सुधारने के लिए गुणवत्ता युक्त भोजन दिए जाने का ठेका हुआ था। कुछ समय तक तो ठीक चला, परंतु बाद में धीरे-धीरे पौष्टिक आहार बंद हो गया। प्रसूताओं के भोजन से अंडा और दूध गायब हो गए। इसी लापरवाही पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ठेका निरस्त कर दिया है।
सपा शासनकाल में महिला और जिला अस्पताल के मरीजों की भोजन व्यवस्था का ठेका एक पूर्व मंत्री के नजदीकी ठेकेदार को मिला था। सत्ता परिवर्तन के बाद धीरे-धीरे इस ठेकेदार के सारे ठेके खत्म हो गए, परंतु हाल फिलहाल में निकाले गए टेंडर को किसी तरह इसी ठेकेदार ने सिफारिश करवा कर फिर से ले लिया। शुरुआती दौर में कुछ ठीक चला लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे प्रसूताओं को पौष्टिक आहार देना बंद हो गया। प्रसूताओं को पतली दाल दी जा रही थी। दूध तो पूरी तरह से गायब हो गया था। सब्जियां भी वहीं दी जा रहीं थीं, जो बाजार में सस्ती मिल रहीं थीं। प्रसूताओं को दिए जाने वाले खराब भोजन के बारे में कुछ तीमारदारों ने डीएम से शिकायत की। इस पर डीएम के आदेश पर सीएमओ ने भोजन गुुणवत्ता की जांच कराई। इस दौरान पता चला कि अंडा और दूध प्रसूताओं को नहीं दिया जा रहा है। बाकी सब्जियां और दाल की गुणवत्ता भी खराब है। सब्जियों की ठीक से धुलाई तक नहीं होती है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से महिला अस्पताल का भोजन का ठेका निरस्त कर दिया है।
वर्जन-
महिला अस्पताल में ठेके पर बन रहे भोजन की गुणवत्ता खराब पाई गई थी। यह भी सामने आया कि शासनादेश के अनुसार ठेका गलत हुआ था। इसलिए इसे निरस्त किया गया है।
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- दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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प्रसूताओं की डाइट
सुबह: नाश्ते में चार ब्रेड और एक गिलास दूूध
दोपहर: छह रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी
शाम: छह रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी
अंडा दिन में एक बार जो लेना चाहे।
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भड़के डीएम, महिला अस्पताल में खराब गुणवत्ता पर भोजन का ठेका निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। महिला अस्पताल में प्रसूताओं की हालत सुधारने के लिए गुणवत्ता युक्त भोजन दिए जाने का ठेका हुआ था। कुछ समय तक तो ठीक चला, परंतु बाद में धीरे-धीरे पौष्टिक आहार बंद हो गया। प्रसूताओं के भोजन से अंडा और दूध गायब हो गए। इसी लापरवाही पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ठेका निरस्त कर दिया है।
सपा शासनकाल में महिला और जिला अस्पताल के मरीजों की भोजन व्यवस्था का ठेका एक पूर्व मंत्री के नजदीकी ठेकेदार को मिला था। सत्ता परिवर्तन के बाद धीरे-धीरे इस ठेकेदार के सारे ठेके खत्म हो गए, परंतु हाल फिलहाल में निकाले गए टेंडर को किसी तरह इसी ठेकेदार ने सिफारिश करवा कर फिर से ले लिया। शुरुआती दौर में कुछ ठीक चला लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे प्रसूताओं को पौष्टिक आहार देना बंद हो गया। प्रसूताओं को पतली दाल दी जा रही थी। दूध तो पूरी तरह से गायब हो गया था। सब्जियां भी वहीं दी जा रहीं थीं, जो बाजार में सस्ती मिल रहीं थीं। प्रसूताओं को दिए जाने वाले खराब भोजन के बारे में कुछ तीमारदारों ने डीएम से शिकायत की। इस पर डीएम के आदेश पर सीएमओ ने भोजन गुुणवत्ता की जांच कराई। इस दौरान पता चला कि अंडा और दूध प्रसूताओं को नहीं दिया जा रहा है। बाकी सब्जियां और दाल की गुणवत्ता भी खराब है। सब्जियों की ठीक से धुलाई तक नहीं होती है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से महिला अस्पताल का भोजन का ठेका निरस्त कर दिया है।
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वर्जन-
महिला अस्पताल में ठेके पर बन रहे भोजन की गुणवत्ता खराब पाई गई थी। यह भी सामने आया कि शासनादेश के अनुसार ठेका गलत हुआ था। इसलिए इसे निरस्त किया गया है।
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- दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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प्रसूताओं की डाइट
सुबह: नाश्ते में चार ब्रेड और एक गिलास दूूध
दोपहर: छह रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी
शाम: छह रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी
अंडा दिन में एक बार जो लेना चाहे।