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कर्मचारियों को चाहिए बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:03 AM IST
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बदायूं। पुरानी पेंशन की बहाली, केंद्रीय कर्मचारियों के समान सभी भत्ते देने समेत 18 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी धरना-प्रदर्शन को यहां पहुंचे गए। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष संजय कुमार आर्य ने कहा कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को बंद कर दिया गया है। पेंशन किसी भी कर्मचारी के लिए बुढ़ापे की लाठी होती है। इसलिए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुरानी पेंशन को बहाल करना चाहिए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सभी मांगों को लेकर प्रदेश भर के कर्मचारी एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में कर्मचारी खामोश नहीं रहेंगे। बाद में अपनी मांगों को लेकर सीएम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर महामंत्री प्रदीप चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष विजय मिश्रा, मंदन मुरारी, प्रेम प्रकाश, राजीव गुप्ता, ग्रीश चंद्र, राजीव भारतीय, ऋषि कुमार, महाराज सिंह, ललतेश, लज्जाराम, राम प्रकाश, अरुण, विजेंद्र सिंह समेत तमाम कर्मचारी मौजूद थे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी धरना-प्रदर्शन को यहां पहुंचे गए। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष संजय कुमार आर्य ने कहा कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को बंद कर दिया गया है। पेंशन किसी भी कर्मचारी के लिए बुढ़ापे की लाठी होती है। इसलिए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुरानी पेंशन को बहाल करना चाहिए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सभी मांगों को लेकर प्रदेश भर के कर्मचारी एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में कर्मचारी खामोश नहीं रहेंगे। बाद में अपनी मांगों को लेकर सीएम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर महामंत्री प्रदीप चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष विजय मिश्रा, मंदन मुरारी, प्रेम प्रकाश, राजीव गुप्ता, ग्रीश चंद्र, राजीव भारतीय, ऋषि कुमार, महाराज सिंह, ललतेश, लज्जाराम, राम प्रकाश, अरुण, विजेंद्र सिंह समेत तमाम कर्मचारी मौजूद थे।
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