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गंगा में नहाने के दौरान फुफेरे-ममेरे भाई पानी में डूबे, एक मौत
Updated Sun, 27 Aug 2017 07:32 PM IST
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सहसवान/ जरीफनगर / दहगवां (बदायूं)। गंगा नहाने गए तीन ममरे-फुफेरे भाई गहरे पानी में चले जाने से डूब गए। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दो को बचा लिया गया। जबकि तीसरे की डूबने से मौत हो गई। हादसेे का पता लगने पर गंगा के किनारे हजारों की भीड़ जुटी रही।
थाना जरीफनगर के गांव मालपुर ततैरा निवासी 25 वर्षीय पुष्पेंद्र अपने फुफेरे भाई विकास निवासी गांव वेहटा थाना बिल्सी और अपने तहेरे भाई दीपक के साथ रविवार की सुबह करीब आठ बजे मालपुर घाट पर स्नान करने गया था। तीनों युवक गंगा में स्नान करते समय गहरे पानी में पहुंचकर डुबकियां लगाने लगे। डूबने की आशंका को लेकर तीनों युवकों ने चीख पुकार शुरू कर दी। घाट के किनारे खड़े लोगों ने तीनों युवकों को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद तीनों युवकों के डूबने की सूचना पर आसपास के गोताखोर भी मौके पर पहुंच गए और तीनों की खोजबीन शुरू कर दी। जल्द ही विकास और दीपक को सकुशल बाहर निकाल लिया जबकि पुष्पेंद्र तेज बहाव के साथ बहता हुआ आगे चला गया। देर शाम गोताखोरों ने पुष्पेंद्र का शव बरामद कर लिया। आसपास के दर्जनों गांव के किसान मौके पर पहुंच गए। वहीं पुष्पेंद्र के घर में कोहराम मचा है। उधर, तहसील प्रशासन ने दैवीय आपदा का मामला न होने की बात कहकर मामले को रफा दफा कर दिया। छह घंटे बीतने के बाद भी प्रशासन से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मात्र हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचे और जानकारी ली।
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थाना जरीफनगर के गांव मालपुर ततैरा निवासी 25 वर्षीय पुष्पेंद्र अपने फुफेरे भाई विकास निवासी गांव वेहटा थाना बिल्सी और अपने तहेरे भाई दीपक के साथ रविवार की सुबह करीब आठ बजे मालपुर घाट पर स्नान करने गया था। तीनों युवक गंगा में स्नान करते समय गहरे पानी में पहुंचकर डुबकियां लगाने लगे। डूबने की आशंका को लेकर तीनों युवकों ने चीख पुकार शुरू कर दी। घाट के किनारे खड़े लोगों ने तीनों युवकों को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद तीनों युवकों के डूबने की सूचना पर आसपास के गोताखोर भी मौके पर पहुंच गए और तीनों की खोजबीन शुरू कर दी। जल्द ही विकास और दीपक को सकुशल बाहर निकाल लिया जबकि पुष्पेंद्र तेज बहाव के साथ बहता हुआ आगे चला गया। देर शाम गोताखोरों ने पुष्पेंद्र का शव बरामद कर लिया। आसपास के दर्जनों गांव के किसान मौके पर पहुंच गए। वहीं पुष्पेंद्र के घर में कोहराम मचा है। उधर, तहसील प्रशासन ने दैवीय आपदा का मामला न होने की बात कहकर मामले को रफा दफा कर दिया। छह घंटे बीतने के बाद भी प्रशासन से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मात्र हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचे और जानकारी ली।
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