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Budaun News: बाधाओं को दरकिनार कर 41 महिलाओं ने चुनी रोडवेज की नौकरी

Thu, 19 Feb 2026 01:58 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Thu, 19 Feb 2026 01:58 AM IST
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41 women defy the odds and choose roadways jobs
रोडवेज बस स्टैंड से संचालित इन्हीं बसों में डयूटी कर रहीं महिला परिचालक।संवाद
बदायूं। तमाम बाधाओं को दरकिनार कर महिलाओं व युवतियों ने परिवहन निगम में परिचालक की नौकरी को चुना। जिले में इनकी संख्या 41 है। समाज के मिथक तोड़कर इन महिलाओं ने आत्मनिर्भरता का रास्ता अपनाकर आधी आबादी को एक नया संदेश दिया है।
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करीब आठ माह से यह महिलाएं समय से अपनी ड्यूटी करती आ रहीं हैं। इन महिलाएं को बसों में टिकट बनाते देख अन्य महिलाओं व युवतियों के मन में भी आत्मनिर्भर बनने की महत्वाकांक्षा जाग रही है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के सहयोग से आठ माह पूर्व बरेली वर्कशॉप में रोजगार मेला लगाया गया था।
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इसमें 250 से ज्यादा महिला अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। वहीं, जिले में 24 संविदा परिचालक पद पर महिलाओं को तैनाती दी गई थी। इसमें से एक महिला परिचालक ने नौकरी छोड़ दी। जबकि 23 पहले से काम करती आ रहीं हैं। इसी के साथ पिछले महीने भी 18 महिला परिचालकों ने डयूटी शुरू की है। यह महिला परिचालक ईमानदारी की मिसाल पेश कर रहीं हैं।
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आसान नहीं लड़कियोंं को नौकरी करना,फिर भी संभाला मोर्चा

महिला के लिए परिचालक की नौकरी करना आसान नहीं है। फिर भी मोर्चा संभाला है। सभी बाधाओं को दूर करते हुए ड्यूटी ज्वाइन की। समाज के लोग तरह-तरह की बातें करते हैं। इसके बाद भी उन्होंने किसी की परवाह किए बिना ही आत्मनिर्भर बनने की ठानी और संविदा की नौकरी के लिए हां कर दी। अब वह नौकरी कर रहीं हैं तो अन्य महिलाएं व युवतियां उनसे नौकरी के बारे में जानकारी लेने आती हैं।-नित्या कुमारी, महिला परिचालक



परिवार ने भी नहीं दी थी अनुमति
महिलाएं जब सरहद पर जाकर देश की सेवा कर सकती हैं तो परिवहन निगम में सेवा क्यों नहीं कर सकतीं। समाज के लोग तो जाने क्या-क्या कहते हैं। उनकी बातों को दरकिनार कर हमने आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम उठाया है। एक बार को तो परिवार के लोगों ने भी नौकरी न करने की बात कह दी थी, लेकिन अब सब खुश हैं। महिलाएं अब किसी से कम नहीं हैं। -सुरभि, महिला परिचालक


कोट,


महिला परिचालक पूरी ईमानदारी व समय से ड्यूटी कर रहीं हैं। उनको किसी प्रकार की कोई दिक्कत होने दी जा रही है। महिला परिचालकों को दिन की ड्यूटी पर ही भेजा जाता है। - राजेश पाठक, एआरएम बदायूं
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