{"_id":"5ca65cf9bdec22142773bee7","slug":"31554406649-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंस्पेक्टर उझानी के खिलाफ दायर मामला परिवाद में दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंस्पेक्टर उझानी के खिलाफ दायर मामला परिवाद में दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। साधना शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की आरोपी पत्नी कमलेश शर्मा को जमानत देने और उझानी इंस्पेक्टर विनोद कुमार के खिलाफ दायर 156 (3) के मामले में वादिनी विपर्णा गौड़ के दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश सीजेएम अमरजीत ने दिया है। कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 17 अप्रैल तय की है।
चर्चित हत्याकांड में इंस्पेक्टर उझानी विनोद कुमार ने तीन जनवरी 2019 को मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की आरोपी पत्नी कमलेश शर्मा को बरेली के एक निजी अस्पताल से इलाज के दौरान जमानत पर छोड़ दिया था। वादिनी ने एतराज दर्ज करते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर सीजेएम अमरजीत ने इंस्पेक्टर उझानी से स्पष्टीकरण भी मांगा था। वादिनी ने सीजेएम कोर्ट में 156 (3) के तहत इंस्पेक्टर विनोद कुमार, प्रभारी महिला थाना शर्मिला शर्मा, पीसी शर्मा और कमलेश शर्मा के खिलाफ मामला कोर्ट में दायर किया था। वादिनी ने कोर्ट में स्वयं प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट से मामले को परिवाद में दर्ज करने की प्रार्थना की। कोर्ट ने वादिनी की अर्जी स्वीकार करते हुए मामले को परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया। वादिनी के बयान दर्ज कराने को 17 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की गई है। ब्यूरो
विज्ञापन
चर्चित हत्याकांड में इंस्पेक्टर उझानी विनोद कुमार ने तीन जनवरी 2019 को मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की आरोपी पत्नी कमलेश शर्मा को बरेली के एक निजी अस्पताल से इलाज के दौरान जमानत पर छोड़ दिया था। वादिनी ने एतराज दर्ज करते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर सीजेएम अमरजीत ने इंस्पेक्टर उझानी से स्पष्टीकरण भी मांगा था। वादिनी ने सीजेएम कोर्ट में 156 (3) के तहत इंस्पेक्टर विनोद कुमार, प्रभारी महिला थाना शर्मिला शर्मा, पीसी शर्मा और कमलेश शर्मा के खिलाफ मामला कोर्ट में दायर किया था। वादिनी ने कोर्ट में स्वयं प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट से मामले को परिवाद में दर्ज करने की प्रार्थना की। कोर्ट ने वादिनी की अर्जी स्वीकार करते हुए मामले को परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया। वादिनी के बयान दर्ज कराने को 17 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की गई है। ब्यूरो
विज्ञापन