{"_id":"5c3dd0e1bdec2273477648b3","slug":"31547555041-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी लगाकर की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी लगाकर की पूजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। मकर संक्रांति पर मंगलवार को कछला गंगाघाट हर-हर गंगे के जयकारों से गूंज उठा। बदायूं समेत आसपास के जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। घाट पर ही उन्होंने पूजा-अर्चना कर संतों को दक्षिणा भेंट की। आश्रमों में खिचड़ी भोज भी कराया गया।
गंगाघाट पर स्नान का दौर तड़के करीब पांच बजे से ही शुरू हो गया। सुबह हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही लेकिन आसपास के आश्रमों के संत-महात्माओं ने आस्था की डुबकी लगाकर गंगा मइया के जयकारे लगाए। इसके बाद पूर्वाह्न तक श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होता गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया फिर घाट पर ही जीवनदायिनी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने हवन-पूजन भी कराया। घाट पर मौजूद संतों और ब्राह्मणों को दक्षिणा में अंगवस्त्र और रोजमर्रा इस्तेमाल का सामान भी भेंट किया गया। कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर भी श्रद्धालुओं की संख्या खासी रही। राजस्थान से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी रीति रिवाज से पूजा की। इसके अलावा आश्रमों में भी खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। कई प्रमुख व्यक्तियों ने परिवार के साथ कुष्ठ आश्रमों में पहुंचकर कुष्ठ रोगियों के लिए भोजन ककी व्यवस्था कराई। ठंड की वजह से इस बार पहले के मुकाबले श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही।
विज्ञापन
गंगाघाट पर स्नान का दौर तड़के करीब पांच बजे से ही शुरू हो गया। सुबह हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही लेकिन आसपास के आश्रमों के संत-महात्माओं ने आस्था की डुबकी लगाकर गंगा मइया के जयकारे लगाए। इसके बाद पूर्वाह्न तक श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होता गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया फिर घाट पर ही जीवनदायिनी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने हवन-पूजन भी कराया। घाट पर मौजूद संतों और ब्राह्मणों को दक्षिणा में अंगवस्त्र और रोजमर्रा इस्तेमाल का सामान भी भेंट किया गया। कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर भी श्रद्धालुओं की संख्या खासी रही। राजस्थान से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी रीति रिवाज से पूजा की। इसके अलावा आश्रमों में भी खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। कई प्रमुख व्यक्तियों ने परिवार के साथ कुष्ठ आश्रमों में पहुंचकर कुष्ठ रोगियों के लिए भोजन ककी व्यवस्था कराई। ठंड की वजह से इस बार पहले के मुकाबले श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही।
विज्ञापन