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दिन में बस धूप का ही सहारा, शाम से तो गला रही सर्दी
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दिन में बस धूप का सहारा,
शाम से तो गला रही सर्दी
बदायूं। दो दिनों के कोहरे और बादल के बाद सोमवार को तेज धूप के दर्शन तो हुए लेकिन गलन भरी सर्दी से लोगों को राहत नहीं मिल पाई। धूप में बैठकर लोगों ने जरूर राहत महसूस की, पर शाम होते-होते हालात वैसे ही हो गए। ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या जहां कम रही वहीं बाजारों में भी शाम को रौनक गायब हो गई। ठंड के कारण दुुकानदारों ने दुकानों के शटर जल्दी गिरा दिए।
जनवरी की शुरुआत में हर बार कोहरा अपने सितम ढाने लगता है। हालांकि इस बार कोहरे ने अपना रौद्र रूप अब तक नहीं दिखाया है, लेकिन सर्दी का सितम जारी है। शनिवार को पूरे दिन हलका कोहरा छाया रहा, जिससे सर्दी का अहसास बढ़ गया था। रविवार को हल्की धूप निकली, लेकिन गलन भरी ठंड बरकरार रही। सोमवार को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहा। हालांकि सुबह से धूप निकली और लोगों ने उससे राहत महसूस की, लेकिन यह राहत भी तब तक ही रही जब तक सूर्यदेव आसमान में चमकते रहे। गरीबों को जहां सड़कों पर जल रहे अलाव का सहारा था वहीं साधन संपन्न लोग घरों में जाकर दुबक गए। सर्दी का असर व्यापार पर भी पड़ रहा है। शाम को दुकानदारी लगभग ठप हो रही है। इससे व्यापारी वर्ग भी हाथ पर हाथ धरे रहने को मजबूर है।
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छोटे छोटे बच्चे हो रहे परेशान
सर्दी के कारण उन बच्चों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो छोटी कक्षाओं में हैं। हालांकि स्कूलों का समय देर से है, लेकिन फिर भी छोटे बच्चे ज्यादा परेेशान हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन को कम से कम कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में तो छुट्टी कर ही देनी चाहिए।
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शाम से तो गला रही सर्दी
बदायूं। दो दिनों के कोहरे और बादल के बाद सोमवार को तेज धूप के दर्शन तो हुए लेकिन गलन भरी सर्दी से लोगों को राहत नहीं मिल पाई। धूप में बैठकर लोगों ने जरूर राहत महसूस की, पर शाम होते-होते हालात वैसे ही हो गए। ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या जहां कम रही वहीं बाजारों में भी शाम को रौनक गायब हो गई। ठंड के कारण दुुकानदारों ने दुकानों के शटर जल्दी गिरा दिए।
जनवरी की शुरुआत में हर बार कोहरा अपने सितम ढाने लगता है। हालांकि इस बार कोहरे ने अपना रौद्र रूप अब तक नहीं दिखाया है, लेकिन सर्दी का सितम जारी है। शनिवार को पूरे दिन हलका कोहरा छाया रहा, जिससे सर्दी का अहसास बढ़ गया था। रविवार को हल्की धूप निकली, लेकिन गलन भरी ठंड बरकरार रही। सोमवार को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहा। हालांकि सुबह से धूप निकली और लोगों ने उससे राहत महसूस की, लेकिन यह राहत भी तब तक ही रही जब तक सूर्यदेव आसमान में चमकते रहे। गरीबों को जहां सड़कों पर जल रहे अलाव का सहारा था वहीं साधन संपन्न लोग घरों में जाकर दुबक गए। सर्दी का असर व्यापार पर भी पड़ रहा है। शाम को दुकानदारी लगभग ठप हो रही है। इससे व्यापारी वर्ग भी हाथ पर हाथ धरे रहने को मजबूर है।
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छोटे छोटे बच्चे हो रहे परेशान
सर्दी के कारण उन बच्चों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो छोटी कक्षाओं में हैं। हालांकि स्कूलों का समय देर से है, लेकिन फिर भी छोटे बच्चे ज्यादा परेेशान हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन को कम से कम कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में तो छुट्टी कर ही देनी चाहिए।
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