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उसहैत इलाके में सैंकड़ों बीघा जमीन गंगा में समाई
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:25 PM IST
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उसहैत इलाके में सैकड़ों
बीघा जमीन गंगा में समाई
तेजी से हो रहा है कटान, दातागंज में रामगंगा का जलस्तर स्थिर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। गंगा का जलस्तर भले ही घट गया हो, लेकिन कटान तेजी से हो रहा है। उसहैत क्षेत्र के गांव कटरासआदतगंज और सबसे संवेदनशील गांव जटा में लगभग छह सौ बीघा जमीन को गंगा अपने आगोश में ले चुकी है। वहीं दातागंज इलाके में रामगंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन लोगों की चिंता काफी बढ़ी हुई है।
उसहैत। क्षेत्र में बह रही गंगा नदी में कुछ दिनों से पानी लगातार बढ़ रहा था, लेकिन शुक्रवार को जलस्तर कुछ कम हुआ है। मगर गंगा का पानी क्षेत्र में लगातार कटान कर रहा है। कटरासआदतगंज में हनुमान मंदिर के पीछे लगभग चार-पांच सौ बीघा जमीन कट चुकी है। खेतों में खड़ी फसल भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है। जलस्तर उसहैत बांध तक पहुंच गया है। यह अंतिम बांध है। गांव जटा जो कि बाढ़ की दृष्टि से सबसे ज्यादा संवेदनशील था उसमें भी गंगा कटान कर रही है। कुछ समय पहले छह लोगों के आवास गंगा में समा गए थे, जबकि 26 आवासों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इन आवासों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हैं। पानी के दूषित हो जाने से जटा गांव में तीन जानवर भी मुंह पका और खुरपका की चपेट में आने से मर चुके हैं। गांव के लोगों ने बताया कि बाढ़ खंड विभाग ने जितनी भी ठोकरें पानी रोकने को बनाई थी वह तेजी से बढ़े जलस्तर से बह चुकी हैं। इसलिए अब यह चिंता ज्यादा होने लगी है यदि अब पानी बढ़ता है तो काफी नुकसान हो सकता है। क्षेत्र के गांव कथरामई, देवकली, कोन का नगला, चेतरामनगला, देवखाम, असमया रफतपुर, अहमदनगर बछौरा आदि गांवों में पानी पहुंच गया है।
दातागंज। कई दिनों से रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद आज पानी स्थिर हो गया। हजरतपुर-गढ़ियारंगीन मार्ग आज भी बंद है। करीब 20 गांवों का संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है। नगरिया खनू बाढ़ चौकी क्षेत्र में पानी भरा हुआ है। लोगों ने कहा कि गांवों में पानी भरे होने से कई तरह की दिक्कत आ रहीं हैं।
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गंगा-रामगंगा का जलस्तर हुआ स्थिर
बदायूं। बाढ़ खंड विभाग के अनुसार कछला गंगा में आज 163.60 गेज जलस्तर रिकार्ड किया गया। नरौरा बैराज से एक लाख 58 हजार 514 क्यूसेक, बिजनौर (कालागढ़) से एक लाख सात हजार 398 क्यूसेक, हरिद्वार से 46 हजार 126 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को 48 सेंटी कम रहा।
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उसहैत इलाके में सैकड़ों
बीघा जमीन गंगा में समाई
तेजी से हो रहा है कटान, दातागंज में रामगंगा का जलस्तर स्थिर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। गंगा का जलस्तर भले ही घट गया हो, लेकिन कटान तेजी से हो रहा है। उसहैत क्षेत्र के गांव कटरासआदतगंज और सबसे संवेदनशील गांव जटा में लगभग छह सौ बीघा जमीन को गंगा अपने आगोश में ले चुकी है। वहीं दातागंज इलाके में रामगंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन लोगों की चिंता काफी बढ़ी हुई है।
उसहैत। क्षेत्र में बह रही गंगा नदी में कुछ दिनों से पानी लगातार बढ़ रहा था, लेकिन शुक्रवार को जलस्तर कुछ कम हुआ है। मगर गंगा का पानी क्षेत्र में लगातार कटान कर रहा है। कटरासआदतगंज में हनुमान मंदिर के पीछे लगभग चार-पांच सौ बीघा जमीन कट चुकी है। खेतों में खड़ी फसल भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है। जलस्तर उसहैत बांध तक पहुंच गया है। यह अंतिम बांध है। गांव जटा जो कि बाढ़ की दृष्टि से सबसे ज्यादा संवेदनशील था उसमें भी गंगा कटान कर रही है। कुछ समय पहले छह लोगों के आवास गंगा में समा गए थे, जबकि 26 आवासों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इन आवासों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हैं। पानी के दूषित हो जाने से जटा गांव में तीन जानवर भी मुंह पका और खुरपका की चपेट में आने से मर चुके हैं। गांव के लोगों ने बताया कि बाढ़ खंड विभाग ने जितनी भी ठोकरें पानी रोकने को बनाई थी वह तेजी से बढ़े जलस्तर से बह चुकी हैं। इसलिए अब यह चिंता ज्यादा होने लगी है यदि अब पानी बढ़ता है तो काफी नुकसान हो सकता है। क्षेत्र के गांव कथरामई, देवकली, कोन का नगला, चेतरामनगला, देवखाम, असमया रफतपुर, अहमदनगर बछौरा आदि गांवों में पानी पहुंच गया है।
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दातागंज। कई दिनों से रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद आज पानी स्थिर हो गया। हजरतपुर-गढ़ियारंगीन मार्ग आज भी बंद है। करीब 20 गांवों का संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है। नगरिया खनू बाढ़ चौकी क्षेत्र में पानी भरा हुआ है। लोगों ने कहा कि गांवों में पानी भरे होने से कई तरह की दिक्कत आ रहीं हैं।
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गंगा-रामगंगा का जलस्तर हुआ स्थिर
बदायूं। बाढ़ खंड विभाग के अनुसार कछला गंगा में आज 163.60 गेज जलस्तर रिकार्ड किया गया। नरौरा बैराज से एक लाख 58 हजार 514 क्यूसेक, बिजनौर (कालागढ़) से एक लाख सात हजार 398 क्यूसेक, हरिद्वार से 46 हजार 126 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को 48 सेंटी कम रहा।