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Budaun News: तीन साल पहले कंडम हो चुकी 25 बसें, सड़कों पर भर रही फर्राटा
Fri, 30 Aug 2024 05:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 30 Aug 2024 05:52 AM IST
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रोडवेज वर्कशॉप में खड़ी बसें। संवाद
बदायूं। डिपो की 25 रोडवेज बसें खटारा घोषित होने के बाद भी सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं। निगम ने इन बसों को नीलाम करने का निर्णय लिया था। कंडम हो चुकी बसों को लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। बावजूद इसके यह कब कहां खड़ी हो जाएं किसी को नहीं पता।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सेवा प्रबंधक ने 28 जुलाई 2021 को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के मियाद पूरी करने वाली 35 रोडवेज बसों की सूची भेजी थी। इनमें से अब तक करीब 10 बसें हीं नीलामी को भेजी गईं है। बाकी की 25 कंडम बसें अभी भी चल रही हैं। चूंकि इन्हें लंबी दूरी पर नहीं भेजा जा सकता इसलिए लोकल रूटों पर चलाया जाता है। रास्ते में कई बार तो यात्रियों को धक्का लगाना पड़ता है। इन बसों की सीटें टूटी हुई हैं। इनमें कई बसों का अंदर फर्श तक गल गया है। खिड़कियां बंद करने के बाद भी हवा भीतर आती है। ऐसे में ठंड में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
15 साल पुरानी बसों को किया जाता है कंडम घोषित
-रोडवेज की 15 साल पुरानी बसों को कंडम घोषित करने का नियम है। सेवा प्रबंधक के 2021 के पत्र के अनुसार अभी यहां 25 बसें ऐसी हैं जो 15 साल की अवधि पूरी कर चुकी हैं। निगम के अधिकारी इन बसों के बारे में कुछ बताने को राजी नहीं हैं। जबकि चुपचाप तरीके से इन बसों का संचालन कराया जा रहा है। ये बसें लोकल रूट पर ही चलाईं जा रहीं हैं।
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इन रूटों पर चलाई जा रहीं कंडम बसें
-कंडम हो चुकीं 25 बसों का संचालन बिसौली, चंदौसी, दातागंज, व बरेली रूट पर किया जा रहा है। यह बसें कब कहां खड़ी हो जाएं कोई भरोसा नहीं। नाम न छापने की शर्त पर एक चालक ने बताया कि करीब तीन साल पहले यह बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं। लेकिन इनको संचालित किया जा रहा है। यह भी बताया कि दिन भर बसों को धक्का परेड कर चलाना पड़ता है। एक बस ठीक होती तो दूसरी बस खराब होकर वर्कशॉप में आकर खड़ी हो जाती है।
दिल्ली रूट पर भेजी जा रही एक बस
-दिल्ली जाने वाली बस आठ साल से अधिक पुरानी न हो लेकिन डिपो से एक बस भेजी जा रही जो 10 साल से अधिक पुरानी हो चुकी है। यह बस कई बार तो दिल्ली तक पहुंच ही नहीं पाती। उसको रास्ते ही लौटाना पड़ जाता है। ऐसे में जहां यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं चालक परिचालक भी परेशान होते आ रहे हैं।
रोडवेज डिपो में कंडम 11 बसों की नीलामी के आदेश मिले थे उनको बरेली भेज दिया गया है। डिपो में अब ऐसी कोई बस नहीं है जो कंडम हो। सभी बसों का संचालन किया जा रहा है। बात रही बसों के खराब होने की तो मशीनरी है, इसका कोई पता नहीं रहता कि कब खराब हो जाए। - अजय कुमार, एआरएम
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उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सेवा प्रबंधक ने 28 जुलाई 2021 को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के मियाद पूरी करने वाली 35 रोडवेज बसों की सूची भेजी थी। इनमें से अब तक करीब 10 बसें हीं नीलामी को भेजी गईं है। बाकी की 25 कंडम बसें अभी भी चल रही हैं। चूंकि इन्हें लंबी दूरी पर नहीं भेजा जा सकता इसलिए लोकल रूटों पर चलाया जाता है। रास्ते में कई बार तो यात्रियों को धक्का लगाना पड़ता है। इन बसों की सीटें टूटी हुई हैं। इनमें कई बसों का अंदर फर्श तक गल गया है। खिड़कियां बंद करने के बाद भी हवा भीतर आती है। ऐसे में ठंड में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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15 साल पुरानी बसों को किया जाता है कंडम घोषित
-रोडवेज की 15 साल पुरानी बसों को कंडम घोषित करने का नियम है। सेवा प्रबंधक के 2021 के पत्र के अनुसार अभी यहां 25 बसें ऐसी हैं जो 15 साल की अवधि पूरी कर चुकी हैं। निगम के अधिकारी इन बसों के बारे में कुछ बताने को राजी नहीं हैं। जबकि चुपचाप तरीके से इन बसों का संचालन कराया जा रहा है। ये बसें लोकल रूट पर ही चलाईं जा रहीं हैं।
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इन रूटों पर चलाई जा रहीं कंडम बसें
-कंडम हो चुकीं 25 बसों का संचालन बिसौली, चंदौसी, दातागंज, व बरेली रूट पर किया जा रहा है। यह बसें कब कहां खड़ी हो जाएं कोई भरोसा नहीं। नाम न छापने की शर्त पर एक चालक ने बताया कि करीब तीन साल पहले यह बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं। लेकिन इनको संचालित किया जा रहा है। यह भी बताया कि दिन भर बसों को धक्का परेड कर चलाना पड़ता है। एक बस ठीक होती तो दूसरी बस खराब होकर वर्कशॉप में आकर खड़ी हो जाती है।
दिल्ली रूट पर भेजी जा रही एक बस
-दिल्ली जाने वाली बस आठ साल से अधिक पुरानी न हो लेकिन डिपो से एक बस भेजी जा रही जो 10 साल से अधिक पुरानी हो चुकी है। यह बस कई बार तो दिल्ली तक पहुंच ही नहीं पाती। उसको रास्ते ही लौटाना पड़ जाता है। ऐसे में जहां यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं चालक परिचालक भी परेशान होते आ रहे हैं।
रोडवेज डिपो में कंडम 11 बसों की नीलामी के आदेश मिले थे उनको बरेली भेज दिया गया है। डिपो में अब ऐसी कोई बस नहीं है जो कंडम हो। सभी बसों का संचालन किया जा रहा है। बात रही बसों के खराब होने की तो मशीनरी है, इसका कोई पता नहीं रहता कि कब खराब हो जाए। - अजय कुमार, एआरएम