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बुखार से 115 लोग मरे, स्वास्थ्य विभाग की सूची में सिर्फ आठ

Sun, 09 Sep 2018 12:33 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं Updated Sun, 09 Sep 2018 12:33 AM IST
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बुखार से 115 लोग मरे, स्वास्थ्य विभाग की सूची में सिर्फ आठ
 जिले में बुखार से करीब 115 लोगों की जान जा चुकी है, स्वास्थ्य विभाग की सूची में यह संख्या सिर्फ आठ है।
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जिले में बुखार से लोगों की मौत का सिलसिला 22 अगस्त को शुरू हुआ था। इससे पहले लोगों को बुखार आ रहा था लेकिन किसी के मरने की खबर नहीं आई। देहात क्षेत्र में एक-दो लोगों को बुखार आना शुरू हुआ तो लोगों ने उसे सामान्य बुखार मान लिया और उनका इलाज कराना शुरू कर दिया। 24 अगस्त से बुखार ने लोगों की जान लेनी शुरू कर दी। 27 अगस्त तक करीब 15-20 लोगों की मौत हो चुकी थी। उसके बाद देखें तो एक भी दिन ऐसा नहीं गया, जिस दिन बुखार से आठ या दस लोगों की मौत नहीं हुई। दो सितंबर को नौ, तीन सितंबर को 11, चार सितंबर को सात, पांच सितंबर को 10, छह सितंबर को नौ, सात सितंबर को 20 लोगों की मौत हुई और आठ सितंबर को आठ लोगों ने बुखार से अपनी जान गंवा दी। कुल मिला कर अब तक 115 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग पता नहीं कौन सी सूची लिए बैठा है, जिसमें बुखार से मरने वालों के सिर्फ आठ नाम ही शामिल हैं। तीन ब्लाक क्षेत्र संवेदनशील घोषित हो चुके हैं, 10883 मरीजों का चेकअप हो चुका है, 99 मरीजों में मलेरिया निकला है और वहीं 21 गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपने पैर जमाए हुए है। स्वास्थ्य विभाग यह सब तो मान रहा है लेकिन 115 लोगों की बुखार से मौत हुई इसको गलत ठहरा रहा है। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग पर ही सवाल उठने लगे हैं। बाकी लोगों की मौत किस वजह से हुई? कौन सा बुखार है? इस पर कंट्रोल क्यों नहीं हो रहा? इसका जवाब स्वास्थ्य विभाग पर नहीं है।

अब तक बुखार से सिर्फ आठ मरे: प्रभारी सीएमओ
बदायूं। प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने शनिवार दोपहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिले में सिर्फ आठ लोगों की बुखार से मौत हुई है। वैसे तो 35 लोग मरे हैं। हमारी टीमें लगातार गांव देहात में जा रहीं हैं। अब तक 21 गांव में लोगों का चेकअप कर चुके हैं। 19 गांव में छिड़काव और 21 गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ है। नौ गांव में पारिथरम स्प्रे हुआ है। लोग मर रहे हैं तो टीमें भी काम कर रहीं हैं। टीम की मेहनत को भी मीडिया को दिखाना चाहिए।
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जिला अस्पताल में दलालों ने भड़काए मरीज, दर्जनों रेफर
शुक्रवार रात खचाखच, सुबह खाली, चर्चित डॉक्टर की शह पर खेल शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल में सक्रिय दलालों ने मरीज भगाने और रुपये कमाने का नया पैंतरा अपना लिया है। चर्चित डॉक्टर की शह पर वही दलाल मरीजों को वरगला रहे हैं। उन्हें यह भी बता रहे हैं कि मरीज को कहां भर्ती कराना है। मरीजों को अपने मनमाफिक धड़ाधड़ रेफर किया जा रहा है। इससे शनिवार दोपहर तक कई बेड खाली हो गए।
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शुक्रवार रात 12 बजे तक यही अस्पताल मरीजों से खचाखच भरा दिखाई दे रहा था। उससे तीन घंटे पहले डीएम दिनेश कुमार सिंह ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस समय अस्पताल के सभी बेड फुल थे। डीएम अस्पताल में 50 बेड डलवाने के निर्देश दे चुके थे। उनके पहुंचने तक 30 बेड रैन बसेरे में डलवा दिए गए, 10 बेड हार्ट वार्ड और छह बेड मेडिकल वार्ड में डलवा दिए गए। सूत्रों की माने तो शनिवार सुबह जिला अस्पताल के चर्चित डॉक्टर ने सभी वार्डों में अपने दलाल छोड़ दिए। उन्होंने तीमारदारों और मरीजों को बरगलाना शुरू कर दिया। उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती होने का अहसास कराना शुरू कर दिया। मरीजों से कहा गया कि उनका यहां ठीक से इलाज नहीं होगा और न वह ठीक होंगे। इससे तो अच्छा वह फलां अस्पताल में जाएं। इस तरह शनिवार दोपहर तक दर्जनों मरीज अस्पताल से रेफर कर दिए गए। स्थिति यह आ गई कि अब हमेशा फुल रहने वाले इमरजेंसी वार्ड में ही कई बेड खाली हो चुके हैं। रैन बसेरे पर बाहर से ताला लगा दिया गया है।
 
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