{"_id":"5b3a61464f1c1b72578b4569","slug":"21530552646-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या में दंपति समेत तीन को दस-दस साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर इरादतन हत्या में दंपति समेत तीन को दस-दस साल की सजा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:23 PM IST
विज्ञापन
court Order
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैर इरादतन हत्या के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सोनिका चौधरी ने दंपति समेत तीन लोगों को दस -दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 11-11 हजार का अर्थदंड भी डाला है।
संभल जिले के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव केसरपुर निवासी रामादेवी पत्नी राधेश्याम ने 26 जुलाई 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक रामादेवी अपनी इकलौती पुत्री का विवाह करने के बाद पति के साथ रह रही थी। राधेश्याम के हिस्से की जमीन उसका भाई महावीर पुत्र पर्वत यादव हड़पना चाहता था। 26 जुलाई की सुबह आठ बजे महावीर उसका बेटा, पत्नी शीला और भाभी रमाकांता के साथ घर में घुस गए। इन सभी के हाथों में लाठी डंडे थे। महावीर ने राधेश्याम के सिर में लाठी से प्रहार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। इलाज को अलीगढ़ ले जाते समय राधेश्याम की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में महावीर, उनके बेटे, पत्नी शीला और रमाकांता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। महावीर के बेटे की पत्रावली किशोर घोषित करने को किशोर न्याय बोर्ड प्रेषित कर दी गई। अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सोनिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद गैर इरादतन हत्या में नामजद महावीर, शीला और रमाकांता को मुजरिम करार देते हुए दस-दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई । साथ ही तीनों पर 11-11 हजार का जुर्माना भी डाला।
विज्ञापन
संभल जिले के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव केसरपुर निवासी रामादेवी पत्नी राधेश्याम ने 26 जुलाई 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक रामादेवी अपनी इकलौती पुत्री का विवाह करने के बाद पति के साथ रह रही थी। राधेश्याम के हिस्से की जमीन उसका भाई महावीर पुत्र पर्वत यादव हड़पना चाहता था। 26 जुलाई की सुबह आठ बजे महावीर उसका बेटा, पत्नी शीला और भाभी रमाकांता के साथ घर में घुस गए। इन सभी के हाथों में लाठी डंडे थे। महावीर ने राधेश्याम के सिर में लाठी से प्रहार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। इलाज को अलीगढ़ ले जाते समय राधेश्याम की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में महावीर, उनके बेटे, पत्नी शीला और रमाकांता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। महावीर के बेटे की पत्रावली किशोर घोषित करने को किशोर न्याय बोर्ड प्रेषित कर दी गई। अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सोनिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद गैर इरादतन हत्या में नामजद महावीर, शीला और रमाकांता को मुजरिम करार देते हुए दस-दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई । साथ ही तीनों पर 11-11 हजार का जुर्माना भी डाला।
विज्ञापन