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सुदूर इलाकों में अग्निकांड हुआ तो कैसे बुझेगी आग
Updated Tue, 13 Mar 2018 06:39 PM IST
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सुदूर इलाकों में आग लगी तो कैसे बुझेगी?
संसाधनों की कमी से जूझ रहा है अग्निशमन विभाग, अपनी बिल्डिंग नहीं होने से ब्लाकों, थानों में परिसर खड़े हैं वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
गर्मी में आग लगने की आशंका अधिक रहती हैं। गेहूं की फसल पकने की ओर है। मगर अग्निशमन विभाग के पास आग बुझाने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। जिले में केवल दो अग्निश्मन केंद्र हैं। कहीं बड़ा हादसा हो जाए तो हमेशा यह रहता है कि आखिर आग कैसे बुझेगी।
शहर के अग्निश्मन केंद्र पर एक फायर टैंकर और एक छोटी गाड़ी है। इनका कार्यक्षेत्र शहर के अलावा उझानी, कादरचौक, बिनावर, वजीरगंज, कछला और ककराला क्षेत्र है। ऐसे में एक साथ तीन स्थानों पर आग लगने पर आग बुझाना मुश्किल होगा। ऐसी ही स्थिति बिसौली, बिल्सी, दातागंज और सहसवान की है। सहसवान स्थित अग्निशमन केंद्र पर एक फायर टैंकर और एक छोटी गाड़ी है। दातागंज में एक फायर टैंकर है, जो ब्लाक परिसर में खड़ा रहता है। बिसौली और बिल्सी तहसील के लिए एक-एक छोटी गाड़ी है। यानी विभाग के पास न संसाधन हैं और न स्टाफ।
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विभाग में नहीं हैं पर्याप्त चालक
फायर बिग्रेड विभाग के पास आग बुझाने वाली दो गाड़ियां हैं लेकिन चालक सिर्फ एक है। हालांकि इनके तीन पद सृजित हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए अन्य कर्मचारी खुद ही चालक का काम कर रहे हैं।
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101 नंबर बना सिरदर्द
टोल फ्री 101 नंबर पर कई लोग फिल्म संगीत बजाने की फरमाइश कर बैठते हैं। यह मांग देर रात तक होती रहती है। कर्मचारियों की माने तो 90 प्रतिशत से ज्यादा लोग ऐसी ही ऊलजलूल बातें करते हैं। इस नंबर पर आगजनी से संबंधित सूचनाएं कम ही आती हैं।
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विभाग ने जारी किया नंबर
101 नंबर से होने वाले सिरदर्द के बाद विभाग ने बेसिक फोन नंबर जारी किए हैं। लोगों की सुविधा के लिए 05832-224010 या फिर 9454418513 नंबर पर सूचना दे सकते हैं।
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सरकार को भवन के लिए भेजा गया है प्रस्ताव
बिसौली, दातागंज, बिल्सी में विभाग के पास अपना भवन तक नहीं है। ऐसे में विभाग की गाड़ी कहीं थाने तो कहीं ब्लाक परिसर में खड़ी रहती है। सरकार को कई बार विभाग ने भवन बनाने का प्रस्ताव दिया। बिसौली, बिल्सी में भूमि की तलाश की जा रही है। उम्मीद है जल्द ही वहां पर फायर स्टेशन के लिए जमीन मिल जाएगी।
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70 प्रतिशत भवन हैं असुरक्षित
शहर के लगभग 70 प्रतिशत भवन अग्निरोधक नहीं हैं। इन भवनों में अगर आग लग गई तो भारी नुकसान निश्चित है।
वर्जन--
विभाग के पास जो भी संसाधन हैं। उनसे काम चलाया जा रहा है, हमारा प्रयास है कि लोगों को आग की वजह से हानि न हो पाए।
- जगवीर सिंह, एफएसओ
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सृजित पदों की संख्या, रिक्त पद
सीएफओ- एक पद
एफएसओ- एक पद, एक रिक्त
एपएसएसओ-दो पद, दो रिक्त
लीड़िग फायरमैन-तीन पद, एक रिक्त
फायर सर्विस चालक-तीन पद, दो रिक्त फायरमैन-21 पद, सात रिक्त
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सुदूर इलाकों में आग लगी तो कैसे बुझेगी?
संसाधनों की कमी से जूझ रहा है अग्निशमन विभाग, अपनी बिल्डिंग नहीं होने से ब्लाकों, थानों में परिसर खड़े हैं वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
गर्मी में आग लगने की आशंका अधिक रहती हैं। गेहूं की फसल पकने की ओर है। मगर अग्निशमन विभाग के पास आग बुझाने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। जिले में केवल दो अग्निश्मन केंद्र हैं। कहीं बड़ा हादसा हो जाए तो हमेशा यह रहता है कि आखिर आग कैसे बुझेगी।
शहर के अग्निश्मन केंद्र पर एक फायर टैंकर और एक छोटी गाड़ी है। इनका कार्यक्षेत्र शहर के अलावा उझानी, कादरचौक, बिनावर, वजीरगंज, कछला और ककराला क्षेत्र है। ऐसे में एक साथ तीन स्थानों पर आग लगने पर आग बुझाना मुश्किल होगा। ऐसी ही स्थिति बिसौली, बिल्सी, दातागंज और सहसवान की है। सहसवान स्थित अग्निशमन केंद्र पर एक फायर टैंकर और एक छोटी गाड़ी है। दातागंज में एक फायर टैंकर है, जो ब्लाक परिसर में खड़ा रहता है। बिसौली और बिल्सी तहसील के लिए एक-एक छोटी गाड़ी है। यानी विभाग के पास न संसाधन हैं और न स्टाफ।
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विभाग में नहीं हैं पर्याप्त चालक
फायर बिग्रेड विभाग के पास आग बुझाने वाली दो गाड़ियां हैं लेकिन चालक सिर्फ एक है। हालांकि इनके तीन पद सृजित हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए अन्य कर्मचारी खुद ही चालक का काम कर रहे हैं।
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101 नंबर बना सिरदर्द
टोल फ्री 101 नंबर पर कई लोग फिल्म संगीत बजाने की फरमाइश कर बैठते हैं। यह मांग देर रात तक होती रहती है। कर्मचारियों की माने तो 90 प्रतिशत से ज्यादा लोग ऐसी ही ऊलजलूल बातें करते हैं। इस नंबर पर आगजनी से संबंधित सूचनाएं कम ही आती हैं।
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विभाग ने जारी किया नंबर
101 नंबर से होने वाले सिरदर्द के बाद विभाग ने बेसिक फोन नंबर जारी किए हैं। लोगों की सुविधा के लिए 05832-224010 या फिर 9454418513 नंबर पर सूचना दे सकते हैं।
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सरकार को भवन के लिए भेजा गया है प्रस्ताव
बिसौली, दातागंज, बिल्सी में विभाग के पास अपना भवन तक नहीं है। ऐसे में विभाग की गाड़ी कहीं थाने तो कहीं ब्लाक परिसर में खड़ी रहती है। सरकार को कई बार विभाग ने भवन बनाने का प्रस्ताव दिया। बिसौली, बिल्सी में भूमि की तलाश की जा रही है। उम्मीद है जल्द ही वहां पर फायर स्टेशन के लिए जमीन मिल जाएगी।
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70 प्रतिशत भवन हैं असुरक्षित
शहर के लगभग 70 प्रतिशत भवन अग्निरोधक नहीं हैं। इन भवनों में अगर आग लग गई तो भारी नुकसान निश्चित है।
वर्जन--
विभाग के पास जो भी संसाधन हैं। उनसे काम चलाया जा रहा है, हमारा प्रयास है कि लोगों को आग की वजह से हानि न हो पाए।
- जगवीर सिंह, एफएसओ
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सृजित पदों की संख्या, रिक्त पद
सीएफओ- एक पद
एफएसओ- एक पद, एक रिक्त
एपएसएसओ-दो पद, दो रिक्त
लीड़िग फायरमैन-तीन पद, एक रिक्त
फायर सर्विस चालक-तीन पद, दो रिक्त फायरमैन-21 पद, सात रिक्त