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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर खिलाई गई टेबलेट
Updated Sat, 10 Feb 2018 06:32 PM IST
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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
पर खिलाई गई दवाई
जिले के सभी स्कूलों में हुआ आयोजन, डीएम ने की शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर शनिवार को सरकारी और गैर सरकारी समेत सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को कृमि नाशक एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई गई। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शहर के सराय फकीर प्राथमिक विद्यालय में कृमि उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डीएम ने निर्देश दिया कि चिकित्सक दवा स्वयं खाने के बाद ही बच्चों को खिलाएं। अध्यापकों को निर्देश दिए कि रोज सुबह प्रार्थना करने के बाद बच्चों को अच्छी बातें बताएं। बच्चों को बड़ों का सम्मान करना, गंदगी न फैलाने के बारे में बताएं। डीएम ने आवासीय एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में श्रवण बाधित एवं दृष्टिबाधित बच्चों को बोर्ड पर लिखवाकर टेस्ट लिया।
इधर जगत ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में 71 बालक-बालिकाओं को कृमि नियंत्रण की दवा चबाकर खिलाई गई। न्याय पंचायत प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने बच्चों केे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के बारे में जानकारी दी। कहा कि कृमि संक्रमण से बच्चों में कुपोषण और खून की कमी हो जाती है। इस मौके पर सहायक अध्यापक संगीता रस्तोगी, सहायक अध्यापक राजीव कुमार मौजूद रहे।
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रोग के लक्षण
सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बताया कि कृमि संक्रमण से रोगी में खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, कमजोरी, बेचैनी, पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी-दस्त आना आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
पर खिलाई गई दवाई
जिले के सभी स्कूलों में हुआ आयोजन, डीएम ने की शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर शनिवार को सरकारी और गैर सरकारी समेत सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को कृमि नाशक एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई गई। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शहर के सराय फकीर प्राथमिक विद्यालय में कृमि उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डीएम ने निर्देश दिया कि चिकित्सक दवा स्वयं खाने के बाद ही बच्चों को खिलाएं। अध्यापकों को निर्देश दिए कि रोज सुबह प्रार्थना करने के बाद बच्चों को अच्छी बातें बताएं। बच्चों को बड़ों का सम्मान करना, गंदगी न फैलाने के बारे में बताएं। डीएम ने आवासीय एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में श्रवण बाधित एवं दृष्टिबाधित बच्चों को बोर्ड पर लिखवाकर टेस्ट लिया।
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इधर जगत ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में 71 बालक-बालिकाओं को कृमि नियंत्रण की दवा चबाकर खिलाई गई। न्याय पंचायत प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने बच्चों केे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के बारे में जानकारी दी। कहा कि कृमि संक्रमण से बच्चों में कुपोषण और खून की कमी हो जाती है। इस मौके पर सहायक अध्यापक संगीता रस्तोगी, सहायक अध्यापक राजीव कुमार मौजूद रहे।
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रोग के लक्षण
सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बताया कि कृमि संक्रमण से रोगी में खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, कमजोरी, बेचैनी, पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी-दस्त आना आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।