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सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे अफसर
Updated Sun, 08 Oct 2017 12:33 AM IST
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अपनी बारी की प्रतीक्षा करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन पाने से वंचित न रहे, इसी को ध्यान में रखते हुए शनिवार को यहां शिविर का आयोजन किया गया। इसमें एक ही स्थान पर विभिन्न पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही यहां पर भी देखने को मिली। बिना पूरी जानकारी दिए आवेदनकर्ताओं को बुला लिया गया। इसके चलते आवेदनकर्ता दिन भर शिविर में इधर-उधर भटकते रहे और अधिकारियों को कोसते रहे।
शनिवार को सालारपुर ब्लाक में शिविर लगाया गया। इसमें पेंशन की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाना था। इसमें तहत तहसील के उझानी, सालारपुर, जगत और कादरचौक ब्लाक के आवेदनकर्ता शामिल रहे। शिविर के माध्यम से पात्र आवेदनकर्ताओं को ऑनलाइन फार्म जमा कराने थे, ताकि आवेदनकर्ताओं को संबंधित कार्यालय या फिर जनसेवा केंद्र पर चक्कर नहीं लगाने पड़े साथ ही दलालों से भी बचाव हो जाए, लेकिन यहां पर भी अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई। विकास भवन की तरह यहां पर भी दलाल हावी रहे। आवेदनकर्ताओं को मात्र एक दिन पहले ही शिविर की जानकारी दी गई। साथ ही कई गांव में यह जानकारी प्रधान ने सुबह ही दी। इसके साथ ही आवेदनकर्ता को यहां बताया गया कि वह फोटो और आधार कार्ड लेकर पहुंचे। वहां पर ऑनलाइन फार्म भर कर्मचारी भरेंगे, लेकिन शिविर में पहुंचे आवेदनकर्ताओं को पता चला कि उन्हें इसके अलावा भी कई जरूरी अभिलेख और लाने थे।
यह थे ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी अभिलेख
पेंशन शिविर में ऑनलाइन आवेदन के लिए दो फोटो, बैक पासबुक, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र के साथ ही विधवा पेंशन के लिए पति कामृत्यु प्रमाणपत्र, दिव्यांगजन पेंशन के लिए दिव्यंग प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सत्यापन को डॉक्टर की रिपोर्ट, शिक्षण प्रमाणपत्र में हाईस्कूल प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी।
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शिविर में हावी रहे दलाल
ब्लाक कादरचौक, सालारपुर, उझानी, जगत के आवेदनकर्ताओं को लाभ पहुंचने के लिए लगाए गए कैंप में दिनभर दलाल हावी रहे। उन्होंने वहां पर पांच से लेकर 10 रुपये तक में फार्म बेचे। वहीं ऑन लाइन फार्म जमा कराने के लिए भी विकास भवन की तरह दलाल सक्रिय रहे।
अधिकारियों के इंतजार में दोपहर तक खाली पड़ी रही कुर्सियां
ब्लाक सालापुर में लगाए गए कैंप में करीब 100 कुर्सियां लगाई गई थी, लेकिन दोपहर एक बजे तक बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे, इस वजह से मंच और कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।
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शनिवार को सालारपुर ब्लाक में शिविर लगाया गया। इसमें पेंशन की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाना था। इसमें तहत तहसील के उझानी, सालारपुर, जगत और कादरचौक ब्लाक के आवेदनकर्ता शामिल रहे। शिविर के माध्यम से पात्र आवेदनकर्ताओं को ऑनलाइन फार्म जमा कराने थे, ताकि आवेदनकर्ताओं को संबंधित कार्यालय या फिर जनसेवा केंद्र पर चक्कर नहीं लगाने पड़े साथ ही दलालों से भी बचाव हो जाए, लेकिन यहां पर भी अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई। विकास भवन की तरह यहां पर भी दलाल हावी रहे। आवेदनकर्ताओं को मात्र एक दिन पहले ही शिविर की जानकारी दी गई। साथ ही कई गांव में यह जानकारी प्रधान ने सुबह ही दी। इसके साथ ही आवेदनकर्ता को यहां बताया गया कि वह फोटो और आधार कार्ड लेकर पहुंचे। वहां पर ऑनलाइन फार्म भर कर्मचारी भरेंगे, लेकिन शिविर में पहुंचे आवेदनकर्ताओं को पता चला कि उन्हें इसके अलावा भी कई जरूरी अभिलेख और लाने थे।
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यह थे ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी अभिलेख
पेंशन शिविर में ऑनलाइन आवेदन के लिए दो फोटो, बैक पासबुक, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र के साथ ही विधवा पेंशन के लिए पति कामृत्यु प्रमाणपत्र, दिव्यांगजन पेंशन के लिए दिव्यंग प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सत्यापन को डॉक्टर की रिपोर्ट, शिक्षण प्रमाणपत्र में हाईस्कूल प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी।
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शिविर में हावी रहे दलाल
ब्लाक कादरचौक, सालारपुर, उझानी, जगत के आवेदनकर्ताओं को लाभ पहुंचने के लिए लगाए गए कैंप में दिनभर दलाल हावी रहे। उन्होंने वहां पर पांच से लेकर 10 रुपये तक में फार्म बेचे। वहीं ऑन लाइन फार्म जमा कराने के लिए भी विकास भवन की तरह दलाल सक्रिय रहे।
अधिकारियों के इंतजार में दोपहर तक खाली पड़ी रही कुर्सियां
ब्लाक सालापुर में लगाए गए कैंप में करीब 100 कुर्सियां लगाई गई थी, लेकिन दोपहर एक बजे तक बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे, इस वजह से मंच और कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।