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पालिका ने नहीं सुनी तो खुद कराई गली की मरम्मत
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बदायूं। नगर में पड़ी अंडरग्राउंड केबल लोगों की जान की दुश्मन बनी हुई है। मोहल्ला चौबे की एक गली के लोग तो इस कारण अपने घरों में कैद होकर ही रह गए। नगर पालिका सदस्य समेत सभी अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परेशान लोगों ने चंदा करके सड़क की मरम्मत कराने की ठानी और खुद पैसा एकत्र करके इसकी मरम्मत कराई। पालिका की इस अनदेखी से लोगों में रोष व्याप्त है।
नगर के वार्ड संख्या 22 के मोहल्ला चौबे में मठिया के पास लगभग पांच-छह माह पहले अंडरग्राउंड केबल डाली गई थी। इसके लिए कई गलियों को खोद दिया गया। केबल डालकर उसे मिट्टी और रोड़ा डालकर ऐसे ही छोड़ दिया गया, जिससे लोगों को घरों से निकलने तक में दिक्कत होने लगी। पतली गलियों में रहने वालों की तो शामत ही आ गई। लोगों ने परेशानी से तंग आकर वार्ड सदस्य से समस्या का निदान करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि सदस्य ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद लोग नगर पालिका कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मिले, पर वहां से भी उनकी समस्या का निदान न हुआ। कई माह परेशान रहने के बाद जब लोगों का पालिका से भरोसा उठ गया तो उन्होंने खुद ही इसका निपटारा करने की ठान ली। मोहल्ले के चंद्रमोहन, अंकित, रवि रस्तोगी, सतीश वैश्य आदि लोगों की राय पर सभी ने आपस में चंदा करके मरम्मत कराने का निर्णय किया। इसके बाद वहां काम कराया गया। लोगों का कहना है कि नगर पालिका में आम जनता की सुनवाई नहीं है। वार्ड सदस्य भी समस्याओं के निदान में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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गली के लोगों ने समस्या से अवगत कराया था, जिस पर मैंने पालिकाध्यक्ष से कहा था, लेकिन उन्होंने बजट न होने की बात कही। इस पर गलीवासियों ने खुद ही काम कराने को स्वयं कहा था।
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-कर्तव्य वैश्य, वार्ड सदस्य
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नगर के वार्ड संख्या 22 के मोहल्ला चौबे में मठिया के पास लगभग पांच-छह माह पहले अंडरग्राउंड केबल डाली गई थी। इसके लिए कई गलियों को खोद दिया गया। केबल डालकर उसे मिट्टी और रोड़ा डालकर ऐसे ही छोड़ दिया गया, जिससे लोगों को घरों से निकलने तक में दिक्कत होने लगी। पतली गलियों में रहने वालों की तो शामत ही आ गई। लोगों ने परेशानी से तंग आकर वार्ड सदस्य से समस्या का निदान करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि सदस्य ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद लोग नगर पालिका कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मिले, पर वहां से भी उनकी समस्या का निदान न हुआ। कई माह परेशान रहने के बाद जब लोगों का पालिका से भरोसा उठ गया तो उन्होंने खुद ही इसका निपटारा करने की ठान ली। मोहल्ले के चंद्रमोहन, अंकित, रवि रस्तोगी, सतीश वैश्य आदि लोगों की राय पर सभी ने आपस में चंदा करके मरम्मत कराने का निर्णय किया। इसके बाद वहां काम कराया गया। लोगों का कहना है कि नगर पालिका में आम जनता की सुनवाई नहीं है। वार्ड सदस्य भी समस्याओं के निदान में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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गली के लोगों ने समस्या से अवगत कराया था, जिस पर मैंने पालिकाध्यक्ष से कहा था, लेकिन उन्होंने बजट न होने की बात कही। इस पर गलीवासियों ने खुद ही काम कराने को स्वयं कहा था।
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