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दो लाख में बिका ककराला के फरमान का बकरा
Updated Tue, 21 Aug 2018 11:45 PM IST
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दो लाख में बिका ककराला के फरमान का बकरा
बकरीद से एक दिन पहले डंडहा कंचनपुर बाजार में हुई बकरों की जबरदस्त बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
अलापुर (बदायूं)। बकरीद बुधवार को मनाई जाएगी। मंगलवार को इसकी घर-घर तैयारी चलती रही है। बकरीद पर कुर्बानी का विशेष महत्व है। मंगलवार को डंडहा कंचनपुर गांव के लगने वाले नखासा बाजार में बकरों की जबरदस्त बिक्री रही। सबसे महंगा बकरा दो लाख रुपये में ककराला के फरमान का बिका। दूसरे नंबर पर इरौलिया के इकराम का बकरा रहा, जो 1 लाख 40 हजार रुपये में बिका। ये दोनों बकरे दिल्ली जफराबाद के लोग खरीदकर ले गए। यहां 70 से 80 हजार रुपये में बिकने वाले बकरों की संख्या दर्जनों में रही।
अलापुर इलाके के डंडहा कंचनपुर में लगने वाले नखासा बाजार में यूपी के अलावा दिल्ली, मुंबई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड आदि प्रदेशों के लोग बकरा बेचने और खरीदने आते हैं। यहां आने वाले बकरों में सबसे महंगे बकरे राजस्थानी नस्ल के तोतापरी और अलवरी नस्ल के होते हैं। इनकी कीमत 60 हजार से शुरू होकर तीन लाख तक होती है। बाजार मालिक मो. अली हमजा ने बताया कि यहां हमेशा की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा राजस्थानी, अलवरी, तोतापरी, बर्बरा और देसी बकरों की खरीदारी हुई है। देशी बकरों में सिरोही, बीतल, सोजत, बरबरी, सुरती, नाची, जलावादी, चिगु बके की ज्यादा बिक्री हुई। इससे पहले शनिवार को एक बकरा ढाई लाख रुपये में बिका था।
बकरीद की खरीदारी का मंगलवार को आखिरी दिन होने की वजह से बकरा बेचने और खरीदने वाले सुबह ही डंडहा कंचनपुर बाजार पहुंच गए। दोपहर होते-होते बकरों की भीड़ बढ़ती चली गई। यहां बकरा खरीदने और बेचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
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दो लाख में बिका ककराला के फरमान का बकरा
बकरीद से एक दिन पहले डंडहा कंचनपुर बाजार में हुई बकरों की जबरदस्त बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
अलापुर (बदायूं)। बकरीद बुधवार को मनाई जाएगी। मंगलवार को इसकी घर-घर तैयारी चलती रही है। बकरीद पर कुर्बानी का विशेष महत्व है। मंगलवार को डंडहा कंचनपुर गांव के लगने वाले नखासा बाजार में बकरों की जबरदस्त बिक्री रही। सबसे महंगा बकरा दो लाख रुपये में ककराला के फरमान का बिका। दूसरे नंबर पर इरौलिया के इकराम का बकरा रहा, जो 1 लाख 40 हजार रुपये में बिका। ये दोनों बकरे दिल्ली जफराबाद के लोग खरीदकर ले गए। यहां 70 से 80 हजार रुपये में बिकने वाले बकरों की संख्या दर्जनों में रही।
अलापुर इलाके के डंडहा कंचनपुर में लगने वाले नखासा बाजार में यूपी के अलावा दिल्ली, मुंबई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड आदि प्रदेशों के लोग बकरा बेचने और खरीदने आते हैं। यहां आने वाले बकरों में सबसे महंगे बकरे राजस्थानी नस्ल के तोतापरी और अलवरी नस्ल के होते हैं। इनकी कीमत 60 हजार से शुरू होकर तीन लाख तक होती है। बाजार मालिक मो. अली हमजा ने बताया कि यहां हमेशा की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा राजस्थानी, अलवरी, तोतापरी, बर्बरा और देसी बकरों की खरीदारी हुई है। देशी बकरों में सिरोही, बीतल, सोजत, बरबरी, सुरती, नाची, जलावादी, चिगु बके की ज्यादा बिक्री हुई। इससे पहले शनिवार को एक बकरा ढाई लाख रुपये में बिका था।
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बकरीद की खरीदारी का मंगलवार को आखिरी दिन होने की वजह से बकरा बेचने और खरीदने वाले सुबह ही डंडहा कंचनपुर बाजार पहुंच गए। दोपहर होते-होते बकरों की भीड़ बढ़ती चली गई। यहां बकरा खरीदने और बेचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
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