फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   मेडिकल कालेज की मान्यता के लिए पहुंची एमसीआई टीम

मेडिकल कालेज की मान्यता के लिए पहुंची एमसीआई टीम

Fri, 29 Dec 2017 12:39 AM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल कालेज की मान्यता के लिए पहुंची एमसीआई टीम
मेडिकल कालेज का निरीक्षण करती लखनऊ की टीम। - फोटो : अमर उजाला
बदायूं। उझानी रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिए जाने के लिए यहां पर जिला महिला और पुरुष अस्पताल के बीच कई साल से बंद पड़े दरवाजे को तोड़ दिया गया। इस दरवाजे के खुलने से अब दोनों अस्पतालों का एक ही कैंपस हो गया है। जो मेडिकल कॉलेज की मान्यता को निर्धारित मानकों को पूरा करेगा। हालांकि एससीआई की यह तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार को भी मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं और मानकों को परखेगी।
विज्ञापन

सपा शासनकाल में राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना हुई। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन किया था। कॉलेज में ओपीडी चल रही है किंतु इमरजेंसी सेवाएं अब तक चालू नहीं हुई हैं। जिसकी वजह से मरीजों को जिला अस्पताल में ही भर्ती किया जाता है। चूंकि मेडिकल कॉलेज की मान्यता को जो मानक निर्धारित हैं उसके अनुसार इमरजेंसी सेवाओं का चालू होना अनिवार्य है। मान्यता की औपचारिकताएं पूरी हुई हैं अथवा नहीं इसकी जानकारी लेने को आज दिल्ली से मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) टीम यहां पहुंची। तीन सदस्यीय टीम में डॉ. एमसी चंदरू (कर्नाटक), डॉ.राकेश मंडल (कोलकाता) और डॉ. टीएस रंगनाथ (बेंगलूरू) शामिल हैं। टीम सबसे पहले मेडिकल कॉलेज पहुंची। कुछ देर रुकने के बाद सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरपी सिंह के साथ जिला पुरुष और महिला अस्पताल पहुंची। टीम ने दोनों ही अस्पतालों में मौजूद बैड, भर्ती मरीजों की जानकारी, बाल रोग विभाग, सर्जिकल वार्ड, पेइंग वार्ड आदि को बारीकी से देखा।
विज्ञापन

टीम ने पाया कि दोनों ही अस्पताल का कैंपस अलग-अलग है। मोहल्ला शिवपुरम् की गली से जुड़ने वाला दरवाजा कई साल से बंद पड़ा था। टीम के सदस्यों ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता को जो मानक हैं उसके अनुसार दोनों अस्पताल एक ही कैंपस में होने चाहिए। सो तुरंत ही बंद पड़े दरवाजे को तोड़कर दोनों का रास्ता एक कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने कहा कि टीम के सामने ही बंद दरवाजे को तोड़ दिया गया। बोले- टीम शुक्रवार को भी मेडिकल कॉलेज में रहेगी। मान्यता के लिए क्या-क्या कमियां हैं उनके बारे में देख रही है। टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी। मानक पूरे होने के बाद कॉलेज को मान्यता प्राप्त हो जाएगी।
--

जब सीएमओ ने जताई नाराजगी
बदायूं। जिस वक्त एमसीआई की टीम जिला अस्पताल का जायजा ले रही थी। तभी टीम हृदयरोग कक्ष की ओर पहुंची। टीम ने देखा कि कक्ष पर ताले लटके हैं। इस बारे में टीम ने सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा से पूछा। चूंकि सीएमओ को इसके बारे में जानकारी नहीं थी। सो सीएमओ ने सीएमएस डॉ.आरएस यादव से पूछा कि इसका इंचार्ज कौन है। तब सीएमएस ने जवाब दिया कि आशा देवी इंचार्ज हैं। इस पर सीएमओ ने आशा देवी पर नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई करने को सीएमएस से कहा। इस पर अस्पताल के बाकी कर्मचारियों में भी खलबली मच गई।
--------
मेडिकल कॉलेज का नहीं मिल रहा लाभ
बदायूं। मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवाओं के चालू नहीं होने की वजह से जिले के लोगों को इसका फिलहाल कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से मरीजों की तादाद जिला अस्पताल में ही ज्यादा रहती है। इस अस्पताल में भी गंभीर मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलती हैं सो मरीज दूसरे जिलों को ही इलाज को जाते हैं। लोगों का कहना होता है कि मेडिकल कॉलेज तो सिर्फ नाम का ही है। जब सुविधाएं होंगी तभी उन्हें लाभ मिलेगा।

-----
डॉ.आरपी सिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बने
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन से स्थानांतरित डॉ.आरपी सिंह ने स्थानीय मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य के पद पर गत 22 दिसंबर को कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले यहां पर डॉ.एनसी प्रजापति प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने बताया कि डॉ.एनसी प्रजापति को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed