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खाली पड़ी भूमि पर रखी मूर्तियां, तहीकाकात को पहुंचे अफसर
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
कछला रोड बाजार से सटे एक प्लॉट में बुधवार सुबह में रखी गई मूर्तियों का मामला बृहस्पतिवार को दूसरे दिन गरमा गया। दूसरे पक्ष के दो लोगों ने भूमि पर स्वामित्व का दावा करते हुए पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के सामने कागजात पेश किए। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने दोनों पक्ष के लोगों से बात की। हालांकि कोई नतीजा सामने नहीं आया लेकिन राजस्व कर्मियों ने भूमि से जुड़े अभिलेखों की तहकीकात शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार दोपहर में विवादित स्थल पर पहुंचे एसडीएम पारसनाथ मौर्य और सीओ एसके सिंह ने मौका मुआयना कर मौजूद लोगों से मूर्तियों के बारे में जानकारी की। उन्होंने भूमि के अभिलेख भी दिखाने को कहा लेकिन कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाया। एसडीएम से जफर अहसन और डॉ. मोहम्मद फरमान भी मिले। दोनों ने उन्हें बताया कि भूमि गाटा संख्या- 1408 का हिस्सा है। जफर और फरमान ने उस पर मालिकाना हक होने का भी दावा किया। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से भाजपा नेता चंद्रपाल कश्यप का कहना है कि भूमि को लेकर कुछ लोग बेमतलब का दावा कर रहे हैं। चंद्रपाल की अगुवाई में एक दिन पहले उस भूमि पर मूर्तियां रखकर हवन-पूजन कराया गया था। बाद में प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मूर्तियों के ऊपर लगवाए गए टेंट को हटवा दिया। इसे लेकर बृहस्पतिवार को पूरे दिन गहमागहमी का माहौल नजर आया।
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वर्जन
मामला उनके संज्ञान में है। तहकीकात के दौरान भूमि को लेकर अब तक जो अभिलेख देखने को मिले, उसके आधार पर मूर्तियों को हटा लिए जाने को कह दिया गया है। फिर भी किसी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- पारसनाथ मौर्य, एसडीएम
उझानी (बदायूं)।
कछला रोड बाजार से सटे एक प्लॉट में बुधवार सुबह में रखी गई मूर्तियों का मामला बृहस्पतिवार को दूसरे दिन गरमा गया। दूसरे पक्ष के दो लोगों ने भूमि पर स्वामित्व का दावा करते हुए पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के सामने कागजात पेश किए। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने दोनों पक्ष के लोगों से बात की। हालांकि कोई नतीजा सामने नहीं आया लेकिन राजस्व कर्मियों ने भूमि से जुड़े अभिलेखों की तहकीकात शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार दोपहर में विवादित स्थल पर पहुंचे एसडीएम पारसनाथ मौर्य और सीओ एसके सिंह ने मौका मुआयना कर मौजूद लोगों से मूर्तियों के बारे में जानकारी की। उन्होंने भूमि के अभिलेख भी दिखाने को कहा लेकिन कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाया। एसडीएम से जफर अहसन और डॉ. मोहम्मद फरमान भी मिले। दोनों ने उन्हें बताया कि भूमि गाटा संख्या- 1408 का हिस्सा है। जफर और फरमान ने उस पर मालिकाना हक होने का भी दावा किया। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से भाजपा नेता चंद्रपाल कश्यप का कहना है कि भूमि को लेकर कुछ लोग बेमतलब का दावा कर रहे हैं। चंद्रपाल की अगुवाई में एक दिन पहले उस भूमि पर मूर्तियां रखकर हवन-पूजन कराया गया था। बाद में प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मूर्तियों के ऊपर लगवाए गए टेंट को हटवा दिया। इसे लेकर बृहस्पतिवार को पूरे दिन गहमागहमी का माहौल नजर आया।
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मामला उनके संज्ञान में है। तहकीकात के दौरान भूमि को लेकर अब तक जो अभिलेख देखने को मिले, उसके आधार पर मूर्तियों को हटा लिए जाने को कह दिया गया है। फिर भी किसी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- पारसनाथ मौर्य, एसडीएम