{"_id":"594692fc4f1c1b65608b46fd","slug":"181497797372-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिकार्ड ही गायब, कब्जा मुक्त होती नहीं दिख रही सोत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिकार्ड ही गायब, कब्जा मुक्त होती नहीं दिख रही सोत
Updated Sun, 18 Jun 2017 08:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। सदानीरा सोत कब्जा मुक्त होती नहीं दिख रही है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की ओर से गठित एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स जिले में अब तक एक इंच जमीन को भी कब्जा मुक्त नहीं करा सकी है। अवैध कब्जे हटाने की शुरूआत सोत नदी से हुई थी। शुरूआत सोत नदी से की गई, लेकिन रिकार्ड गायब होने की वजह से सोत से अवैध अतिक्रमण हटाया नहीं जा सका। गौर करने वाली बात यह है कि सोत नदी के 63 साल पुराने रिकार्ड में भी गड़बड़ियां हैं।
शहर के पूरब की ओर से गुजरने वाली सोत नदी गंगा की सहायक नदी है। करीब दो दशक पहले तक सदानीरा सोत के फाटों पर अवैध निर्माण शुरू हुआ था। कई सामाजिक संगठनों ने भी इसका विरोध किया, लेकिन आवाज को दबा दिया गया। सूबेे में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए सभी जिलों में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया। बदायूं में भी तत्कालीन सीडीओ अच्छे लाल यादव के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इस टीम ने जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने के लिए सोत नदी से काम शुरू किया। रिकार्ड खंगाले गए तो पता लगा कि सोत के रिकार्ड ही गायब हैं। चकबंदी विभाग से भी रिकार्ड मांगा गया। यहां भी रिकार्ड नहीं मिला। गौर करने वाली बात यह है कि राजस्व विभाग के पास मौजूद रिकार्ड में छेड़छाड़ सामने आई है।
तत्कालीन सीडीओ अच्छेलाल यादव की अध्यक्षता में 23 मई को हुई बैठक में सोत नदी के कब्जा मुक्त कराने के लिए लंबी-चौड़ी बातें की गईं। बाद में पता लगा कि राजस्व विभाग के पास सोत नदी का रिकार्ड ही नहीं है। राजस्व विभाग को रिकार्ड तलाश करने के लिए दो दिन का वक्त दिया गया था। अब करीब एक महीने बीतने को हैं। राजस्व विभाग अब तक सोत नदी का रिकार्ड ही नहीं तलाश शका है। ऐसे में सोत नदी फिलहाल कब्जा मुक्त होती नजर नहीं आ रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के पूरब की ओर से गुजरने वाली सोत नदी गंगा की सहायक नदी है। करीब दो दशक पहले तक सदानीरा सोत के फाटों पर अवैध निर्माण शुरू हुआ था। कई सामाजिक संगठनों ने भी इसका विरोध किया, लेकिन आवाज को दबा दिया गया। सूबेे में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए सभी जिलों में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया। बदायूं में भी तत्कालीन सीडीओ अच्छे लाल यादव के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इस टीम ने जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने के लिए सोत नदी से काम शुरू किया। रिकार्ड खंगाले गए तो पता लगा कि सोत के रिकार्ड ही गायब हैं। चकबंदी विभाग से भी रिकार्ड मांगा गया। यहां भी रिकार्ड नहीं मिला। गौर करने वाली बात यह है कि राजस्व विभाग के पास मौजूद रिकार्ड में छेड़छाड़ सामने आई है।
विज्ञापन
तत्कालीन सीडीओ अच्छेलाल यादव की अध्यक्षता में 23 मई को हुई बैठक में सोत नदी के कब्जा मुक्त कराने के लिए लंबी-चौड़ी बातें की गईं। बाद में पता लगा कि राजस्व विभाग के पास सोत नदी का रिकार्ड ही नहीं है। राजस्व विभाग को रिकार्ड तलाश करने के लिए दो दिन का वक्त दिया गया था। अब करीब एक महीने बीतने को हैं। राजस्व विभाग अब तक सोत नदी का रिकार्ड ही नहीं तलाश शका है। ऐसे में सोत नदी फिलहाल कब्जा मुक्त होती नजर नहीं आ रही।
विज्ञापन