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काले बादल देख पहले काट ली सरसों, परेशान हैं किसान
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दातागंज। कई दिनों से आकाश में मंडरा रहे काले बादलों और बीच-बीच में रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी से चिंतित क्षेत्र के बहुत से किसानों ने खेतों में खड़ी सरसों को काट दिया। अब कटी फसल खेतों में पड़ी है और बरसात की वजह से वह सड़ने भी लगी है। लिहाजा, किसान के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं।
मौसम विभाग ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि फरवरी माह में बरसात हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के तहत कई दिनों से बादल अपना पूरा असर दिखा भी रहे हैं। तीन-चार दिन से तो स्थिति यह है कि सुबह से शाम तक बादल छाए रहते हैं। चूंकि इस वक्त खेतों में सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है तो अनेक किसानों ने बरसात से उसे बचाने के लिए समय से पहले ही काट डाला। सरसों की फसल खेतों में पड़ी है। पिछले दो दिन में रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी से ये भी सड़ने लगी है।
गांव बेलाडांडी के किसान नरेश ने कहा कि सोचा था कि बरसात से पहले ही सरसों को काट लेंगे और सूखने पर उसे निकाल लेंगे, लेकिन इंद्रदेव लगातार बारिश करा रहे हैं। गांव डहरपुर और समरेर क्षेत्र के कई किसानों ने कहा कि उन्होंने यह सोचकर फसल को पहले काट लिया था कि वे जल्द ही उसे सुखाकर सरसों को निकाल लेंगे, लेकिन मौसम है जो कुछ नहीं करने दे रहा। अब खेतों में पड़ा लांक रंग बदलने लगा है। बोले-उन्हें अंदेशा है यदि ओलावृष्टि हो जाती है तब काफी नुकसान होगा।
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मौसम विभाग ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि फरवरी माह में बरसात हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के तहत कई दिनों से बादल अपना पूरा असर दिखा भी रहे हैं। तीन-चार दिन से तो स्थिति यह है कि सुबह से शाम तक बादल छाए रहते हैं। चूंकि इस वक्त खेतों में सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है तो अनेक किसानों ने बरसात से उसे बचाने के लिए समय से पहले ही काट डाला। सरसों की फसल खेतों में पड़ी है। पिछले दो दिन में रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी से ये भी सड़ने लगी है।
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गांव बेलाडांडी के किसान नरेश ने कहा कि सोचा था कि बरसात से पहले ही सरसों को काट लेंगे और सूखने पर उसे निकाल लेंगे, लेकिन इंद्रदेव लगातार बारिश करा रहे हैं। गांव डहरपुर और समरेर क्षेत्र के कई किसानों ने कहा कि उन्होंने यह सोचकर फसल को पहले काट लिया था कि वे जल्द ही उसे सुखाकर सरसों को निकाल लेंगे, लेकिन मौसम है जो कुछ नहीं करने दे रहा। अब खेतों में पड़ा लांक रंग बदलने लगा है। बोले-उन्हें अंदेशा है यदि ओलावृष्टि हो जाती है तब काफी नुकसान होगा।
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