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महिला डॉक्टर ज्वाइन करने के बाद लौटीं नहीं, अब हड्डी रोग विशेषज्ञ गायब
Updated Fri, 14 Dec 2018 05:47 PM IST
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14 बीडीएनयूजेएचपीएच-01
महिला डॉक्टर नहीं लौटीं, अब हड्डी रोग विशेषज्ञ अनुपस्थित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ईएनटी को कर दिया गया है शाहजहांपुर अटैच्ड
बिना बताए अनुपस्थित हड्डी रोग विशेषज्ञ के वेतन पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय सुविधाओं को लेकर ग्रहण लगता जा रहा है। है। पांच महीनों के दौरान तीन डॉक्टर धीरे-धीरे खिसक गए। एक महिला डॉक्टर और हड्डी रोग विशेषज्ञ ने तो विभाग के अफसरों को बगैर बताए आना बंद कर दिया।
करीब 50 हजार उझानी कस्बे की आबादी होगी। इससे अधिक देहात का क्षेत्र है। यानी एक लाख से अधिक आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। पिछले साल तक यहां स्थायी डॉक्टरों की संख्या सात-आठ हुआ करती थी। संविदा पर तैनात डॉक्टर अलग से रहे लेकिन करीब पांच महीने पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. मनीषा ने आमद कराई। मनीषा आमद कराके ऐसी र्गइं कि फिर लौटकर आने की जरूरत महसूस नहीं की। पिछले महीने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मतलूब रहमान ने भी अस्पताल आना छोड़ दिया। जबकि ईएनटी डॉ. प्रेमशंकर मौर्य को शाहजहांपुर जिला अस्पताल से अटैच्ड कर दिया गया मौर्य यहां पिछले साल से तैनात रहे हैं। सूत्रों की मानें तो उनका अटैच्डमेंट एप्रोच के तहत हुआ था। इधर, चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने बताया कि मनीषा के बारे में पहले ही अफसरों को बताया जा चुका है लेकिन हाल में अनुपस्थित मतलूब रहमान को लेकर उन्होंने सीएमओ को अवगत कराया है। मतलूब के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है। अगर वे ज्वाइन करने के लिए पहुंचेंगे तो पहले उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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इंसेट
क्या करें दो डॉक्टर, मरीजों को देखें या मेडिकल बनाए
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह के अलावा डॉ. महेश प्रताप सिंह ही पुलिस केस के मेडिकल करने के लिए हैं। चिकित्साधीक्षक के सामने राष्ट्रीय स्तर के कार्यकमों और अभियानों की देखरेख की जिम्मेदारी है। उन्हें सीएचसी से बाहर भी जाना पड़ जाता है। ऐसे में अगर कोई इमरजेंसी केस आ जाए तो अकेले महेश प्रताप सिंह को ही संभालना पड़ता है। पुलिस केस के मेडिकल भी करने आवश्यक होते हैं।
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महिला डॉक्टर नहीं लौटीं, अब हड्डी रोग विशेषज्ञ अनुपस्थित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ईएनटी को कर दिया गया है शाहजहांपुर अटैच्ड
बिना बताए अनुपस्थित हड्डी रोग विशेषज्ञ के वेतन पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय सुविधाओं को लेकर ग्रहण लगता जा रहा है। है। पांच महीनों के दौरान तीन डॉक्टर धीरे-धीरे खिसक गए। एक महिला डॉक्टर और हड्डी रोग विशेषज्ञ ने तो विभाग के अफसरों को बगैर बताए आना बंद कर दिया।
करीब 50 हजार उझानी कस्बे की आबादी होगी। इससे अधिक देहात का क्षेत्र है। यानी एक लाख से अधिक आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। पिछले साल तक यहां स्थायी डॉक्टरों की संख्या सात-आठ हुआ करती थी। संविदा पर तैनात डॉक्टर अलग से रहे लेकिन करीब पांच महीने पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. मनीषा ने आमद कराई। मनीषा आमद कराके ऐसी र्गइं कि फिर लौटकर आने की जरूरत महसूस नहीं की। पिछले महीने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मतलूब रहमान ने भी अस्पताल आना छोड़ दिया। जबकि ईएनटी डॉ. प्रेमशंकर मौर्य को शाहजहांपुर जिला अस्पताल से अटैच्ड कर दिया गया मौर्य यहां पिछले साल से तैनात रहे हैं। सूत्रों की मानें तो उनका अटैच्डमेंट एप्रोच के तहत हुआ था। इधर, चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने बताया कि मनीषा के बारे में पहले ही अफसरों को बताया जा चुका है लेकिन हाल में अनुपस्थित मतलूब रहमान को लेकर उन्होंने सीएमओ को अवगत कराया है। मतलूब के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है। अगर वे ज्वाइन करने के लिए पहुंचेंगे तो पहले उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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क्या करें दो डॉक्टर, मरीजों को देखें या मेडिकल बनाए
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह के अलावा डॉ. महेश प्रताप सिंह ही पुलिस केस के मेडिकल करने के लिए हैं। चिकित्साधीक्षक के सामने राष्ट्रीय स्तर के कार्यकमों और अभियानों की देखरेख की जिम्मेदारी है। उन्हें सीएचसी से बाहर भी जाना पड़ जाता है। ऐसे में अगर कोई इमरजेंसी केस आ जाए तो अकेले महेश प्रताप सिंह को ही संभालना पड़ता है। पुलिस केस के मेडिकल भी करने आवश्यक होते हैं।
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