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बरेली की नमकीन, कानपुर का गुटखा खाने लायक नहीं
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:08 PM IST
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गुटखा
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। कानपुर के प्रधान गुटखे और बरेली की कलश नमकीन के नमूने दूसरी जांच में भी असुरक्षित पाए गए। लैब से रिपोर्ट आने के बाद अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह मामला अब न्यायिक जांच का विषय बन गया है।
अक्तूबर 2016 में शहर में एफएसडीए की टीम ने छापा मारकर एक दुकान से प्रधान गुटखे का सैंपल लिया था। इसे जांच को भेजा गया था। लैब से इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। पाया गया कि गुटखा मानक के अनुरूप नहीं है। गुटखा बनाने वाली फर्म त्रिमूर्ति फ्रेगनेसिंस से इस पर आपत्ति जताते हुए 29 अगस्त को अपील दायर की कि उनका गुटखा मानकों पर पूरी तरह खरा है। इस पर गुटखे की क्वालिटी की लैब में दोबारा जांच की गई। अब रिपोर्ट आई है कि यह अनसेफ है। इसमें निकोटीन मिला पाया गया जो कि पान मसाले में पूरी तरह निषेध है।
इसके अलावा मार्च 2017 में वजीरगंज कस्बे की एक दुकान से बरेली की कलश नमकीन का सैंपल लिया गया था। जांच में इसका नमूना भी अनसेफ आया। बरेली के ब्रह्मपुरा स्थित नमकीन की फर्म लक्ष्मी ट्रेडर्स ने इस पर आपत्ति करते हुए अपील की। अब दोबारा जांच में भी सैंपल अनसेफ ही आया है। जिला अभिहीत अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि दोनों ही मामलों में उनके विभाग की ओर से कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब कोर्ट में भी विभाग अपनी ओर से पूरी पैरवी करेगा।
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अक्तूबर 2016 में शहर में एफएसडीए की टीम ने छापा मारकर एक दुकान से प्रधान गुटखे का सैंपल लिया था। इसे जांच को भेजा गया था। लैब से इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। पाया गया कि गुटखा मानक के अनुरूप नहीं है। गुटखा बनाने वाली फर्म त्रिमूर्ति फ्रेगनेसिंस से इस पर आपत्ति जताते हुए 29 अगस्त को अपील दायर की कि उनका गुटखा मानकों पर पूरी तरह खरा है। इस पर गुटखे की क्वालिटी की लैब में दोबारा जांच की गई। अब रिपोर्ट आई है कि यह अनसेफ है। इसमें निकोटीन मिला पाया गया जो कि पान मसाले में पूरी तरह निषेध है।
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इसके अलावा मार्च 2017 में वजीरगंज कस्बे की एक दुकान से बरेली की कलश नमकीन का सैंपल लिया गया था। जांच में इसका नमूना भी अनसेफ आया। बरेली के ब्रह्मपुरा स्थित नमकीन की फर्म लक्ष्मी ट्रेडर्स ने इस पर आपत्ति करते हुए अपील की। अब दोबारा जांच में भी सैंपल अनसेफ ही आया है। जिला अभिहीत अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि दोनों ही मामलों में उनके विभाग की ओर से कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब कोर्ट में भी विभाग अपनी ओर से पूरी पैरवी करेगा।
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