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कछला में तीन मौत पर भी नहीं जागे सेहत महकमा के अफसर
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:32 PM IST
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उझानी। कछला और उसके आसपास के गांवों में पिछले कई दिनों से बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बुखार की चपेट में आकर मौत की शुरूआत बहोरा नगला से हुई। गांव के फूलसिंह की 20 वर्षीय बेटी सुनीता ने बुखार के चलते पांच दिन पहले दमतोड़ दिया था। इसके बाद कछला के बार्ड नंबर- एक निवासी वृद्घ कुंवरपाल और शनिवार को रफानीनगला के रूकुमसिंह के 22 वर्षीय बेटे बबलू की भी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार महिला-पुरुष और बच्चों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक मरीजों को देखते तो हैं लेकिन उन्हें बुखार की गोलियां थमाने के अलावा हकीकत पर गौर करने की जरुरत महसूस नहीं की जाती। ऐसा भी नहीं कि सेहत महकमा के अफसरों को मौतों की जानकारी नहीं हो लेकिन अफसरों ने आंखें मूंद ली हैं।