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दवाओं की किल्लत पर सीएमओ-एसीएमओ में ठनी
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:00 AM IST
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बदायूं। दवाओं की किल्लत को लेकर सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा और एसीएमओ डॉ. हरदत्त के बीच ठन गई है। एसीएमओ का सीएमओ को लिखा गया वह पत्र भारी पड़ गया है, जिसमें उन्होंने संक्रामक रोगों के सीजन में दवाओं की किल्लत की बात कही थी। अब सीएमओ ने कई आरोप लगाते हुए एसीएमओ की शिकायत मंडलायुक्त, डीएम और एडी हेल्थ से की है। दोनों अफसरों के बीच शीत युद्ध विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिले में बुखार के प्रकोप से लगातार मौत हो रही है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल को गांव-गांव हेल्थ कैंप लगाने का जिम्मा दिया गया है। इस सेल के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. हरदत्त हैं। दो दिन पहले डॉ. हरदत्त ने सीएमओ को पत्र लिखकर कहा था कि उनके पास दवाओं की किल्लत है। मुख्य दवा स्टोर में भी दवाइयां नहीं हैं। इसके बाद डॉ. हरदत्त ने एक और पत्र लिखा। इसमें उन्होंने ब्लड सेंपल लेने वाली वायल की किल्लत की बात कही, उन्होंने कहा था कि वायल न होने से बीमार लोगों के ब्लड सेंपल लेने में दिक्कत आ रही है। एसीएमओ की यह बात सीएमओ को नागवार गुजर गई है। सीएमओ का आरोप है कि डॉ. हरदत्त कई बार मीटिंगों में नशे की हालत में शामिल हुए। इस बारे में भी उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। मंडलायुक्त के निर्देश पर डॉ. हरदत्त से जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का चार्ज वापस लिया गया था। उनको संक्रामक रोग नियंत्रण सेल का नोडल अधिकारी बनाया गया तो वहां भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे। इधर, डॉ. हरदत्त सभी आरोपों को नकार रहे हैं।
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सीनियर अफसरों की अनुपस्थिति लगाने पर नोटिस
बदायूं। एसीएमओ डॉ. हरदत्त ने उपस्थिति पंजिका में अपने सीनियर एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार और डॉ. विजेंद्र सिंह की अनुपस्थिति लगा दी थी। मामला सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा की जानकारी में आया तो उन्होंने डॉ. हरदत्त को नोटिस देकर इसका जवाब मांगा है। सीएमओ का कहना है कि कोई भी अफसर अपने सीनियर की अनुपस्थिति नहीं लगा सकता।
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जिले में बुखार के प्रकोप से लगातार मौत हो रही है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल को गांव-गांव हेल्थ कैंप लगाने का जिम्मा दिया गया है। इस सेल के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. हरदत्त हैं। दो दिन पहले डॉ. हरदत्त ने सीएमओ को पत्र लिखकर कहा था कि उनके पास दवाओं की किल्लत है। मुख्य दवा स्टोर में भी दवाइयां नहीं हैं। इसके बाद डॉ. हरदत्त ने एक और पत्र लिखा। इसमें उन्होंने ब्लड सेंपल लेने वाली वायल की किल्लत की बात कही, उन्होंने कहा था कि वायल न होने से बीमार लोगों के ब्लड सेंपल लेने में दिक्कत आ रही है। एसीएमओ की यह बात सीएमओ को नागवार गुजर गई है। सीएमओ का आरोप है कि डॉ. हरदत्त कई बार मीटिंगों में नशे की हालत में शामिल हुए। इस बारे में भी उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। मंडलायुक्त के निर्देश पर डॉ. हरदत्त से जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का चार्ज वापस लिया गया था। उनको संक्रामक रोग नियंत्रण सेल का नोडल अधिकारी बनाया गया तो वहां भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे। इधर, डॉ. हरदत्त सभी आरोपों को नकार रहे हैं।
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सीनियर अफसरों की अनुपस्थिति लगाने पर नोटिस
बदायूं। एसीएमओ डॉ. हरदत्त ने उपस्थिति पंजिका में अपने सीनियर एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार और डॉ. विजेंद्र सिंह की अनुपस्थिति लगा दी थी। मामला सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा की जानकारी में आया तो उन्होंने डॉ. हरदत्त को नोटिस देकर इसका जवाब मांगा है। सीएमओ का कहना है कि कोई भी अफसर अपने सीनियर की अनुपस्थिति नहीं लगा सकता।
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