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बोर्ड परीक्षा में प्राथमिकता के आधार पर लगेगी शिक्षकों की ड्यूटी
Updated Fri, 14 Dec 2018 05:39 PM IST
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बोर्ड परीक्षा में प्राथमिकता के आधार पर लगेगी शिक्षकों की ड्यूटी
शासकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के अलावा जूनियर, प्राइमरी के शिक्षक भी हो सकते हैं शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। यूपी बोर्ड की जिले में परीक्षा कराने के लिए पिछले साल के मुकाबले छह सेंटरों को बढ़ाते हुए 83 सेंटर बनाए गए हैं। इसमें कौन शिक्षक ड्यूटी करेगा, कौन नहीं करेगा। इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में शासकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों समेत इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
प्रदेश सरकार की ओर से नकलविहीन परीक्षा कराना मुख्य उद्देश्य है। इसको लेकर शासन की ओर समय-समय पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं। ताकि उनका समय से पालन हो सके। ऐसे में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को लेकर अब तक तैयारी की जा रही है। ताकि उनकी समय से लिस्ट तैयार की जा सके और बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अड़चन देखने को न मिले। पहले की तुलना में इस बार अधिकतर जिलों में परीक्षा सेंटर बढ़ेे हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी आड़े नहीं आए इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं ताकि वे अभी से शिक्षकों की लिस्ट को बनाना शुरू कर दें। इनमें जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए उनमें प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले शासकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। फिर वित्तविहीन विद्यालयों के अध्यापकों की ड्यूटी लगेगी। उसके बाद में जूनियर स्कूल और जरूरत पड़ी तो अंत में प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिन विद्यालयों के सेंटर नहीं बने हैं। उन विद्यालयों के शिक्षकों ककी अवश्य ड्यूटी लगाई जाएगी।
वर्जन --
बोर्ड परीक्षा को लेकर अब तक तैयारी की जा रही है। ताकि परीक्षा के समय पर कोई दिक्कत न आए।
-राममूरत, जिला विद्यालय निरीक्षक
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शासकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के अलावा जूनियर, प्राइमरी के शिक्षक भी हो सकते हैं शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। यूपी बोर्ड की जिले में परीक्षा कराने के लिए पिछले साल के मुकाबले छह सेंटरों को बढ़ाते हुए 83 सेंटर बनाए गए हैं। इसमें कौन शिक्षक ड्यूटी करेगा, कौन नहीं करेगा। इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में शासकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों समेत इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
प्रदेश सरकार की ओर से नकलविहीन परीक्षा कराना मुख्य उद्देश्य है। इसको लेकर शासन की ओर समय-समय पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं। ताकि उनका समय से पालन हो सके। ऐसे में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को लेकर अब तक तैयारी की जा रही है। ताकि उनकी समय से लिस्ट तैयार की जा सके और बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अड़चन देखने को न मिले। पहले की तुलना में इस बार अधिकतर जिलों में परीक्षा सेंटर बढ़ेे हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी आड़े नहीं आए इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं ताकि वे अभी से शिक्षकों की लिस्ट को बनाना शुरू कर दें। इनमें जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए उनमें प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले शासकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। फिर वित्तविहीन विद्यालयों के अध्यापकों की ड्यूटी लगेगी। उसके बाद में जूनियर स्कूल और जरूरत पड़ी तो अंत में प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिन विद्यालयों के सेंटर नहीं बने हैं। उन विद्यालयों के शिक्षकों ककी अवश्य ड्यूटी लगाई जाएगी।
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बोर्ड परीक्षा को लेकर अब तक तैयारी की जा रही है। ताकि परीक्षा के समय पर कोई दिक्कत न आए।
-राममूरत, जिला विद्यालय निरीक्षक