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शहरवासियों का सांस लेना दूभर, सफाई वाले साहब की सुनने को नहीं तैयार
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बदायूं। बृहस्पतिवार से हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी तीसरे दिन शनिवार को मध्यस्थता कराने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट के मनाने पर भी नहीं माने। समझौते के लिए एक कदम भी इसलिए आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि पालिकाध्यक्ष ने आंदोलन चल रहे संगठन के अध्यक्ष और महामंत्री को नगर पालिका से बाहर का बताकर बात करने से मना कर दिया। वहीं शहर के कई हिस्सों में गंदगी के हालात और बिगड़ते जा रहे हैं, लोगों का जीना दूभर हो गया है।
छह सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले सफाई कर्मियों ने बृहस्पतिवार से नगर पालिका में धरना प्रदर्शन के साथ हड़ताल शुरू की थी। पालिकाध्यक्ष पर मनमानी का आरोप लगाते हुए तीसरे दिन भी सुबह से ही हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। शहर में गंदगी का हाल देखकर और बवाल की आशंका के चलते प्रशासन ने मध्यस्थता का मन बनाया। सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर को साथ लेकर वहां पहुंच गए। साथ में फोर्स भी तैनात कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने पहले पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल से उनके दफ्तर में बात की। पालिकाध्यक्ष ने वहीं बाहरी की बात बताई। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने बाहर जाकर कहा कि जिस बैनर तले आंदोलन चल रहे है, उसमें शामिल लोग वार्ता को आ जाएं, बशर्ते वे नगर पालिका के कार्यरत कर्मचारी हों। तब कर्मचारियों ने शर्त रखी कि पालिकाध्यक्ष बुलावा पत्र भेजें। इस पर पालिकाध्यक्ष तैयार नहीं हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस पर अलग कमरे में भी कर्मचारी नेता कुक्कू, अनिल प्रकाश, गुलशन, सुभाष, सतीश आदि से बात करके मनाने की कोशिश की, मगर तब भी बात नहीं बनी। इसके बाद शाम चार बजे पालिकाध्यक्ष ने बुलावा पत्र भेजा, मगर उसमें संगठन और पदाधिकारियों के नाम न होने के कारण आंदोलनकारी बात के लिए तैयार नहीं हुए। पालिकाध्यक्ष ने भी स्पष्ट कर दिया कि वह बाहरी नेताओं से बात नहीं करेंगी। इस तरह पूरे दिन सिटी मजिस्ट्रेट की मेहनत बेकार गई।
कर्मचारी नेता बोले-फूट डलवाने की कोशिश
सफाई कर्मी नेता अनिल प्रकाश का कहना है पालिका प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और संगठन के नेताओं में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पुलिस को दिए दो कर्मचारी नेताओं के नाम
पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने बताया कि उन्होंने नगर अध्यक्ष कुक्कू और महामंत्री अनिल प्रकाश पर कार्रवाई के लिए उनके नाम कोतवाली पुलिस को दे दिए हैं। उन दोनों पर आरोप है कि वे सफाई कर्मचारियों को धमका रहे हैं। जो काम कर रहे हैं, उन्हें काम नहीं करने दे रहे। इससे शहर में सफाई का काम बाधित हो रहा है।
कर्मचारियों से वार्ता हुई। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ कर्मचारी बातों को नहीं मान रहे हैं। इस पर उच्चधिकारियों से वार्ता करने के बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी।-केके अवस्थी, सिटी मजिस्ट्रेट
हम पालिका में तैनात सभी कर्मचारियों से वार्ता करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बाहरी व्यक्ति से हम पालिका के मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते । पुलिस प्रशासन से इसके लिए सहयोग मांगा।-दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
पहले से ही शहर में सफाई व्यवस्था चौपट थी। जो थोड़ी बहुत सफाई हो भी रही थी, वह कसर इन सफाई कर्मचारियों ने पूरी कर दी। इस शहर का कुछ भी भला नहीं हो सकता है।
-सोनू
सड़क पर हर तरफ कूूड़ा ही कूड़ा दिखाई दे रहा है। अगर जल्द हड़ताल खत्म नहीं हुई तो हालात यह हो जाएंगे कि लोगों को सड़क पर कूड़े में से होकर निकलना पड़ेगा।
-मदन
पालिका अधिकारी व कर्मचारियों दोनों को अपना रवैया सुधारना चाहिए। आपसी बात पर आपस में ही निपटना चाहिए। इस तरह से हड़ताल कर क्या साबित करना चाहते हैं।
-भगवान दास
शहर का हाल इस समय बुरा हो गया है। पालिका प्रशासन को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। गंदगी से लोग परेशान हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
- राजेेश
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छह सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले सफाई कर्मियों ने बृहस्पतिवार से नगर पालिका में धरना प्रदर्शन के साथ हड़ताल शुरू की थी। पालिकाध्यक्ष पर मनमानी का आरोप लगाते हुए तीसरे दिन भी सुबह से ही हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। शहर में गंदगी का हाल देखकर और बवाल की आशंका के चलते प्रशासन ने मध्यस्थता का मन बनाया। सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर को साथ लेकर वहां पहुंच गए। साथ में फोर्स भी तैनात कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने पहले पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल से उनके दफ्तर में बात की। पालिकाध्यक्ष ने वहीं बाहरी की बात बताई। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने बाहर जाकर कहा कि जिस बैनर तले आंदोलन चल रहे है, उसमें शामिल लोग वार्ता को आ जाएं, बशर्ते वे नगर पालिका के कार्यरत कर्मचारी हों। तब कर्मचारियों ने शर्त रखी कि पालिकाध्यक्ष बुलावा पत्र भेजें। इस पर पालिकाध्यक्ष तैयार नहीं हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस पर अलग कमरे में भी कर्मचारी नेता कुक्कू, अनिल प्रकाश, गुलशन, सुभाष, सतीश आदि से बात करके मनाने की कोशिश की, मगर तब भी बात नहीं बनी। इसके बाद शाम चार बजे पालिकाध्यक्ष ने बुलावा पत्र भेजा, मगर उसमें संगठन और पदाधिकारियों के नाम न होने के कारण आंदोलनकारी बात के लिए तैयार नहीं हुए। पालिकाध्यक्ष ने भी स्पष्ट कर दिया कि वह बाहरी नेताओं से बात नहीं करेंगी। इस तरह पूरे दिन सिटी मजिस्ट्रेट की मेहनत बेकार गई।
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कर्मचारी नेता बोले-फूट डलवाने की कोशिश
सफाई कर्मी नेता अनिल प्रकाश का कहना है पालिका प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और संगठन के नेताओं में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पुलिस को दिए दो कर्मचारी नेताओं के नाम
पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने बताया कि उन्होंने नगर अध्यक्ष कुक्कू और महामंत्री अनिल प्रकाश पर कार्रवाई के लिए उनके नाम कोतवाली पुलिस को दे दिए हैं। उन दोनों पर आरोप है कि वे सफाई कर्मचारियों को धमका रहे हैं। जो काम कर रहे हैं, उन्हें काम नहीं करने दे रहे। इससे शहर में सफाई का काम बाधित हो रहा है।
कर्मचारियों से वार्ता हुई। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ कर्मचारी बातों को नहीं मान रहे हैं। इस पर उच्चधिकारियों से वार्ता करने के बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी।-केके अवस्थी, सिटी मजिस्ट्रेट
हम पालिका में तैनात सभी कर्मचारियों से वार्ता करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बाहरी व्यक्ति से हम पालिका के मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते । पुलिस प्रशासन से इसके लिए सहयोग मांगा।-दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
पहले से ही शहर में सफाई व्यवस्था चौपट थी। जो थोड़ी बहुत सफाई हो भी रही थी, वह कसर इन सफाई कर्मचारियों ने पूरी कर दी। इस शहर का कुछ भी भला नहीं हो सकता है।
-सोनू
सड़क पर हर तरफ कूूड़ा ही कूड़ा दिखाई दे रहा है। अगर जल्द हड़ताल खत्म नहीं हुई तो हालात यह हो जाएंगे कि लोगों को सड़क पर कूड़े में से होकर निकलना पड़ेगा।
-मदन
पालिका अधिकारी व कर्मचारियों दोनों को अपना रवैया सुधारना चाहिए। आपसी बात पर आपस में ही निपटना चाहिए। इस तरह से हड़ताल कर क्या साबित करना चाहते हैं।
-भगवान दास
शहर का हाल इस समय बुरा हो गया है। पालिका प्रशासन को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। गंदगी से लोग परेशान हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
- राजेेश