{"_id":"5d0692eb8ebc3e431f38b220","slug":"156071190214-badaun-news90","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोशालाएं हवा में, सड़कों पर मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोशालाएं हवा में, सड़कों पर मौत
विज्ञापन
बदायूं। सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा गोवंश पशुओं को पकड़ने का अभियान जिले में लगातार चल रहा है। अब तक छह हजार 326 पशु पकड़े जा चुके हैं, साथ ही 699 अस्थायी गोशालाएं बनाकर बदायूं प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है, लेकिन इस अभियान पर जिले के कुछ गांव और शहर नगर पालिका प्रशासन पानी फेर रहा है, जिसकी वजह से प्रशासन का ये अभियान सार्थक नहीं हो पा रहा है। नगर पालिका समेत कुछ नगर पंचायतों की लापरवाही की वजह से सड़क पर अभी भी छुट्टा पशु घूम रहे हैं, जो लोगों के लिए हादसे का सबब बने हुए हैं।
जैसे ही प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथ में आयी, तो उन्होंने किसानों के हित में योजनाओं को संचालित किया। इसके बाद में सड़कों पर घूमने वाले आवारा गोवंश को लेकर योजनाएं तैयार की गईं। प्रदेश के प्रत्येक जिले के प्रत्येक गांव में अस्थायी गोशाला खोलने के निर्देश दिए। इन गोशाला को खुलवाने का उद्देश्य ये था कि जो छुट्टा गोवंश सड़क पर और खेतों में घूम रहे हैं। उनको पकड़कर इसमें रखा जाए, ताकि इन जानवरों की वजह से कोई दुर्घटना न हो सके और गोंवश को भी चोट न लगे। छुट्टा गोवंश किसानों की फसलों को तबाह न कर सकें। शासन के निर्देश के बाद में जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत मेें अस्थायी गोशाला बनाने का काम शुुुरू किया गया। जिला प्रशासन की मानें तो अब तक जिले मेें 699 अस्थायी गोशाला बनाई जा चुकी है। पशुपालन विभाग के मुताबिक इन गोशालाओं में तकरीबन साढ़े छह हजार गोवंश बंद हैं।
सबसे ज्यादा खराब हालात शहर के
- शहर के हालात अभी भी काफी खराब हैं। शहर के किसी भी इलाके में चले जाओ, वहां पर छुट्टा गोवंश घूमते हुए मिल जाएंगे। प्रशासन की ओर से लगातार निर्देश मिलने के बावजूद भी पालिका प्रशासन की ओर से मनचाहे तरीके से काम किया जा रहा है। इसी बात पर कुछ दिनों पूर्व डीएम ने ईओ संजय तिवारी की जमकर लताड़ लगाई थी। ऐसे में सभी ईओ व अन्य अधिकारियों के सामने फजीहत होने पर पालिका प्रशासन की ओर से इस ओर तब कदम उठाया गया और अब तक करीब 40 से 45 छुट्टा गोवंश को पकड़ा गया, लेकिन बाद में फिर इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया गया। हालात आज सबके सामने हैं। शहर में मुख्य सड़कों पर पशु लोगों के लिए समस्या बन रहे हैं।
विज्ञापन
कई हो चुके हादसे, मगर किसी को फिक्र नहीं
- शनिवार को हजरतपुर क्षेत्र के गांव ग्योति में घर के बाहर सो रहे एक बुजुर्ग की आवारा सांड़ ने पटक पटकर कर जान ले ली। इससे पूर्व बिल्सी में एक बच्चा अपनी जान गवां चुुका है। कुछ अन्य हादसे भी हो चुके हैं जिनमें आवारा पशु लोगों की जान ले चुके हैं या गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं। मगर इस सबके बाद फिक्र किसी को नहीं है।
अभी तक जिले में कुल 699 अस्थायी गोशाला बनाई गई हैं। इनमें अभी तक 6326 गोवंशीय पशुओं को पकड़कर रखा जा सका है। बाकी को पकड़ने का काम लगातार जारी है।
- डॉ. अरुण कुमार जादौन, सीवीओ
सभी ईओ और प्रधान को लगातार निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में घूमने वाले छुट्टा गोवंश को पकड़ें। सड़कों और खेतों में कोई भी छुट्टा गोवंश नहीं दिखाना चाहिए। अगर सड़क पर छुट्टा पशु मिले, तो संबंधित प्रधान व ईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम
देहात क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी, फसल नष्ट कर हरे पशु
वजीरगंज। क्षेत्र के किसान आवारा जानवरों से परेशान हैं। जानवर जिस खेत में घुस जाते हैं। उसकी फसल को खा जाते हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। कुछ किसानों ने तो खेतों में कंटीले तार भी लगवाए हैं। इसके बाद भी फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए उन्हें रात में खेतों की चौकीदारी करनी पड़ती है। क्षेत्र में सिर्फ नाम की कई गौशाला हैं। कुछ किसानों का कहना है कि आसपास क्षेत्र के लोग दूध न देने वाले पशुओं को छोड़ देते हैं। उन्हीं जानवरों के झुंड खेतों में घुस जाते हैं। किसानों ने अलग-अलग ग्राम पंचायत पर गोशाला बनवाए जाने की मांग की है।
म्याऊं। गांव में खेतों व सड़कों पर घूम रहे छुट्टा मवेशी लोगों का सिरदर्द बन चुके हैं। खेतों में अपना पसीना बहाने वाले इन किसानों के मंसूबों पर तब पानी फिर जाता है, जब ये छुट्टा मवेशी उनके खेतों में न केवल इनकी फसल चर जाते हैं बल्कि अपने कदमों से उसे रौंदकर नष्ट भी कर देते हैं। इन मवेशियों को पकड़वाने के प्रशासन ने कई प्रबंध किए लेकिन अब तक कोई प्रयास सफल होता नजर नही आ रहा है। गौतरा पट्टी मुकुट हल्ली व गौतरा पट्टी भौनी के रामू शुक्ला, कमलेश जायसवाल, हरनाम वर्मा, रामऔतार मौर्या, हरीश वर्मा व मंगरे लाल आदि अनेक किसानों ने बताया कि इन छुट्टा जानवरों से अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों में ऊंची तार की बाड़ लगाई है, पर यह मवेशी इन तारों को भी पार कर जाते हैं।
विज्ञापन
जैसे ही प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथ में आयी, तो उन्होंने किसानों के हित में योजनाओं को संचालित किया। इसके बाद में सड़कों पर घूमने वाले आवारा गोवंश को लेकर योजनाएं तैयार की गईं। प्रदेश के प्रत्येक जिले के प्रत्येक गांव में अस्थायी गोशाला खोलने के निर्देश दिए। इन गोशाला को खुलवाने का उद्देश्य ये था कि जो छुट्टा गोवंश सड़क पर और खेतों में घूम रहे हैं। उनको पकड़कर इसमें रखा जाए, ताकि इन जानवरों की वजह से कोई दुर्घटना न हो सके और गोंवश को भी चोट न लगे। छुट्टा गोवंश किसानों की फसलों को तबाह न कर सकें। शासन के निर्देश के बाद में जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत मेें अस्थायी गोशाला बनाने का काम शुुुरू किया गया। जिला प्रशासन की मानें तो अब तक जिले मेें 699 अस्थायी गोशाला बनाई जा चुकी है। पशुपालन विभाग के मुताबिक इन गोशालाओं में तकरीबन साढ़े छह हजार गोवंश बंद हैं।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा खराब हालात शहर के
- शहर के हालात अभी भी काफी खराब हैं। शहर के किसी भी इलाके में चले जाओ, वहां पर छुट्टा गोवंश घूमते हुए मिल जाएंगे। प्रशासन की ओर से लगातार निर्देश मिलने के बावजूद भी पालिका प्रशासन की ओर से मनचाहे तरीके से काम किया जा रहा है। इसी बात पर कुछ दिनों पूर्व डीएम ने ईओ संजय तिवारी की जमकर लताड़ लगाई थी। ऐसे में सभी ईओ व अन्य अधिकारियों के सामने फजीहत होने पर पालिका प्रशासन की ओर से इस ओर तब कदम उठाया गया और अब तक करीब 40 से 45 छुट्टा गोवंश को पकड़ा गया, लेकिन बाद में फिर इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया गया। हालात आज सबके सामने हैं। शहर में मुख्य सड़कों पर पशु लोगों के लिए समस्या बन रहे हैं।
विज्ञापन
कई हो चुके हादसे, मगर किसी को फिक्र नहीं
- शनिवार को हजरतपुर क्षेत्र के गांव ग्योति में घर के बाहर सो रहे एक बुजुर्ग की आवारा सांड़ ने पटक पटकर कर जान ले ली। इससे पूर्व बिल्सी में एक बच्चा अपनी जान गवां चुुका है। कुछ अन्य हादसे भी हो चुके हैं जिनमें आवारा पशु लोगों की जान ले चुके हैं या गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं। मगर इस सबके बाद फिक्र किसी को नहीं है।
अभी तक जिले में कुल 699 अस्थायी गोशाला बनाई गई हैं। इनमें अभी तक 6326 गोवंशीय पशुओं को पकड़कर रखा जा सका है। बाकी को पकड़ने का काम लगातार जारी है।
- डॉ. अरुण कुमार जादौन, सीवीओ
सभी ईओ और प्रधान को लगातार निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में घूमने वाले छुट्टा गोवंश को पकड़ें। सड़कों और खेतों में कोई भी छुट्टा गोवंश नहीं दिखाना चाहिए। अगर सड़क पर छुट्टा पशु मिले, तो संबंधित प्रधान व ईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम
देहात क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी, फसल नष्ट कर हरे पशु
वजीरगंज। क्षेत्र के किसान आवारा जानवरों से परेशान हैं। जानवर जिस खेत में घुस जाते हैं। उसकी फसल को खा जाते हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। कुछ किसानों ने तो खेतों में कंटीले तार भी लगवाए हैं। इसके बाद भी फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए उन्हें रात में खेतों की चौकीदारी करनी पड़ती है। क्षेत्र में सिर्फ नाम की कई गौशाला हैं। कुछ किसानों का कहना है कि आसपास क्षेत्र के लोग दूध न देने वाले पशुओं को छोड़ देते हैं। उन्हीं जानवरों के झुंड खेतों में घुस जाते हैं। किसानों ने अलग-अलग ग्राम पंचायत पर गोशाला बनवाए जाने की मांग की है।
म्याऊं। गांव में खेतों व सड़कों पर घूम रहे छुट्टा मवेशी लोगों का सिरदर्द बन चुके हैं। खेतों में अपना पसीना बहाने वाले इन किसानों के मंसूबों पर तब पानी फिर जाता है, जब ये छुट्टा मवेशी उनके खेतों में न केवल इनकी फसल चर जाते हैं बल्कि अपने कदमों से उसे रौंदकर नष्ट भी कर देते हैं। इन मवेशियों को पकड़वाने के प्रशासन ने कई प्रबंध किए लेकिन अब तक कोई प्रयास सफल होता नजर नही आ रहा है। गौतरा पट्टी मुकुट हल्ली व गौतरा पट्टी भौनी के रामू शुक्ला, कमलेश जायसवाल, हरनाम वर्मा, रामऔतार मौर्या, हरीश वर्मा व मंगरे लाल आदि अनेक किसानों ने बताया कि इन छुट्टा जानवरों से अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों में ऊंची तार की बाड़ लगाई है, पर यह मवेशी इन तारों को भी पार कर जाते हैं।