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मेडिकल कॉलेज टपकता मिला पानी, फैली मिली गंदगी, शौचालय थे बंद

Thu, 02 Aug 2018 12:04 AM IST
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:04 AM IST
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मेडिकल कॉलेज टपकता मिला पानी, फैली मिली गंदगी, शौचालय  थे बंद
फोटो-2,3-
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टपकता मिला मेडिकल कॉलेज, फैली थी गंदगी, शौचालय थे बंद
जनप्रतिनिधियों के साथ डीएम ने किया निरीक्षण, जताई नाराजगी
निर्माण निगम के अधिकारियों को कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बुधवार को यूपी कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन बीएल वर्मा और शहर विधायक के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई वार्डों में छत से पानी टपकता मिला। कॉलेज परिसर और शौचालयों में गंदगी थी। इस पर उन्होंने निर्माण निगम अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कॉलेज प्रशासन को एक सप्ताह में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कॉलेज में एलईडी बल्बों का प्रयोग करने को कहा है। साथ ही निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
विधायक के साथ डीएम दोपहर 12:30 बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां उन्होंने सबसे पहले ओपीडी देखी। कई मरीजों से डॉक्टर, स्टॉफ के व्यवहार और इलाज के बारे में बातचीत की। इसके बाद ऑपरेशन थियेटर, माइनर ओपीडी और ऑपरेशन वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां भर्ती मरीजों से हालचाल जाना। पूछा कि किसी से कोई पैसा तो नहीं लिया जा रहा। इस पर मरीजों ने इंकार किया। इसके बाद में पंजीकरण के संबंध में जानकारी ली, तो पता चला कि रोजाना लगभग 2200 से 2500 मरीज आते हैं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने प्रधानाचार्य डॉ. आरपी सिंह को निर्देश दिए कि डॉक्टरों की सूची बनाकर ड्यूटी लगाई जाए। साथ ही एक सूची उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान डीएम दिनेश कुमार सिंह ने निर्माण कार्य की गति धीमी मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक अभियंता फकीर चंद्र को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज के पांचों टावरों (पांच सौ कक्षों) का निर्माण जुलाई के अंत तक पूरा करके हैंडओवर कर दें। उन्होंने निर्माण निगम को निर्देश दिए गर्ल्स और ब्वाइज हॉस्टलों का भी साथ में निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया जाए। साथ ही कहा कि पूरे मेडिकल कॉलेज में सिर्फ एलईडी बल्बों का ही उपयोग किया जाए। इस मौके पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, बीएन सिंह मौजूद रहे।
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शौचालय क्यों नहीं हुए शुरू
डीएम ने कहा कि इस शासन में 52 करोड़ 72 लाख रुपये मिल चुके हैं, तब भी शौचालय चालू क्यों नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य ज्यादा फैलाएं न। जो कार्य करें उसे पूर्ण करने के बाद ही दूसरा कार्य करें। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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प्राचार्य कक्ष में नहीं मिली मोदी की तस्वीर, जताई आपत्ति
- यूपी कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन बीएल वर्मा ने कक्षा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर नहीं होने पर आपत्ति जताई। कहा कि मेडिकल कॉलेज को बनवाने में केंद्र का भी योगदान होता है। इसलिए मुख्यमंत्री के अलावा प्रधानमंत्री की तस्वीर भी होनी चाहिए। साथ ही कहा कि एमसीआई की टीम को चाहिए। वह प्राथमिकता के आधार पर बनाएं।

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ऑडिटोरियम/प्रेक्षागृह का भी देखा निर्माण कार्य
डीएम ने डायट परिसर में बन रहे 500 सीट वाले ऑडिटोरियम/प्रेक्षागृह के निर्माण को भी देखा। वहां पर भी काम धीमी गति से होता मिला। इस पर उन्होंने अपत्ति जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द काम पूरा करें। टाइल्स अच्छी क्वालिटी के न लगने पर कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता पूर्वक किया जाए। साथ ही कहा कि टाइल्स और फिनिशिंग का कार्य साथ में होता रहे। काम में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर विवेकानंद, ओपी रस्तोगी, जेई सुनील कुमार, प्रवीण कुमार, शैलेंद्र कुमार और रावेंद्र पाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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