{"_id":"6754a84ddc023e23b30a1914","slug":"15-year-old-payal-had-a-heart-attack-while-bathing-died-badaun-news-c-123-1-bdn1007-130563-2024-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: 15 साल की पायल को नहाते समय पड़ा हार्ट अटैक, तोड़ा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: 15 साल की पायल को नहाते समय पड़ा हार्ट अटैक, तोड़ा दम
Sun, 08 Dec 2024 01:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 08 Dec 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
बदायूं। नहाते समय 15 वर्षीय पायल की हार्ट अटैक से जान चली गई। जिला अस्पताल लेकर पहुंचने पर डॉक्टर ने भी हर संभाव प्रयास किए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
उसहैत के गांव बची निवासी वीरेंद्र के एक भाई सचिन सक्सेना शहर के देवनगर कालोनी में रहते हैं। सचिन सात दिन पहले गांव गए थे। इसी दौरान वीरेंद्र की बेटी पायल ने चाचा के साथ उनके घर जाने की बात कही तो सचिन बेटी को अपने साथ ले आए।
शनिवार की दोपहर चाचा के घर आई पायल बाथरूम में नहाने चली गई। बाथरूम में रखे प्लास्टिक के टब से वह नहा रही थी कि अंदर से कुंडी लगा ली। बताते हैं कि इसी दौरान पायल को हार्ट अटैक आ गया। वह बाथरूम में गिर गई। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई तो उसकी चाची ने आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने सचिन को आवाज लगाई। इसके बाद बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया गया। अंदर देखा तो पायल बेसुध पड़ी थी। तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसकी सांसें चल रहीं थीं। डाॅक्टरों ने उसका इलाज किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परिजन कार्रवाई करने से इन्कार करते हुए शव को घर ले गए। किशोरी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
विज्ञापन
डाॅक्टर ने दी सीपीआर, बचाने की हर संभव कोशिश हुई नाकाम
किशोरी को लेकर जब परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाॅक्टरों को लगा कि सांस अभी कुछ बाकी है। इस पर उन्होंने ईसीजी किया। इसके बाद करीब दस मिनट तक सीपीआर दी। बावजूद इसके किशोरी को बचा नहीं सके। डाॅक्टरों ने बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वह नाकामयाब हुई। किशोरी का इलाज करने वाले जिला अस्पताल के डाॅ. प्रदीप कुमार ने बताया कि इस उम्र में हार्ट अटैक की आशंका बेहद कम होती है। किशोरी को बचाने के काफी प्रयास किए लेकिन बचा नहीं सके।
विज्ञापन
उसहैत के गांव बची निवासी वीरेंद्र के एक भाई सचिन सक्सेना शहर के देवनगर कालोनी में रहते हैं। सचिन सात दिन पहले गांव गए थे। इसी दौरान वीरेंद्र की बेटी पायल ने चाचा के साथ उनके घर जाने की बात कही तो सचिन बेटी को अपने साथ ले आए।
विज्ञापन
शनिवार की दोपहर चाचा के घर आई पायल बाथरूम में नहाने चली गई। बाथरूम में रखे प्लास्टिक के टब से वह नहा रही थी कि अंदर से कुंडी लगा ली। बताते हैं कि इसी दौरान पायल को हार्ट अटैक आ गया। वह बाथरूम में गिर गई। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई तो उसकी चाची ने आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने सचिन को आवाज लगाई। इसके बाद बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया गया। अंदर देखा तो पायल बेसुध पड़ी थी। तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसकी सांसें चल रहीं थीं। डाॅक्टरों ने उसका इलाज किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परिजन कार्रवाई करने से इन्कार करते हुए शव को घर ले गए। किशोरी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
विज्ञापन
डाॅक्टर ने दी सीपीआर, बचाने की हर संभव कोशिश हुई नाकाम
किशोरी को लेकर जब परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाॅक्टरों को लगा कि सांस अभी कुछ बाकी है। इस पर उन्होंने ईसीजी किया। इसके बाद करीब दस मिनट तक सीपीआर दी। बावजूद इसके किशोरी को बचा नहीं सके। डाॅक्टरों ने बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वह नाकामयाब हुई। किशोरी का इलाज करने वाले जिला अस्पताल के डाॅ. प्रदीप कुमार ने बताया कि इस उम्र में हार्ट अटैक की आशंका बेहद कम होती है। किशोरी को बचाने के काफी प्रयास किए लेकिन बचा नहीं सके।