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बुखार ने 24 घंटे में निगल लीं छह और जिंदगियां
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मूसाझाग/कुंवरगांव। जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। 24 घंटे के दौरान जानलेवा हुए बुखार ने छह और जिंदगियों को निगल लिया, पांच मौतें जगत ब्लॉक और एक सालारपुर ब्लॉक में हुई। पड़ौलिया में स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को हेल्थ कैंप लगाकर बीमार लोगों को दवाओं का वितरण कर इनके सेंपल भी जांच को लिए हैं। जिले में 15 दिन के दौरान बुखार से मरने वालों की संख्या 16 हो गई है।
जगत ब्लॉक में 15 दिन पहले बुखार ने दस्तक दी थी। बुखार से मौतों का सिलिसिला शुरू होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ब्लॉक के गांव ललबुझिया में जब एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई तो स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। आनन-फानन में बुखार प्रभावित गांवों में हेल्थ कैंप लगाए गए। लोगों के खून की जांच के बाद पता लगा कि जिले में जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया का प्रकोप है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। हालात बेकाबू होने की वजह से अब तक सुधार नहीं हो रहा। चौबीस घंटे के दौरान जगत ब्लॉक में पांच और सालारपुर में एक जान चली गई। जगत ब्लॉक के गांव पड़ौलिया में मैकूलाल की 10 वर्षीय बेटी ममता, सुखपाल की 12 वर्षीय बेटी विनीता और राजवीर की 13 वर्षीय बेटी संगीता को कई दिन से बुखार आ रहा था। तीनों लड़कियों ने 24 घंटे के दौरान दम तोड़ दिया। जगत ब्लॉक के ही गांव फरीदापुर में श्रीपाल के आठ वर्षीय बेटे विश्वनाथ ने मंगलवार को बुखार से दम तोड़ दिया। इसी ब्लॉक के गांव गोविंद नगला में 25 वर्षीय श्वेता कुमारी की भी बुखार से मंगलवार को मौत हो गई।
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इधर सालारपुर ब्लॉक के कई गांवों में भी बुखार का प्रकोप है। ललेई, मोहनपुर, लोचन नगर में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। मंगलवार को कस्बे में डाकघर के पास रहने वाले संजय कुमार के 17 वर्षीय बेटे सौरभ की बुखार के चलते मौत हो गई। जिले में अब भी सैकड़ों लोग बुखार की गिरफ्त में हैं। 15 दिन में बुखार से मरने वालों की संख्या 16 के पास हो गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूले हुए हैं।
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मलेरिया विभाग ने जांच को प्रयोगशाला भेजे 10 मच्छर
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगा कहां से आया फैल्सीपेरम
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में फैल्सीपैरम मलेरिया से मौतों के मामले सामने आने के बाद चेते मलेरिया विभाग ने जांच के लिए 10 मच्छर बरेली स्थित प्रयोगशाला भेजे हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद साफ हो जाएगा कि फैल्सीपेरम मलेरिया जिले में किस स्तर तक पहुंच गया है। जिले में मलेरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप जगत ब्लॉक में है।
मलेरिया से लगातार मौतें हो रही हैं। दो दिन पहले ही मरीजों की जांच के बाद पता लगा था कि जिले में फैल्सीपेरम मलेरिया का प्रकोप है। यह मलेरिया सबसे ज्यादा घातक होता है। बुखार का सीधे दिमाग की कोशिकाओं पर प्रभाव होता है और समय से इलाज न मिलने पर मरीज की मौत हो जाती है। मंगलवार को मलेरिया विभाग ने जिले के अलग-अलग हिस्सों से पकड़ कर 10 मच्छर प्रयोगशाला भेजे हैं। प्रयोगशाला भेजे गए मच्छर तीन प्रजातियों के बताए जा रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी वीके शर्मा के मुताबिक मच्छर नाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। मच्छरों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
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पड़ौलिया में मिले बुखार के 99 मरीज, सात सेंपल भेजे
मूसाझाग। जगत ब्लॉक के गांव पड़ौलिया में 24 घंटे में बुखार से पांच लोगों की मौत के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने गांव में हेल्थ कैंप लगाया। इस दौरान गांव में मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। गांव में बुखार के 99 मरीज मिले हैं। इनमें 29 लोगों की स्लाइड बनाई गई है। संदिग्ध सात मरीजों के सेंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बुखार प्रभावित गांवों में 24 घंटे स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की टीमों के साथ एंबुलेंस 108 की तैनाती के भी आदेश दिए हैं। पड़ौलिया में डॉ. कमर इकबाल ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की।
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डेंगू के संदिग्ध 36 नमूने जांच को भेजे गए
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू के संदिग्ध 36 नमूने जांच के लिए भेजे हैं। जिन गांवों से यह नमूने भेजे गए हैं उनमें ललबुझिया, पड़ौलिया और रायपुर गांव खामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगा कि जिन लोगों के नमूने भेजे गए हैं, उनको डेंगू है या नहीं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब तक डेंगू का जिले में कोई मरीज नहीं मिला है।
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मलेरिया, फैल्सीपेरम मलेरिया के 22 मरीज मिले
बदायूं। दो दिन में हुईं 103 स्लाइड की जांच में जिले में मलेरिया और फैल्सीपेरम मलेरिया के 22 मरीज मिले हैं। ललबुझिया गांव में मलेरिया के 10 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा रायपुर गांव में मलेरिया के नौ और फैल्सीपेरम मलेरिया के तीन मरीज मिल हैं। मंगलवार को भी इन गांवों से मरीजों के सेंपल लिए गए हैं।
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वर्जन-
मलेरिया विभाग को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। गांवों में दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। बुखार प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमें कैंप कर रही हैं। स्थिति पर जल्द काबू पा लिया जाएगा। जिन दवाओं की कमी है उनकी लोकल परचेज की जा रही है।
-डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ