{"_id":"5c55b707bdec2232285b056f","slug":"131549121287-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण और हत्या के मामले में पांच को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण और हत्या के मामले में पांच को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। करीब छह साल पहले कटरी में जमीन जोतने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार विश्वेश ने नामजद पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही सभी पर 5.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अपहरण और हत्या की यह वारदात थाना सहसवान के गांव नगला धर्मजीत में तीन नवंबर 2012 को हुई थी। कासगंज के थाना सोरों के गांव पिलो सराय निवासी वादी ब्रजपाल ने चार नवंबर को थाना सहसवान में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घटना वाले दिन उसका भाई श्रीनिवास बदायूं जिले की सीमा से लगे गांव पाठकपुर थाना सोरों के रहने वाले छत्रपाल का खेत बंटाई पर जोतने गया था। जब उसका भाई खेत जोत रहा था तो पास के खेत में नौबत, छिद्दन, दयाराम निवासी आसेनगला, करन सिंह निवासी गिरधारी नगला और कल्लू निवासी खाम मढैय्या थाना सहसवान भी अपने खेत जोत रहे थेे। कुछ देर बाद ये पांचों लाठी डंडे और नाजायज रायफल लेकर आए और गाली देेकर कहा कि तुम खेत को क्यों जोत रहे हो। इस पर श्रीनिवास ने खेत बंटाई पर लेने की जानकारी दी। इस पर नौबत ने श्रीनिवास पर फायर कर दिया, जिससे वह जख्मी होकर गिर गया। नौबत अपने साथियों के साथ उसके भाई को घसीटते हुए गंगा पार अपने गांव ले गए। ब्रजपाल ने पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने छिद्दन को 18 दिसंबर 2012 को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर श्रीनिवास की लाश बरामद की गई। पुलिस ने सभी के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की। जिला एंव सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद पांचों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही सभी पर 5.35 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
विज्ञापन
अपहरण और हत्या की यह वारदात थाना सहसवान के गांव नगला धर्मजीत में तीन नवंबर 2012 को हुई थी। कासगंज के थाना सोरों के गांव पिलो सराय निवासी वादी ब्रजपाल ने चार नवंबर को थाना सहसवान में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घटना वाले दिन उसका भाई श्रीनिवास बदायूं जिले की सीमा से लगे गांव पाठकपुर थाना सोरों के रहने वाले छत्रपाल का खेत बंटाई पर जोतने गया था। जब उसका भाई खेत जोत रहा था तो पास के खेत में नौबत, छिद्दन, दयाराम निवासी आसेनगला, करन सिंह निवासी गिरधारी नगला और कल्लू निवासी खाम मढैय्या थाना सहसवान भी अपने खेत जोत रहे थेे। कुछ देर बाद ये पांचों लाठी डंडे और नाजायज रायफल लेकर आए और गाली देेकर कहा कि तुम खेत को क्यों जोत रहे हो। इस पर श्रीनिवास ने खेत बंटाई पर लेने की जानकारी दी। इस पर नौबत ने श्रीनिवास पर फायर कर दिया, जिससे वह जख्मी होकर गिर गया। नौबत अपने साथियों के साथ उसके भाई को घसीटते हुए गंगा पार अपने गांव ले गए। ब्रजपाल ने पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने छिद्दन को 18 दिसंबर 2012 को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर श्रीनिवास की लाश बरामद की गई। पुलिस ने सभी के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की। जिला एंव सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद पांचों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही सभी पर 5.35 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
विज्ञापन