{"_id":"5b98062b867a557ec232cc5a","slug":"131536689707-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रभारी सीएमओ ने दो डॉक्टरों का वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रभारी सीएमओ ने दो डॉक्टरों का वेतन रोका
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रभारी सीएमओ ने दो डॉक्टरों का वेतन रोका
कार्य में लापरवाही पर की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। राज्य स्तरीय टीमों के नेतृत्व में जिलास्तर पर चार और 42 ब्लाक स्तरीय टीमों द्वारा बुखार के कुल 4603 रोगियों को उपचार और जांच की गई। साथ ही आरडीटी किट से 91 पीवी और 67 पीएफ रोगी चिह्नित किए गए, जिनका आरटी और एसीटी उपचार किया गया। प्रभारी सीएमओ ने काम में लापरवाही बरतने पर दो डॉक्टरों के वेतन आहरण पर रोक लगाई है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. मजीत सिंह ने बताया कि जिला संक्रामक रोग नियंत्रण टीम के दो चिकित्सकों डॉ.जौन सिंह और डॉ. सोहेल खान काम में लापरवाही बरत रहे थे। इसके चलते उनका वेतन आहरण पर रोक लगाई गई। दोनों को चेतावनी पत्र जारी कर दिया गया है। भविष्य में लापरवाही हुई तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बताया कि मलेरिया विभाग की ओर से 13 टीमें गठित कर 9 ग्रामों में लार्वी साइडल छिड़काव (तिगुलापुर, सेमरिया, छजऊ, बीरमपुर, इस्माईलपुर, गिधौल, छोटा और बड़ा परसुरा, मौजमपुर) में एक गांव के 285 घरों में पायरेथम स्प्रे और नौ ग्रामों में फॉगिंग कराई गई। प्रभावित ग्रामों में शुद्ध पेयजल के लिए क्लोरीन की गोलियां वितरित कीं। ओआरएस पैकट वितरित किए गए। जिला चिकित्सालय, सभी सीएचसी, पीएचसी पर फीवर हेल्प डेस्क/ फीवर क्लीनिक की स्थापना की जा चुकी है। इसमें बुखार के कुल 2765 रोगियों का उपचार, 1037 ब्लड सैंपल, 1247 आरडीटी किटों से जांच कराई गई। इसमें कुल 75 पीवी और तीन पीएफ को चिह्नित हुए।
विज्ञापन
कार्य में लापरवाही पर की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। राज्य स्तरीय टीमों के नेतृत्व में जिलास्तर पर चार और 42 ब्लाक स्तरीय टीमों द्वारा बुखार के कुल 4603 रोगियों को उपचार और जांच की गई। साथ ही आरडीटी किट से 91 पीवी और 67 पीएफ रोगी चिह्नित किए गए, जिनका आरटी और एसीटी उपचार किया गया। प्रभारी सीएमओ ने काम में लापरवाही बरतने पर दो डॉक्टरों के वेतन आहरण पर रोक लगाई है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. मजीत सिंह ने बताया कि जिला संक्रामक रोग नियंत्रण टीम के दो चिकित्सकों डॉ.जौन सिंह और डॉ. सोहेल खान काम में लापरवाही बरत रहे थे। इसके चलते उनका वेतन आहरण पर रोक लगाई गई। दोनों को चेतावनी पत्र जारी कर दिया गया है। भविष्य में लापरवाही हुई तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बताया कि मलेरिया विभाग की ओर से 13 टीमें गठित कर 9 ग्रामों में लार्वी साइडल छिड़काव (तिगुलापुर, सेमरिया, छजऊ, बीरमपुर, इस्माईलपुर, गिधौल, छोटा और बड़ा परसुरा, मौजमपुर) में एक गांव के 285 घरों में पायरेथम स्प्रे और नौ ग्रामों में फॉगिंग कराई गई। प्रभावित ग्रामों में शुद्ध पेयजल के लिए क्लोरीन की गोलियां वितरित कीं। ओआरएस पैकट वितरित किए गए। जिला चिकित्सालय, सभी सीएचसी, पीएचसी पर फीवर हेल्प डेस्क/ फीवर क्लीनिक की स्थापना की जा चुकी है। इसमें बुखार के कुल 2765 रोगियों का उपचार, 1037 ब्लड सैंपल, 1247 आरडीटी किटों से जांच कराई गई। इसमें कुल 75 पीवी और तीन पीएफ को चिह्नित हुए।
विज्ञापन