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आंकड़ों में खेल: बुखार से 16 मौत, 132 कैसे मरे?
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:40 PM IST
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सरकारी आंकड़ें बदलने में उलझा स्वास्थ्य विभाग
16 मौतें बुखार से तो बाकी कैसे मरे, जवाब नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूूं। सरकारी दावों में बुखार से कुल 16 लोगों की मौत हुई है। 40 लोग अन्य बीमारियों से मरे हैं। जबकि आंकड़ा 147 तक पहुंच गया है। सरकारी दावों के अलावा अन्य लोगों की मौत कैसे हुई, स्वास्थ्य विभाग के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
जिले में 22 अगस्त से बुखार से लोगों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ था। उस दिन से लेकर अब तक 147 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हजारों लोग इस समय बुखार से तड़प रहे हैं। समरेर, दातागंत और जगत ब्लाक संवेदनशील घोषित हो चुके हैं। जिला अस्पताल के बैड फुल हो चुके हैं। इस समय प्राइवेट अस्पताल भी खाली नहीं हैं। बुखार से जिला प्रशासन ही नहीं शासन तक हिल गया है। लखनऊ की कई टीमें जिले में भ्रमण कर रहीं हैं। ऐसे हालात में स्वास्थ्य विभाग सरकारी आंकड़े बदलकर स्वयं फंस गया है। स्वास्थ्य विभाग 147 में से सिर्फ 16 लोगों की मौत बुखार से मान रहा है। 40 लोगों की मौत अन्य बीमारियों से बता रहा है लेकिन 91 लोगों की मौत कैसे हुई। किस बीमारी से हुई इसका कोई जवाब नहीं है। इधर, विभागीय आंकड़ों की माने तो 80333 लोग बुखार की चपेट में आए। दर्जनों केस फैल्सीपेरम के निकल चुके हैं।
वर्जन--
इस तरह मौतों का आंकड़ा पता नहीं चलेगा। इसके लिए विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लाक स्तर से जांच कराई जाएगी। इस दौरान जो लोग मरे हैं। उनकी पूरी छानबीन की जाएगी। तभी सही आंकड़ा सामने आएगा।
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डॉ. अनिल कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक लखनऊ
16 मौतें बुखार से तो बाकी कैसे मरे, जवाब नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूूं। सरकारी दावों में बुखार से कुल 16 लोगों की मौत हुई है। 40 लोग अन्य बीमारियों से मरे हैं। जबकि आंकड़ा 147 तक पहुंच गया है। सरकारी दावों के अलावा अन्य लोगों की मौत कैसे हुई, स्वास्थ्य विभाग के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
जिले में 22 अगस्त से बुखार से लोगों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ था। उस दिन से लेकर अब तक 147 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हजारों लोग इस समय बुखार से तड़प रहे हैं। समरेर, दातागंत और जगत ब्लाक संवेदनशील घोषित हो चुके हैं। जिला अस्पताल के बैड फुल हो चुके हैं। इस समय प्राइवेट अस्पताल भी खाली नहीं हैं। बुखार से जिला प्रशासन ही नहीं शासन तक हिल गया है। लखनऊ की कई टीमें जिले में भ्रमण कर रहीं हैं। ऐसे हालात में स्वास्थ्य विभाग सरकारी आंकड़े बदलकर स्वयं फंस गया है। स्वास्थ्य विभाग 147 में से सिर्फ 16 लोगों की मौत बुखार से मान रहा है। 40 लोगों की मौत अन्य बीमारियों से बता रहा है लेकिन 91 लोगों की मौत कैसे हुई। किस बीमारी से हुई इसका कोई जवाब नहीं है। इधर, विभागीय आंकड़ों की माने तो 80333 लोग बुखार की चपेट में आए। दर्जनों केस फैल्सीपेरम के निकल चुके हैं।
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इस तरह मौतों का आंकड़ा पता नहीं चलेगा। इसके लिए विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लाक स्तर से जांच कराई जाएगी। इस दौरान जो लोग मरे हैं। उनकी पूरी छानबीन की जाएगी। तभी सही आंकड़ा सामने आएगा।
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डॉ. अनिल कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक लखनऊ