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ओडीएफ के लिए तीन सौ लोग चिह्नित, सर्वे टीम को सौंपी जांच
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:22 AM IST
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उझानी (बदायूं)। स्वच्छता मिशन अभियान के तहत नगर को ओडीएफ करने के लिए शनिवार तड़के ईओ संजय कुमार तिवारी के साथ पालिका कर्मियों की टीम ने इंदिरा कॉलोनी, बहादुरगंज मोहल्ले के गद्दीटोला और नझियाई की चटइया कॉलोनी के आसपास महिला और पुरुषों को खुले में शौच करने के दुष्परिणाम से अवगत कराया। पालिका कर्मियों ने तीन सौ महिला-पुरुषों को चिह्नित किया। उनके घर में शौचालय हैं या नहीं, इसकी जांच को सर्वे टीम घर पहुंचेगी।
पालिका कर्मियों की टीम तड़के जिन मोहल्लों में पहुंची, उनके बाहरी छोर पर महिला और पुरुष कर्मचारियों की तीन-तीन टीमें बनाकर ऐसे लोगों को टोका गया जो खुले में शौच के लिए निकले थे। उनके नाम और पते सूचीबद्ध करने के बाद पालिका कर्मियों ने ज्यादातर महिला-पुरुषों को लौटते समय रोक कर खुले में शौच करने से होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी। ईओ संजय कुमार तिवारी ने बताया कि कुछेक महिला-पुरुषों ने घरों में शौचालय होने की बात तो स्वीकार की लेकिन खुले में शौच की आदत बताकर खुद को माहौल के अनुरूप बदलने का भरोसा भी दिलाया। उनसे कहा गया कि घर में शौचालय है तो खुले में शौच को जाने से परहेज करें।
सूचीबद्ध महिला-पुरुषों को लेकर बाद में पालिका कार्यालय में हुई बैठक में हकीकत जानने का भी निर्णय लिया गया। ईओ ने बताया कि पालिका की सर्वे टीम को सूची के आधार पर घरों तक पहुंचकर शौचालयों के बारे में जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन घरों में शौचालय नहीं हैं, उनके गृहस्वामियों को सरकारी योजना से शौचालय निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्हें अनुदान मुहैया कराने से पहले उनके सामने दो प्रकार के विकल्प रखे जाएंगे। पहला अनुदान राशि से खुद शौचालय का निर्माण कराएं, दूसरा यह कि गृहस्वामी के कहने पर पालिका प्रशासन ठेकेदार के जरिए भी शौचालय का निर्माण करा देगा।
पालिका कर्मियों की टीम तड़के जिन मोहल्लों में पहुंची, उनके बाहरी छोर पर महिला और पुरुष कर्मचारियों की तीन-तीन टीमें बनाकर ऐसे लोगों को टोका गया जो खुले में शौच के लिए निकले थे। उनके नाम और पते सूचीबद्ध करने के बाद पालिका कर्मियों ने ज्यादातर महिला-पुरुषों को लौटते समय रोक कर खुले में शौच करने से होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी। ईओ संजय कुमार तिवारी ने बताया कि कुछेक महिला-पुरुषों ने घरों में शौचालय होने की बात तो स्वीकार की लेकिन खुले में शौच की आदत बताकर खुद को माहौल के अनुरूप बदलने का भरोसा भी दिलाया। उनसे कहा गया कि घर में शौचालय है तो खुले में शौच को जाने से परहेज करें।
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सूचीबद्ध महिला-पुरुषों को लेकर बाद में पालिका कार्यालय में हुई बैठक में हकीकत जानने का भी निर्णय लिया गया। ईओ ने बताया कि पालिका की सर्वे टीम को सूची के आधार पर घरों तक पहुंचकर शौचालयों के बारे में जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन घरों में शौचालय नहीं हैं, उनके गृहस्वामियों को सरकारी योजना से शौचालय निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्हें अनुदान मुहैया कराने से पहले उनके सामने दो प्रकार के विकल्प रखे जाएंगे। पहला अनुदान राशि से खुद शौचालय का निर्माण कराएं, दूसरा यह कि गृहस्वामी के कहने पर पालिका प्रशासन ठेकेदार के जरिए भी शौचालय का निर्माण करा देगा।
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