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जिले के 272 गांवों में लगेगी किसान पाठशाला
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:23 AM IST
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Agriculture
- फोटो : DEMO PHOTO
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बदायूं। किसानों को खेती, बागवानी और पशुपालन की नई तकनीक से रूबरू कराने के लिहाज से 272 गांवों में किसान पाठशाला लगाई जाएगी। पांच दिसंबर से दो चरणों में इसका आयोजन होगा। कई विभाग इसमें सहभागिता करेंगे।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन अब ग्रामीण क्षेत्र में किसान पाठशाला नाम से कार्यक्रम करेगा। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पहला सत्र पांच से 12 दिसंबर तक तो दूसरा सत्र 11 से 14 दिसंबर तक होगा। बताया कि जिले में कुल 136 न्याय पंचायत हैं। हर न्याय पंचायत के दो गांवों में शाम चार से पांच बजे तक यह पाठशाला लगा करेगी। प्रयास होगा कि आसपास के गांवों के किसान भी वहां आ जाएं। कृषि विभाग के अलावा उद्यान विभाग, पशुपालन, गन्ना विभाग आदि की भी इसमें सहभागिता रहेगी। पहले इन विभागों के कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। बाद में वे गांवों में किसानों को अपने विभागों से संबंधित नवीनतम जानकारियां देंगे। किसानों को उनके खेतों की मिट्टी और जलवायु के हिसाब से फसलें बोने, अच्छा बीज डालने, कीटनाशक का प्रयोग और बेहतर फसल लेने के लिए वैज्ञानिक तकनीक के बारे में बताया जाएगा। बताया कि इसी तरह किसानों को स्प्रिंकलर सिंचाई, बागवानी, पशुपालन और ट्रेंच विधि से गन्ना बोने के बारे में बताया जाएगा। उन्हें सरकार से इन चीजों पर मिल रहे अनुदान की भी जानकारी दी जाएगी।
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शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन अब ग्रामीण क्षेत्र में किसान पाठशाला नाम से कार्यक्रम करेगा। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पहला सत्र पांच से 12 दिसंबर तक तो दूसरा सत्र 11 से 14 दिसंबर तक होगा। बताया कि जिले में कुल 136 न्याय पंचायत हैं। हर न्याय पंचायत के दो गांवों में शाम चार से पांच बजे तक यह पाठशाला लगा करेगी। प्रयास होगा कि आसपास के गांवों के किसान भी वहां आ जाएं। कृषि विभाग के अलावा उद्यान विभाग, पशुपालन, गन्ना विभाग आदि की भी इसमें सहभागिता रहेगी। पहले इन विभागों के कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। बाद में वे गांवों में किसानों को अपने विभागों से संबंधित नवीनतम जानकारियां देंगे। किसानों को उनके खेतों की मिट्टी और जलवायु के हिसाब से फसलें बोने, अच्छा बीज डालने, कीटनाशक का प्रयोग और बेहतर फसल लेने के लिए वैज्ञानिक तकनीक के बारे में बताया जाएगा। बताया कि इसी तरह किसानों को स्प्रिंकलर सिंचाई, बागवानी, पशुपालन और ट्रेंच विधि से गन्ना बोने के बारे में बताया जाएगा। उन्हें सरकार से इन चीजों पर मिल रहे अनुदान की भी जानकारी दी जाएगी।
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