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नरौरा से 94333 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज, गंगा में उफान
Updated Sat, 29 Jul 2017 06:34 PM IST
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बदायूं। गंगा में नरौरा बैराज से वाटर डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है। शनिवार को नरौरा बैराज से 94333 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगी हैं। शनिवार को गंगा का जल स्तर मीटर गेट पर 163.2 दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से कुछ ही कम है। शुक्रवार को मीटर गेज 162.38 के आस-पास था। गंगा में उफान से तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में आ गए हैं। कटान की वजह से काफी जमीन भी गंगा में समा चुकी है। हालांकि, बाढ़ खंड का कहना है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के चलते गंगा में हरिद्वार और नरौरा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को नरौरा बैराज से गंगा में 77679 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया था। शनिवार को यह बढ़कर 94333 क्यूसेक हो गया। इसमें करीब 16654 क्यूसेक का इजाफा हुआ है। दो दिन में गंगा में 172012 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हालत गंभीर होते दिख रहे हैं। उसहैत में पथरामई के पास गंगा ने जमीदाराना बांध पर कटान शुरू कर दिया हे। इस बांध पर इस बार बाढ़ खंड ने मरम्मत का भी काम नहीं कराया है। कछला में गंगा का मीटर गेज 163.50 पर पहुंचने के बाद जिले में गंगा के तटवर्ती करीब 200 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाया करते हैं। शनिवार को मीटर गेज 163.2 पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से कुछ ही नीचे है। हालांकि, बाढ़ खंड अब भी स्थिति को सामान्य ही मान रहा है।
इधर, गंगा का जल स्तर बढ़ने की वजह से उसहैत में जमीदाराना बांध पर हालात संवेदनशील होने लगे हैं। पथरामई के पास गंगा की धारा बांध से टकरा रही है। इससे यहां कटान तेज हो गया है। सहसवान, कादरचौक में भी गंगा कटान कर रही हैं। यहां काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। नगला अजमेरी बांध से भी गंगा की धारा टकरा रही है। यहां भी करीब दो दर्जन गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
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एक साथ दो लाख क्यूसेक पानी आने पर होगा खतरा
बदायूं। चालू सीजन में गंगा में अब तक एक साथ एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं छोड़ा गया है। अगर नरौरा बैराज से एक दिन में एक साथ दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जाता है तो खतरा बढ़ जाएगा। चालू सीजन में सिर्फ तीन बार ज्यादा पानी छोड़ा गया है। 14 जुलाई को 95 हजार, 15 को 105345 और अब शनिवार को गंगा में नरौरा बैराज से 94333 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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चालू सप्ताह में गंगा में वाटर डिस्चार्ज
रविवार- 37194
सोमवार- 49209
मंगलवार- 57724
बुधवार- 57524
गुरुवार- 62040
शुक्रवार- 77679
शनिवार-94333
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वर्जन-
फिलहाल हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। एक साथ 94333 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जल स्तर में इजाफा जरूर हुआ है लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है। अगर एक साथ दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आता है तो खतरा पैदा होता है।
-अरविंद कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के चलते गंगा में हरिद्वार और नरौरा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को नरौरा बैराज से गंगा में 77679 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया था। शनिवार को यह बढ़कर 94333 क्यूसेक हो गया। इसमें करीब 16654 क्यूसेक का इजाफा हुआ है। दो दिन में गंगा में 172012 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हालत गंभीर होते दिख रहे हैं। उसहैत में पथरामई के पास गंगा ने जमीदाराना बांध पर कटान शुरू कर दिया हे। इस बांध पर इस बार बाढ़ खंड ने मरम्मत का भी काम नहीं कराया है। कछला में गंगा का मीटर गेज 163.50 पर पहुंचने के बाद जिले में गंगा के तटवर्ती करीब 200 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाया करते हैं। शनिवार को मीटर गेज 163.2 पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से कुछ ही नीचे है। हालांकि, बाढ़ खंड अब भी स्थिति को सामान्य ही मान रहा है।
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इधर, गंगा का जल स्तर बढ़ने की वजह से उसहैत में जमीदाराना बांध पर हालात संवेदनशील होने लगे हैं। पथरामई के पास गंगा की धारा बांध से टकरा रही है। इससे यहां कटान तेज हो गया है। सहसवान, कादरचौक में भी गंगा कटान कर रही हैं। यहां काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। नगला अजमेरी बांध से भी गंगा की धारा टकरा रही है। यहां भी करीब दो दर्जन गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
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एक साथ दो लाख क्यूसेक पानी आने पर होगा खतरा
बदायूं। चालू सीजन में गंगा में अब तक एक साथ एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं छोड़ा गया है। अगर नरौरा बैराज से एक दिन में एक साथ दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जाता है तो खतरा बढ़ जाएगा। चालू सीजन में सिर्फ तीन बार ज्यादा पानी छोड़ा गया है। 14 जुलाई को 95 हजार, 15 को 105345 और अब शनिवार को गंगा में नरौरा बैराज से 94333 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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चालू सप्ताह में गंगा में वाटर डिस्चार्ज
रविवार- 37194
सोमवार- 49209
मंगलवार- 57724
बुधवार- 57524
गुरुवार- 62040
शुक्रवार- 77679
शनिवार-94333
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वर्जन-
फिलहाल हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। एक साथ 94333 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जल स्तर में इजाफा जरूर हुआ है लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है। अगर एक साथ दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आता है तो खतरा पैदा होता है।
-अरविंद कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड