{"_id":"5ad75c074f1c1b57098b548e","slug":"11524063239-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार गांवों में 125 घर राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार गांवों में 125 घर राख
Updated Wed, 18 Apr 2018 08:56 PM IST
विज्ञापन
आग
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार गांवों में 125 घर राख
जिंदा जले एक दर्जन पशु, लाखों का नुकसान
कादरचौक (बदायूं)। गर्मी के साथ आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। जिले में बुधवार को आग ने जमकर कहर बरपाया। गांवों में सुबह से लेकर शाम तक आग लगने की घटनाएं होती रहीं। अकेले कादरचौक इलाके के चार गांवों के करीब 125 घर जल गए। इसमें एक दर्जन से अधिक पशु जिंदा जलकर मर गए। गांवों में खड़े दो ट्रैक्टर और दर्जनों कृषि उपकरण आग की भेंट चढ़ गए। दमकल कर्मियों को भी आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करने पड़ी। चारों गांवों में आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
आग लगने की शुरुआत तड़के करीब पांच बजे बड़ी कादरवाड़ी में हुई। गांव के खन्नू, अनीस और अकीला बेगम के घरों को आग ने अपने आगोश में समेट लिया। खन्नू के घर में रखे 20 हजार रुपये भी राख हो गए। तीनों घरों में अनाज और रोजमर्रा इस्तेमाल का सामान भी नहीं बचा। दोपहर में कासगंज जिले के थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव नियाजी नगला के अरमान के घर के पास से उठी चिंगारी ने पहले अरमान फिर एक-एक करके आसपास के करीब 35 घरों को चपेट में ले लिया। सभी घर झोपड़ीनुमा हैं। फखरुद्दीना की दो बकरियां जिंदा जलकर मर गईं। सूचना के बाद दमकल भी मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने मशक्कत कर आग पा काबू तो पा लिया लेकिन तब तक सभी घरों में रखा अनाज, कपड़े, रोजमर्रा का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
सबसे ज्यादा नुकसान रामसहाय नगला और रिकारा में हुआ है। रिकारा के रामऔतार, किशनलाल, भगत सिंह, समी अहमद, चंद्रभान समेत 50 ग्रामीणों के घर राख हो गए। जिन घरों में आग ने कहर बरपाया, उनमें खानपान का भी सामान नहीं बचा। चंद्रभान और रामऔतार की दो बाइक भी जल गईं। पशुशाला में बंधे जानवरों को भी ग्रामीण नहीं खोल पाए। पशुओं में आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। इसके अलावा रिकारा से ही सटे गांव रामसहाय नगला में ग्रामीण सत्यवीर की भूसे की वुर्जी से उठी चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया। गांव के श्रवण, राममूर्ति, शिवसिंह, हेतराम, नेत्रपाल, गंगाचरन, रक्षपाल, प्रसादी, मोरसिंह, सत्यपाल, कल्लू और रामचंद्र आदि समेम 40 घरों को आग ने अपने आगोश में ले लिया। सात पशु भी मर गए। नेत्रपाल का ट्रैक्टर जल गया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में तीन घंटे लगे।
विज्ञापन
-------------
रिकारा और रामसहास नगला में है एक गलियारे का फासला
कादरचौक। कादरचौक क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर जो चार गांव अग्निकांड की चपेट में आए, उनमें रिकारा और रामसहाय नगला की दूरी महज एक गलियारे की है। गलियारे के पश्चिमी छोर पर रिकारा तो पूवी ओर रामसहाय नगला है। रामसहाय नगला कादरचौक थाना क्षेत्र में आता है। जबकि रिकारा कासगंज जिले के सिकंदरपुर वैश्य का गांव है। सबसे ज्यादा नुकसान भी रिकारा और रामसहाय नगला में हुआ है।
------------
गेहूं की पुलियों में आग लगा देने का आरोप
उझानी। कोतवाली क्षेत्र के गांव पतौरा निवासी ओमचंद्र ने बुधवार को खेत में गेहूं की थ्रेसिंग कराई। आधे खेत का अनाज निकल भी आया लेकिन ट्रैक्टर खराब होने के बाद ओमचंद्र रोटी खाने के लिए घर चला गया। लौटा तो आधे खेत के गेहूं की पुलिया को ढेर राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। उसने गांव के दो लोगों पर रंजिशन आग लगा देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली आकर पुलिस को तहरीर भी दे दी है।
विज्ञापन
जिंदा जले एक दर्जन पशु, लाखों का नुकसान
कादरचौक (बदायूं)। गर्मी के साथ आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। जिले में बुधवार को आग ने जमकर कहर बरपाया। गांवों में सुबह से लेकर शाम तक आग लगने की घटनाएं होती रहीं। अकेले कादरचौक इलाके के चार गांवों के करीब 125 घर जल गए। इसमें एक दर्जन से अधिक पशु जिंदा जलकर मर गए। गांवों में खड़े दो ट्रैक्टर और दर्जनों कृषि उपकरण आग की भेंट चढ़ गए। दमकल कर्मियों को भी आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करने पड़ी। चारों गांवों में आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
आग लगने की शुरुआत तड़के करीब पांच बजे बड़ी कादरवाड़ी में हुई। गांव के खन्नू, अनीस और अकीला बेगम के घरों को आग ने अपने आगोश में समेट लिया। खन्नू के घर में रखे 20 हजार रुपये भी राख हो गए। तीनों घरों में अनाज और रोजमर्रा इस्तेमाल का सामान भी नहीं बचा। दोपहर में कासगंज जिले के थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव नियाजी नगला के अरमान के घर के पास से उठी चिंगारी ने पहले अरमान फिर एक-एक करके आसपास के करीब 35 घरों को चपेट में ले लिया। सभी घर झोपड़ीनुमा हैं। फखरुद्दीना की दो बकरियां जिंदा जलकर मर गईं। सूचना के बाद दमकल भी मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने मशक्कत कर आग पा काबू तो पा लिया लेकिन तब तक सभी घरों में रखा अनाज, कपड़े, रोजमर्रा का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा नुकसान रामसहाय नगला और रिकारा में हुआ है। रिकारा के रामऔतार, किशनलाल, भगत सिंह, समी अहमद, चंद्रभान समेत 50 ग्रामीणों के घर राख हो गए। जिन घरों में आग ने कहर बरपाया, उनमें खानपान का भी सामान नहीं बचा। चंद्रभान और रामऔतार की दो बाइक भी जल गईं। पशुशाला में बंधे जानवरों को भी ग्रामीण नहीं खोल पाए। पशुओं में आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। इसके अलावा रिकारा से ही सटे गांव रामसहाय नगला में ग्रामीण सत्यवीर की भूसे की वुर्जी से उठी चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया। गांव के श्रवण, राममूर्ति, शिवसिंह, हेतराम, नेत्रपाल, गंगाचरन, रक्षपाल, प्रसादी, मोरसिंह, सत्यपाल, कल्लू और रामचंद्र आदि समेम 40 घरों को आग ने अपने आगोश में ले लिया। सात पशु भी मर गए। नेत्रपाल का ट्रैक्टर जल गया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में तीन घंटे लगे।
विज्ञापन
-------------
रिकारा और रामसहास नगला में है एक गलियारे का फासला
कादरचौक। कादरचौक क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर जो चार गांव अग्निकांड की चपेट में आए, उनमें रिकारा और रामसहाय नगला की दूरी महज एक गलियारे की है। गलियारे के पश्चिमी छोर पर रिकारा तो पूवी ओर रामसहाय नगला है। रामसहाय नगला कादरचौक थाना क्षेत्र में आता है। जबकि रिकारा कासगंज जिले के सिकंदरपुर वैश्य का गांव है। सबसे ज्यादा नुकसान भी रिकारा और रामसहाय नगला में हुआ है।
------------
गेहूं की पुलियों में आग लगा देने का आरोप
उझानी। कोतवाली क्षेत्र के गांव पतौरा निवासी ओमचंद्र ने बुधवार को खेत में गेहूं की थ्रेसिंग कराई। आधे खेत का अनाज निकल भी आया लेकिन ट्रैक्टर खराब होने के बाद ओमचंद्र रोटी खाने के लिए घर चला गया। लौटा तो आधे खेत के गेहूं की पुलिया को ढेर राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। उसने गांव के दो लोगों पर रंजिशन आग लगा देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली आकर पुलिस को तहरीर भी दे दी है।