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राशन माफिया पर डीएम का शिकंजा
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:29 PM IST
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बदायूं। जिले के राशन माफिया पर शिकंजा कसता जा रहा है। डीएम ने राशन की दुकानों पर वितरण अधिकारी लगाने के बाद दस पर्यवेक्षक अधिकारी बनाए हैं। पर्यवेक्षक अधिकारी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर जाकर औचक निरीक्षण करेंगे। कोटेदारों का स्टॉक और अभिलेखों को चेक करने के साथ लोगों से अनाज वितरण के बारे में पूछताछ करेंगे।
जिले में कोटे के राशन में बड़ा गोलमाल था। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का राशन गरीबों के पेट में न जाकर रसूखदारों की जेब में जा रहा था। राशन की दुकानों को लेकर आए दिन झगड़े होते थे। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने जिले की कमान संभालने के बाद राशन माफिया पर शिकंजा कसना शुरू किया। सरकारी राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए कई स्तर पर टीमें लगाई गईं। हर माह 21 तारीख से महीने के आखिर तक राशन का गोदामों से उठान होता है। अब गोदाम से राशन जाने के समय वीडियोग्राफी कराई जाती है। एक से 10 तारीख तक कोटेदार के यहां पहुंचे राशन का सत्यापन किया जाता है। इसके लिए जिले के 162 अधिकारी लगाए गए हैं। कोटेदार के राशन बांटने के दौरान वितरण अधिकारी मौजूद रहते हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगाए गए हैं। कोटेदार और वितरण अधिकारियों की जांच के लिए पर्यवेक्षक अधिकारी लगाए गए हैं। इनमें सीडीपीओ हरिमोहन, ग्राम विकास अधिकारी माला पटेल, चकबंदी अधिकारी रामजी गुप्ता आदि शामिल है। ये जिले भर में कोटे की दुकानों पर जाकर औचक निरीक्षण करेंगे।
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राशन वितरण में पूरी पारदर्शिता होना चाहिए। वितरण अधिकारी और कोटेदार की साठगांठ पकड़ी गई तो दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धरा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पर्यवेक्षक अधिकारी गड़बड़ी करेंगे तो उन पर भी कार्रवाई होगी। - दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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जिले में सरकारी सस्ते गल्ले की कुल दुकानें - 1444
निलंबित चल रहीं - 42
निरस्त चल रहीं- 13
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जिले में कोटे के राशन में बड़ा गोलमाल था। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का राशन गरीबों के पेट में न जाकर रसूखदारों की जेब में जा रहा था। राशन की दुकानों को लेकर आए दिन झगड़े होते थे। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने जिले की कमान संभालने के बाद राशन माफिया पर शिकंजा कसना शुरू किया। सरकारी राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए कई स्तर पर टीमें लगाई गईं। हर माह 21 तारीख से महीने के आखिर तक राशन का गोदामों से उठान होता है। अब गोदाम से राशन जाने के समय वीडियोग्राफी कराई जाती है। एक से 10 तारीख तक कोटेदार के यहां पहुंचे राशन का सत्यापन किया जाता है। इसके लिए जिले के 162 अधिकारी लगाए गए हैं। कोटेदार के राशन बांटने के दौरान वितरण अधिकारी मौजूद रहते हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगाए गए हैं। कोटेदार और वितरण अधिकारियों की जांच के लिए पर्यवेक्षक अधिकारी लगाए गए हैं। इनमें सीडीपीओ हरिमोहन, ग्राम विकास अधिकारी माला पटेल, चकबंदी अधिकारी रामजी गुप्ता आदि शामिल है। ये जिले भर में कोटे की दुकानों पर जाकर औचक निरीक्षण करेंगे।
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राशन वितरण में पूरी पारदर्शिता होना चाहिए। वितरण अधिकारी और कोटेदार की साठगांठ पकड़ी गई तो दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धरा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पर्यवेक्षक अधिकारी गड़बड़ी करेंगे तो उन पर भी कार्रवाई होगी। - दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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जिले में सरकारी सस्ते गल्ले की कुल दुकानें - 1444
निलंबित चल रहीं - 42
निरस्त चल रहीं- 13