फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   छतुइया कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं में स्किन इंफेक्शन

छतुइया कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं में स्किन इंफेक्शन

Sun, 17 Dec 2017 12:35 AM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
छतुइया कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं में स्किन इंफेक्शन
छात्राओं का चेकअप करने पहुंची टीम। - फोटो : अमर उजाला
उझानी (बदायूं)। कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय छतुइया की छात्राओं में स्किन इंफेक्शन की शिकायत पर शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. फैजान अहमद के नेतृत्व में टीम ने स्कूल पहुंचकर चेकअप किया। 15 छात्राओं में स्किन इंफेक्शन पाया गया। इनमें कई छात्राओं के कपड़े भी गंदे थे। डॉक्टरों ने छात्राओं को दवा दे दी है। अगर हालत में सुधार नहीं होता है तो छात्राओं का ब्लड सैंपल भी लिया जाएगा।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की टीम दिन में छतुइया स्थित कस्तूरबा विद्यालय पहुंची। डॉ. फैजान अहमद ने सबसे पहले खुजली से परेशान छात्राओं को देखा। 15 छात्राओं में स्किन इंफेक्शन की शिकायत पाई गई। इनमें कक्षा आठ की चार छात्राएं राधा, राशि, आकांक्षा और रीना के शरीर समेत हथेलियों पर इंफेक्शन का प्रकोप अधिक था। डॉ. फैजान और अमित कुमार ने वार्डन से विमला शर्मा ने छात्राओं के रहन-सहन और उनके खानपान को लेकर भी बात की। जिन छात्राओं में इंफेक्शन अधिक पाया गया, उनके कपड़े भी गंदे थे। स्वास्थ्य कर्मियों ने पीड़ित छात्राओं को लोशन के साथ टेबलेट भी दीं। तीन दिन तक सेहत में सुधार नहीं होने पर उनका ब्लड सैंपल लेकर जांच की जाएगी। स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं के बिस्तर भी देखे। छात्राओं ने इंपेक्शन की वजह से हो रही परेशानी भी स्वास्थ्य कर्मियों को बताई। बता दें कि छात्राओं में इंफेक्शन फैलने की जानकारी एक दिन पहले ही वार्डन ने बीएसए प्रेमचंद्र यादव को दी थी। बीएसए ने ही छात्राओं का इलाज शुरू करा देने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन

------------------
पेयजल की होगी जांच
उझानी। स्किन इंफेक्शन पीड़ित छात्राओं का चेकअप के बाद दवाएं देकर लौटे डॉ. फैजान अहमद ने बताया कि विद्यालय में छात्राओं को इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीने को मिलता है। विद्यालय में हालांकि समरसेबिल लगा है लेकिन उसके पानी का इस्तेमाल कपड़े धोने और नहाने के लिए किया जाता है। ऐसा भी हो सकता है कि टैंक की सफाई नहीं कराई गई हो। दूषित पानी से नहाने और उसका सेवन करने से भी संक्रमण फैलता है। वार्डन से कहा गया है कि वह टैंक और हैंडपंप के पानी की जांच जल निगम से कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------
जिन छात्राओं में स्किन इंफेक्शन की शिकायत पाई गई, उनके बिस्तर और रोजमर्रा इस्तेमाल के कपड़े अन्य छात्राओं के कपड़ों से दूर रखे जा रहे हैं। तीन दिन के अंदर इंफेक्शन कम नहीं हुआ तो वह बच्चों को अस्पताल ले जाकर इलाज शुरू करा देगीं।
- विमला शर्मा, वार्डन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed