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अब देहात के सरकारी अस्पतालों में भी 25 तरह की जांचों की सुविधा
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:15 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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बदायूं। यह खबर उन लोगों के लिए अच्छी हैं जिन्हें इस बारे में अब तक पता नहीं है कि जिले के देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में भी 25 तरह की जांच होने लगी हैं। शासन स्तर से एक अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लैब से अनुबंध हुआ है। उसी लैब के कर्मचारी सीएचसी-पीएचसी पर तैनात किए गए हैं। जहां से रोजाना बुलंदशहर स्थित मुख्य शाखा पर नमूने जांच को जाते हैं। समय से उसकी रिपोर्ट भी आ जाती है।
शासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि गरीब जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की ओर से कृष्ण डायग्नोस्टिक से अनुबंध हुआ है। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लैब है। इसका संचालन पुणे (महाराष्ट्र) से होता है। बुलंदशहर में इसकी मुख्य शाखा है।
सीएमओ ने बताया कि अनुबंध होने के बाद कृष्ण डायग्नोस्टिक के लैब टैक्नीशियन प्रत्येक सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात किए गए हैं। वह 25 तरह की जांचों के नमूने लेते हैं। यह सभी महंगी जांचें हैं। नमूना लेने के बाद इसे बुलंदशहर भेजा जाता है। वहीं से समय से जांच रिपोर्ट आ जाती है।
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सीएमओ ने कहा कि उन्होंने खुद सीएचसी-पीएचसी पर जाकर इस व्यवस्था को देखा है। बहुत ही अच्छे से काम चल रहा है। लोगों को लाभ हो रहा है। खासकर गरीब जनता को इसका काफी लाभ मिल रहा है जो कि आर्थिक दिक्कतों की वजह से महंगी जांचें नहीं करवा पाते थे। डॉ.नेमी चंद्रा ने कहा कि जो भी जांच होती है उसका शासन स्तर से ही भुगतान होता है। बाकायदा पूरी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को प्रेषित की जाती है।
डॉ नेमी चंद्रा का कहना है कि कहने को जिला अस्पताल में लैब है। फिर भी बहुत सी ऐसी जांचें होती हैं जिनकी सुविधा यहां पर नहीं है। लिहाजा, मरीजों को निजी लैब पर जाना पड़ता था। इस पर भी शासन से निर्णय किया गया। सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने बताया कि जिला अस्पताल में खन्ना डायग्नोस्टिक से अनुबंध है।
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सीएमओ ने लिया जायजा-
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.नेमी चंद्रा सुबह करीब दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने लैब का निरीक्षण किया। देखा कि कितनी जांचें रोजाना हो रहीं हैं। उनकी रिपोर्ट समय से आ रही है अथवा नहीं। सीएमओ को बताया गया कि जो भी जांच हो रहीं हैं उनकी रिपोर्ट समय से आ रहीं हैं।
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शासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि गरीब जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की ओर से कृष्ण डायग्नोस्टिक से अनुबंध हुआ है। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लैब है। इसका संचालन पुणे (महाराष्ट्र) से होता है। बुलंदशहर में इसकी मुख्य शाखा है।
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सीएमओ ने बताया कि अनुबंध होने के बाद कृष्ण डायग्नोस्टिक के लैब टैक्नीशियन प्रत्येक सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात किए गए हैं। वह 25 तरह की जांचों के नमूने लेते हैं। यह सभी महंगी जांचें हैं। नमूना लेने के बाद इसे बुलंदशहर भेजा जाता है। वहीं से समय से जांच रिपोर्ट आ जाती है।
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सीएमओ ने कहा कि उन्होंने खुद सीएचसी-पीएचसी पर जाकर इस व्यवस्था को देखा है। बहुत ही अच्छे से काम चल रहा है। लोगों को लाभ हो रहा है। खासकर गरीब जनता को इसका काफी लाभ मिल रहा है जो कि आर्थिक दिक्कतों की वजह से महंगी जांचें नहीं करवा पाते थे। डॉ.नेमी चंद्रा ने कहा कि जो भी जांच होती है उसका शासन स्तर से ही भुगतान होता है। बाकायदा पूरी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को प्रेषित की जाती है।
डॉ नेमी चंद्रा का कहना है कि कहने को जिला अस्पताल में लैब है। फिर भी बहुत सी ऐसी जांचें होती हैं जिनकी सुविधा यहां पर नहीं है। लिहाजा, मरीजों को निजी लैब पर जाना पड़ता था। इस पर भी शासन से निर्णय किया गया। सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने बताया कि जिला अस्पताल में खन्ना डायग्नोस्टिक से अनुबंध है।
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सीएमओ ने लिया जायजा-
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.नेमी चंद्रा सुबह करीब दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने लैब का निरीक्षण किया। देखा कि कितनी जांचें रोजाना हो रहीं हैं। उनकी रिपोर्ट समय से आ रही है अथवा नहीं। सीएमओ को बताया गया कि जो भी जांच हो रहीं हैं उनकी रिपोर्ट समय से आ रहीं हैं।