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कलश यात्रा में गूंजे मंगलगीत, झांकियों पर बरसे फूल
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:11 AM IST
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कलश यात्रा में शामिल झांकी।
- फोटो : अमर उजाला
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उझानी (बदायूं)। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में मंगलवार से 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ और कन्या कौशल शिविर शुरू हो गया। पहले दिन महिलाओं ने कलश यात्रा निकाल कर लोगों को महायज्ञ में आमंत्रित किया। कलश यात्रा मेन मार्केट से होकर एमजीपी कॉलेज के मैदान पहुंची। रास्ते में लोगों ने यात्रा का कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया। पीतवस्त्रधारी महिलाओं ने मंगलगीत भी गाए। लाउडस्पीकर पर गायत्री मंत्रों की गूंज रही।
शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंची गायत्री परिवार की टोली की देखरेख में कलश यात्रा दोपहर में देवनागरी इंटर कॉलेज से शुरू हुई। शोभायात्रा शुरू होने से पहले गायत्री परिवार के सदस्यों ने देव प्रतिमाओं का पूजन किया। आचार्य राम शर्मा के जयकारों की गूंज के साथ कलश लेकर निकलीं महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए धर्म का गुणगान किया। बिल्सी रोड बाजार से होकर शोभायात्रा घंटाघर चौराहे पर पहुंची तो दुकानदारों समेत गायत्री परिवार से जुड़े लोगों ने स्वागत किया। श्रेष्ठ संस्कारों का संदेश देती हुईं महिलाएं स्टेशन रोड होकर महायज्ञ स्थल एमजीपी कॉलेज के मैदान पर पहुंचीं तो पूरा कार्यक्रम स्थल पीत रंग से सराबोर हो उठा। टोली नायक संदीप पांडेय ने कहा कि श्रद्धा वह प्रकाश है जो आत्मा को परिष्कृत कर सत्य का मार्ग दिखाती है।
सहायक टोली नायक हरीशंकर यादव ने भी गायत्री महामंत्र का महत्व समझाया। रामवीर नेगी और महेश विश्वकर्मा ने प्रज्ञागीत सुनाया। गायत्री परिवार की महिलाओं ने वेद मंत्रोच्चारण कर शक्ति कलशों का पूजन कराया। गायत्री आरती के दौरान आस्था का संगम नजर आया। महायज्ञ के पहले दिन ज्ञानेंद्र भारद्वाज, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, विमलेश, एनएल शर्मा, रामचंद्र प्रजापति आदि मौजूद थे।
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शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंची गायत्री परिवार की टोली की देखरेख में कलश यात्रा दोपहर में देवनागरी इंटर कॉलेज से शुरू हुई। शोभायात्रा शुरू होने से पहले गायत्री परिवार के सदस्यों ने देव प्रतिमाओं का पूजन किया। आचार्य राम शर्मा के जयकारों की गूंज के साथ कलश लेकर निकलीं महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए धर्म का गुणगान किया। बिल्सी रोड बाजार से होकर शोभायात्रा घंटाघर चौराहे पर पहुंची तो दुकानदारों समेत गायत्री परिवार से जुड़े लोगों ने स्वागत किया। श्रेष्ठ संस्कारों का संदेश देती हुईं महिलाएं स्टेशन रोड होकर महायज्ञ स्थल एमजीपी कॉलेज के मैदान पर पहुंचीं तो पूरा कार्यक्रम स्थल पीत रंग से सराबोर हो उठा। टोली नायक संदीप पांडेय ने कहा कि श्रद्धा वह प्रकाश है जो आत्मा को परिष्कृत कर सत्य का मार्ग दिखाती है।
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सहायक टोली नायक हरीशंकर यादव ने भी गायत्री महामंत्र का महत्व समझाया। रामवीर नेगी और महेश विश्वकर्मा ने प्रज्ञागीत सुनाया। गायत्री परिवार की महिलाओं ने वेद मंत्रोच्चारण कर शक्ति कलशों का पूजन कराया। गायत्री आरती के दौरान आस्था का संगम नजर आया। महायज्ञ के पहले दिन ज्ञानेंद्र भारद्वाज, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, विमलेश, एनएल शर्मा, रामचंद्र प्रजापति आदि मौजूद थे।
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