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सड़कों पर पशु, अधिकारी बेपरवाह...मुश्किल में राहगीर
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बदायूं। राज्य सरकार गोवंशीय पशुओं को लेकर बेहद संजीदा है और इसके लिए उसकी ओर से सभी डीएम को अस्थायी आश्रय स्थल बनाने के निर्देश है। शासन का स्पष्ट आदेश है कि गोवंशीय सड़कों पर घूमते दिखाई न दें। इसकी जिम्मेदारी नगर पालिका और नगर पंचायतों को दी गई है, लेकिन विभाग कहीं भी इसके लिए संजीदा दिखाई नहीं दे रहा है। नगर पालिका प्रशासन डीएम के आदेश को भी ताक पर रखे हुए है। यही वजह है कि शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गालियों तक में अक्सर गोवंशीय पशु सुबह से लेकर रात तक में घूमते दिखाई दे रहे हैं। सड़कों पर आवारा घूमने वाले ये पशु राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब भी बन रहे हैं। कई बार इनके द्वारा सड़क चलते राहगीरों को घायल कर दिया गया है। नगर पालिका द्वारा शहर में एक आश्रय स्थल कार्यालय के सामने बनाया गया है, लेकिन यहां पर केवल 25-30 पशु ही दिखाई देते हैं। अन्य सड़कों पर घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें पकड़वाने की जहमत कोई नहीं उठा रहा। डीएम के आदेश पर भी केवल खानापूर्ति की जा रही है।
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