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बेटियों के साथ अन्याय, ईश्वर का अपमान है: अक्षत अशेष

Wed, 05 Dec 2018 09:15 PM IST
Updated Wed, 05 Dec 2018 09:15 PM IST
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बेटियों के साथ अन्याय, ईश्वर का अपमान है: अक्षत अशेष
अमर उजाला के अपराजिता हंड्रेड मिलियन स्माइलीज कार्यक्रम की थीम पर गिंदो देवी महिला महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवायोजन प्रथम इकाई का एक दिवसीय शिविर शहर के बजरंग नगर में लगा। शिविर में महिला सुरक्षा और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषयक विचार गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि बदायूं क्लब के सचिव एवं विख्यात कवि डॉ. उर्मिलेश के बेटे डॉ. अक्षत अशेष रहे। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ अन्याय ईश्वर का अपमान है। हमारी संस्कृति में बेटियां और देवियां पूज्यनीय हैं। परिवार और समाज का हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे तो महिला हिंसा नहीं होगी। गोष्ठी से पहले छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली।
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शहर के बजरंग नगर में आयोजित इस गोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अक्षत अशेष ने दीप प्रज्ज्वलित कर और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंजलि और श्रष्टि ने मां सरस्वती की वंदना और स्वागत गीत सुनाया। मुख्य अतिथि डॉ. अक्षत ने कहा कि महिला हिंसा रोकने के लिए महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी जरूरी है। अधिकार पाने को लड़कियों का शिक्षित होना आवश्यक है। महिला हिंसा के खिलाफ खुद आवाज उठाएं एवं अन्य लड़कियों को जागरूक करें। उन्होंने अपने पिता डॉ. उर्मिलेश की बेटियों के जीवन पर लिखी एक कविता भी सुनाई।
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गोष्ठी के दौरान बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पूजा और लवली ने एक लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें अनपढ़ पत्नी और पढ़े लिखे पति के बीच होने वाले टकराव को दर्शाया गया। संचालन कर रही हिंदी की प्रोफेसर डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने शेर पढ़ा- दिल का स्पर्शीय अहसास है नारी, जीवन के संजोये पलों की प्यास है नारी। वह मां, बेटी, बहन सभी रिश्ते निभाती है, बस प्यार ही प्यार का अंदाज है नारी। छात्रा पूजा माथुर ने कहा कि बेटे को पढ़ाने पर केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, जबकि बेटी को पढ़ाने से परिवार, मोहल्ला, गांव और देश शिक्षित होता है। पूजा ने शेर पढ़ा- जिम्मेदारियों का बोझ जब परिवार पर पड़ा तो ऑटोरिक्शा, ट्रेन चलाने लगीं बेटियां, साहस के साथ अंतरिक्ष तक भेज डाला सुना है अब वायुयान भी उड़ाने लगीं बेटियां। हिंदी की एसोसिएट प्रोफेसर कमला माहेश्वरी ने कहा कि लोगों को लड़कियों के प्रति अपनी सोच बदलनी होगी। लड़कियां किसी से कम नहीं, जरूरत साहस जुटाने की है। कार्यक्रम अधिकारी सरला माहेश्वरी ने नारा बोला- नए दौर को अपनाओ, अपनी सोच पर पंख लगाओ। उन्होंने कहा कि बेटियां अपराजिता हैं। वे कोई भी मंजिल हासिल कर सकती हैं। परिवार और समाज को लोगों को पक्षपात छोड़ कर बेटियों को आगे बढ़ाना चाहिए।
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छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली
बुधवार सुबह करीब 11 बजे गिंदोदेवी महाविद्यालय की छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली। यह रैली महाविद्यालय से शुरू होकर पथिक चौक, मीराजी चौकी होते हुए बजरंग नगर पहुंचीं। इसमें शामिल छात्राएं महिला सुरक्षा और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं संबंधी नारे लगा रही थीं। रैली के बाद छात्राओं ने बजरंगनजगर मोहल्ले में घर-घर जाकर लोगों को महिलाओं की सुरक्षा और बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. साधना अग्रवाल, डॉ. गार्गी बुलबुल, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. कमला माहेश्वरी, डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी, डॉ. सरला चक्रवती और डॉ. इंदु शर्मा मौजूद रहीं।
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