{"_id":"5a5b67c44f1c1b66268b45d0","slug":"111515939780-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कटौती ने लोगों को कर दिया बेचैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कटौती ने लोगों को कर दिया बेचैन
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
Lights
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों को बेचैन कर दिया है। बार-बार ट्रिपिंग से शहरवासियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। ट्रिपिंग की वजह व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है तो विद्यार्थियों को पढ़ाई में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
वैसे तो आदेशों के अनुसार बिजली विभाग को रोजाना 20 घंटे सप्लाई देनी है, लेकिन हकीकत कुछ और है। रोजाना करीब छह से सात घंटे कटौती हो रही है। इसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सुबह शाम हो रही बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सुबह पांच बजे से करीब सात बजे तक बिजली कटौती हो रही है। दिन में भी बार-बार ट्रिपिंग से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम को भी करीब दो घंटे से अधिक कटौती होती है तो कभी-कभी रात को भी बिजली काट दी जाती है।
--
प्रभावित हो रहे कारोबार
बिजली की बार-बार की ट्रिपिंग से कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बिजली पर आश्रित कारोबारी बार-बार सप्लाई ब्रेक होने की वजह से समय पर आर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं। वेल्डिंग वर्क्स संचालक यूनिस खान का कहना है कि 20 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है। जबकि बिजली कंपनी का बिल हर महीने बराबर आ रहा है, जिससे उनके सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
------------
जब जरूरत तभी होती है कटौती
गृहणी सीमा गुप्ता का कहना है कि सुबह-शाम को बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। उसी वक्त बिजली की सबसे ज्यादा कटौती की जाती है। इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-----
जब मर्जी काट ली बिजली
अध्यापिका सीमा सिंह का कहना है कि बिजली की समस्या स्थायी हो गई है। जब मन चाहा तब बिजली कटौती कर ली जाती है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है।
----
ट्रिपिंग बनी परेशानी
व्यापारी सोनू कश्यप ने कहा कि लगातार हो रही बिजली ट्रिपिंग की वजह से व्यापार पर काफी फर्क पड़ रहा है। बिजली विभाग मनमानी पर उतारू है। चेकिंग के नाम पर परेशान करते हैं। लेकिन बिजली नहीं देते हैं।
---
दिनचर्या प्रभावित
अध्यापक सुमित का कहना है निर्धारित शेड्यूल के मुतबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। इस वजह से दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। बिजली की अघोषित से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
वैसे तो आदेशों के अनुसार बिजली विभाग को रोजाना 20 घंटे सप्लाई देनी है, लेकिन हकीकत कुछ और है। रोजाना करीब छह से सात घंटे कटौती हो रही है। इसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सुबह शाम हो रही बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सुबह पांच बजे से करीब सात बजे तक बिजली कटौती हो रही है। दिन में भी बार-बार ट्रिपिंग से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम को भी करीब दो घंटे से अधिक कटौती होती है तो कभी-कभी रात को भी बिजली काट दी जाती है।
विज्ञापन
--
प्रभावित हो रहे कारोबार
बिजली की बार-बार की ट्रिपिंग से कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बिजली पर आश्रित कारोबारी बार-बार सप्लाई ब्रेक होने की वजह से समय पर आर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं। वेल्डिंग वर्क्स संचालक यूनिस खान का कहना है कि 20 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है। जबकि बिजली कंपनी का बिल हर महीने बराबर आ रहा है, जिससे उनके सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
------------
जब जरूरत तभी होती है कटौती
गृहणी सीमा गुप्ता का कहना है कि सुबह-शाम को बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। उसी वक्त बिजली की सबसे ज्यादा कटौती की जाती है। इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-----
जब मर्जी काट ली बिजली
अध्यापिका सीमा सिंह का कहना है कि बिजली की समस्या स्थायी हो गई है। जब मन चाहा तब बिजली कटौती कर ली जाती है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है।
----
ट्रिपिंग बनी परेशानी
व्यापारी सोनू कश्यप ने कहा कि लगातार हो रही बिजली ट्रिपिंग की वजह से व्यापार पर काफी फर्क पड़ रहा है। बिजली विभाग मनमानी पर उतारू है। चेकिंग के नाम पर परेशान करते हैं। लेकिन बिजली नहीं देते हैं।
---
दिनचर्या प्रभावित
अध्यापक सुमित का कहना है निर्धारित शेड्यूल के मुतबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। इस वजह से दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। बिजली की अघोषित से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।