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शिक्षकों के समायोजन पर रोक
Updated Wed, 02 Aug 2017 06:26 PM IST
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बदायूं। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन को लेकर शुरू से ही विवाद रहा। 21 जुलाई को डायट में काउंसलिंग कराई गई थी, लेकिन अब हाईकोर्ट से स्टे होने के बाद शिक्षक-शिक्षकाओं को यथावत रहना होगा।
जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात 255 शिक्षक-शिक्षिकाओं को छात्र-शिक्षक अनुपात के तहत सरप्लस माना गया है। शासन से मिले निर्देशों के अनुसार इन सभी शिक्षकों का समायोजन किया गया था। डायट प्राचार्य के साथ ही बीएसए प्रेमचंद्र यादव आदि शिक्षा विभाग के अधिकारी काउंसलिंग में बैठे थे, महिला शिक्षिकाओं से उनके द्वारा दिए गए विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटित किए जा रहे थे। देर शाम बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि आज तीन दर्जन से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी समस्या को लेकर मनचाहे स्कूल में जाने के लिए प्रत्यावेदन दिए थे। महिला शिक्षकों और दिव्यांगों को वरीयता क्रम में रखा गया था, लेकिन अब ये लोग यथा स्कूल में ही रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रेमचंद्र यादव का कहना है कि हाईकोर्ट से स्टे हो गया है, जब तक कोई शासन और कोर्ट का निर्णय नही आता है तब पहले की तरह ही शिक्षण कार्य होगा। ब्यूरो
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जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात 255 शिक्षक-शिक्षिकाओं को छात्र-शिक्षक अनुपात के तहत सरप्लस माना गया है। शासन से मिले निर्देशों के अनुसार इन सभी शिक्षकों का समायोजन किया गया था। डायट प्राचार्य के साथ ही बीएसए प्रेमचंद्र यादव आदि शिक्षा विभाग के अधिकारी काउंसलिंग में बैठे थे, महिला शिक्षिकाओं से उनके द्वारा दिए गए विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटित किए जा रहे थे। देर शाम बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि आज तीन दर्जन से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी समस्या को लेकर मनचाहे स्कूल में जाने के लिए प्रत्यावेदन दिए थे। महिला शिक्षकों और दिव्यांगों को वरीयता क्रम में रखा गया था, लेकिन अब ये लोग यथा स्कूल में ही रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रेमचंद्र यादव का कहना है कि हाईकोर्ट से स्टे हो गया है, जब तक कोई शासन और कोर्ट का निर्णय नही आता है तब पहले की तरह ही शिक्षण कार्य होगा। ब्यूरो
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