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109 ग्राम प्रधानों को नहीं दिलाई जा सकी है शपथ
बदायूं।
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:21 PM IST
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जिले में 109 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें चुनाव के बाद भी प्रधानों को शपथ नहीं दिलाई जा सकी है। इन ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम ही पूरा नहीं हो सका है। हाल ही में हुए उपचुनाव के बाद तमाम ग्राम पंचायतों के सदस्य बोर्ड का कोरम पूरा होता दिख रहा है। माना जा रहा है कि सभी 1038 ग्राम पंचायतों में अब ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम पूरा हो जाएगा। इसके लिए उपचुनाव की लिस्ट मंगाकर ग्राम पंचायतों के कोरम की जांच शुरू कर दी गई है।
जिले में गत वर्ष 885 ग्राम पंचायतें थीं। नए परिसीमन के बाद 153 ग्राम पंचायतों में इजाफा हुआ और ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 1038 हो गई है। हाल ही में पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायतों को गठन हुआ। बड़ी तादाद में ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रह गए। 109 ग्राम पंचायतें ऐसी रह गईं जिनमें 2/3 सदस्य भी पूरे नहीं हुए। यही वजह रही कि इन ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों को शपथ तक नहीं दिलाई गई।
तलब किया उप चुनाव का ब्योरा
जिला पंचायतराज विभाग ने इसे जांचने के लिए चुनाव कार्यालय से परिणामों का ब्योरा मंगा लिया है। इस ब्योरा के परीक्षण के बाद यह सुनिश्चित हो जाएगा कि सभी ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ कि नहीं। जिन ग्राम पंचायतों को कोरम पूरा हो जाएगा, उन ग्राम पंचायतों के प्रधानों को शपथ ग्रहण करा दी जाएगी।
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प्रधान बन सकते थे एमएलसी चुनाव में वोटर
एमएलसी चुनाव की घोषणा हो चुकी है। इसकी वोटरलिस्ट भी जारी हो चुकी है। नवनिर्वाचित ऐसे तमाम प्रधान हैं, जिनके नाम इस वोटरलिस्ट में नहीं हैं। तीन मार्च को एमएलसी के चुनाव होने हैं। जिन नवनिर्वाचित प्रधानों के वोटरलिस्ट में नाम नहीं हैं, वे एमएलसी चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। दरअसल, जिन प्रधानों के नाम वोटरलिस्ट में नहीं हैं, वे कोरम पूरा न होने के अभाव में शपथ ग्रहण नहीं कर सके थे और नियमानुसार शपथ ग्रहण न करने वाले प्रधान एमएलसी चुनाव में वोटर नहीं बन सकते।
उपचुनाव में लगभग सभी ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा हो चुका होगा। इसके लिए चुनाव कार्यालय से उव चुनाव के परिणाम परीक्षण को मंगाए गए हैं। परीक्षण उपरांत पता लग सकेगा कि सभी ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ या नहीं। इसके बाद अवशेष प्रधानों को भी शपथ ग्रहण के लिए अनुमति मांगी जाएगी।
- राजेश यादव, पंचायतराज अधिकारी, बदायूं
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जिले में गत वर्ष 885 ग्राम पंचायतें थीं। नए परिसीमन के बाद 153 ग्राम पंचायतों में इजाफा हुआ और ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 1038 हो गई है। हाल ही में पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायतों को गठन हुआ। बड़ी तादाद में ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रह गए। 109 ग्राम पंचायतें ऐसी रह गईं जिनमें 2/3 सदस्य भी पूरे नहीं हुए। यही वजह रही कि इन ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों को शपथ तक नहीं दिलाई गई।
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तलब किया उप चुनाव का ब्योरा
जिला पंचायतराज विभाग ने इसे जांचने के लिए चुनाव कार्यालय से परिणामों का ब्योरा मंगा लिया है। इस ब्योरा के परीक्षण के बाद यह सुनिश्चित हो जाएगा कि सभी ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ कि नहीं। जिन ग्राम पंचायतों को कोरम पूरा हो जाएगा, उन ग्राम पंचायतों के प्रधानों को शपथ ग्रहण करा दी जाएगी।
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प्रधान बन सकते थे एमएलसी चुनाव में वोटर
एमएलसी चुनाव की घोषणा हो चुकी है। इसकी वोटरलिस्ट भी जारी हो चुकी है। नवनिर्वाचित ऐसे तमाम प्रधान हैं, जिनके नाम इस वोटरलिस्ट में नहीं हैं। तीन मार्च को एमएलसी के चुनाव होने हैं। जिन नवनिर्वाचित प्रधानों के वोटरलिस्ट में नाम नहीं हैं, वे एमएलसी चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। दरअसल, जिन प्रधानों के नाम वोटरलिस्ट में नहीं हैं, वे कोरम पूरा न होने के अभाव में शपथ ग्रहण नहीं कर सके थे और नियमानुसार शपथ ग्रहण न करने वाले प्रधान एमएलसी चुनाव में वोटर नहीं बन सकते।
उपचुनाव में लगभग सभी ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा हो चुका होगा। इसके लिए चुनाव कार्यालय से उव चुनाव के परिणाम परीक्षण को मंगाए गए हैं। परीक्षण उपरांत पता लग सकेगा कि सभी ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ या नहीं। इसके बाद अवशेष प्रधानों को भी शपथ ग्रहण के लिए अनुमति मांगी जाएगी।
- राजेश यादव, पंचायतराज अधिकारी, बदायूं