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608 अभ्यर्थियों ने छोड़ दी टीईटी परीक्षा
Updated Sun, 18 Nov 2018 08:59 PM IST
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बदायूं। शहर के 16 केंद्रों पर रविवार को हुई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में 608 अभ्यर्थी नदारद रहे। किसी केंद्र पर कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार और जेडी प्रदीप कुमार ने केंद्रों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि वे किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं करें।
रविवार को टीईटी परीक्षा की प्रथम पाली सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक चली। प्रथम पाली प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में सभी 16 केंद्रों पर 9566 में 9160 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसमें 406 अनुपस्थित रहे। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा अपराह्न 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक हुई। इसमें सात केंद्र थे। 4746 में 4544 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार शर्मा ने प्रथम पाली में हाफिज सिद्दीकी इस्लामिया इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। इधर, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार के अलावा एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा, एसडीएम सदर ने भी केंद्रों का जायजा लिया। डीआईओएस राममूरत ने बताया कि किसी भी केंद्र पर कोई अभ्यर्थी अनुचित साधन में नहीं पकड़ा गया। दोनों पालियों में कुल 608 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
अभ्यर्थियों की ली गहनता से तलाशी
टीईटी परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की केंद्र के बाहर की गहनता से तलाशी ली गई। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल लेकर अंदर नहीं जाने दिया गया।
पुलिस ने केंद्रों से दौड़ा दिए लोग
टीईटी परीक्षा के दौरान 200 मीटर की दूरी तक किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वंचित था। सो केंद्रों के बाहर तैनात पुलिस फोर्स ने कई लोगों को केंद्रों के आसपास से दौड़ा दिया।
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कड़ी सुरक्षा में खोले गए प्रश्नपत्र के बंडल
टीईटी की दो पालियों में परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगारानी के बीच हुई। वहीं प्रश्नपत्रों के बंडल खोलते समय वीडियोग्राफी हुई। परीक्षा संपंन होने पर उत्तर पुस्तिकाएं भी वीडियोग्राफी के बीच सील की गईं। डीआईओएस कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया गया।
प्रमाण पत्र नहीं होने की वजह से नहीं दे सके परीक्षा
टीईटी की परीक्षा देने पहुंचे, कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों के बाहर ही भटकते रहे। क्योंकि उनके पास में बीटीसी और बीएड के प्रमाणपत्र नहीं थे। इस वजह से उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया।
दिव्यांग की फरियाद पर नहीं पिघले अधिकारी
टीईटी की परीक्षा में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसके लिए अधिकारियों ने काफी इंतजाम किए थे। इसी इंतजाम के चलते दिव्यांगों को टीईटी परीक्षा में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के श्री कृष्ण इंटर कॉलेज में प्राथमिक स्तर की परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी का दूसरी मंजिल पर एक कक्ष में सेंटर पड़ा। उन्होंने इसकी जानकारी दी लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी। उसे गोदी में लेकर कक्ष तक उनके परिजनों ने पहुंचाया।
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रविवार को टीईटी परीक्षा की प्रथम पाली सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक चली। प्रथम पाली प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में सभी 16 केंद्रों पर 9566 में 9160 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसमें 406 अनुपस्थित रहे। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा अपराह्न 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक हुई। इसमें सात केंद्र थे। 4746 में 4544 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार शर्मा ने प्रथम पाली में हाफिज सिद्दीकी इस्लामिया इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। इधर, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार के अलावा एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा, एसडीएम सदर ने भी केंद्रों का जायजा लिया। डीआईओएस राममूरत ने बताया कि किसी भी केंद्र पर कोई अभ्यर्थी अनुचित साधन में नहीं पकड़ा गया। दोनों पालियों में कुल 608 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
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अभ्यर्थियों की ली गहनता से तलाशी
टीईटी परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की केंद्र के बाहर की गहनता से तलाशी ली गई। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल लेकर अंदर नहीं जाने दिया गया।
पुलिस ने केंद्रों से दौड़ा दिए लोग
टीईटी परीक्षा के दौरान 200 मीटर की दूरी तक किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वंचित था। सो केंद्रों के बाहर तैनात पुलिस फोर्स ने कई लोगों को केंद्रों के आसपास से दौड़ा दिया।
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कड़ी सुरक्षा में खोले गए प्रश्नपत्र के बंडल
टीईटी की दो पालियों में परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगारानी के बीच हुई। वहीं प्रश्नपत्रों के बंडल खोलते समय वीडियोग्राफी हुई। परीक्षा संपंन होने पर उत्तर पुस्तिकाएं भी वीडियोग्राफी के बीच सील की गईं। डीआईओएस कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया गया।
प्रमाण पत्र नहीं होने की वजह से नहीं दे सके परीक्षा
टीईटी की परीक्षा देने पहुंचे, कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों के बाहर ही भटकते रहे। क्योंकि उनके पास में बीटीसी और बीएड के प्रमाणपत्र नहीं थे। इस वजह से उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया।
दिव्यांग की फरियाद पर नहीं पिघले अधिकारी
टीईटी की परीक्षा में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसके लिए अधिकारियों ने काफी इंतजाम किए थे। इसी इंतजाम के चलते दिव्यांगों को टीईटी परीक्षा में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के श्री कृष्ण इंटर कॉलेज में प्राथमिक स्तर की परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी का दूसरी मंजिल पर एक कक्ष में सेंटर पड़ा। उन्होंने इसकी जानकारी दी लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी। उसे गोदी में लेकर कक्ष तक उनके परिजनों ने पहुंचाया।